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आरोग्य मेला : दवा के साथ स्वच्छता के महत्व को बताया
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प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र बिस्कोहर में मरीजों की जांच करते डाॅ. एससी शर्मा। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
भनवापुर। ब्लाॅक क्षेत्र की पीएचसी तरहर, बिजौरा व सोहना में रविवार को जन आरोग्य स्वास्थ्य मेले का आयोजन किया गया। मेले में गैस्ट्राइटिस, फंगल इन्फेक्शन, जोड़ों में दर्द, त्वचा रोग आदि के 107 मरीजों का इलाज कर निशुल्क दवाओं का वितरण किया गया। इस दौरान सीने में दर्द से संबंधित मरीज को उच्च स्वास्थ्य केंद्र भेजा गया।
पीएचसी तरहर में डॉ. हनुमंत लाल मिश्रा ने 33 मरीज, पीएचसी बिजौरा में डॉ. इर्शदेव आर्या ने 38 व पीएचसी सोहना में डॉ. सबीहा मलिक ने 36 मरीजों का इलाज कर दवाई दी।
डॉ. शैलेंद्र मणि ओझा ने बताया कि वर्तमान में संक्रामक रोग तथा डायरिया के मरीजों की संख्या बढ़ने की संभावना ज्यादा होती है।
उन्होंने बताया कि 31 जुलाई तक दस्तक एवं डायरिया रोकथाम कार्यक्रम के तहत आशा बहू एवं आंगनबाड़ी के द्वारा ग्राम स्तर पर संक्रामक रोग नियंत्रण के लिए जागरूक किया जा रहा है। डायरिया प्रबंधन में ओआरएस एवं जिंक के महत्व की जानकारी दी जा रही है।
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अधीक्षक ने बताया कि डायरिया का प्रभाव पांच साल तक के बच्चों, कुपोषित व अतिकुपोषित तथा गर्भवतियों में अधिक होता है। इसलिए डायरिया के समय चिकित्सकीय इलाज व परामर्श बहुत जरूरी है।
इस दौरान पीएन तिवारी, कौस्तुभ तिवारी, अजय पांडेय, प्रिंस पांडेय, अमित तिवारी, रवींद्र कुमार, अश्वनी अग्रहरि,अखिलेश त्रिपाठी, मनोज मिश्र मौजूद रहे।
30 मरीजों का उपचार कर दी दवाएं: सकारपार। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र गोनहाडीह में 30 मरीजों का परीक्षण कर उन्हें जरूरी दवाइयां दी गईं।
इस समय सर्दी-जुकाम, बुखार एवं उल्टी-दस्त के मरीज पहुंच रहे हैं। सबसे अधिक त्वचा से संबंधित मरीज पहुंच रहे हैं। इनको शरीर में खुजलाहट की समस्या हो रही है। जिन्हें दवाइयां दी गईं। आंख से संबंधित आठ मरीज इलाज कराने अस्पताल पहुंचे। उनकी आंख के लिए आई ड्रॉप दिया गया। साथ ही धूल एवं धूप से बचने के लिए सलाह दी गई। प्रभारी डॉ. एस. गयासुद्दीन ने बताया कि मौसम में बदलाव के कारण लोग अधिक बीमार पड़ रहे हैं।
गर्मी अधिक पढ़ने से त्वचा में खुजलाहट, धूप में निकलने वाले लोगों की आंख लाल होना एवं शरद- गरम से लोगों को बुखार जैसी समस्याएं हो रही हैं। खानपान पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। ि
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भनवापुर। ब्लाॅक क्षेत्र की पीएचसी तरहर, बिजौरा व सोहना में रविवार को जन आरोग्य स्वास्थ्य मेले का आयोजन किया गया। मेले में गैस्ट्राइटिस, फंगल इन्फेक्शन, जोड़ों में दर्द, त्वचा रोग आदि के 107 मरीजों का इलाज कर निशुल्क दवाओं का वितरण किया गया। इस दौरान सीने में दर्द से संबंधित मरीज को उच्च स्वास्थ्य केंद्र भेजा गया।
पीएचसी तरहर में डॉ. हनुमंत लाल मिश्रा ने 33 मरीज, पीएचसी बिजौरा में डॉ. इर्शदेव आर्या ने 38 व पीएचसी सोहना में डॉ. सबीहा मलिक ने 36 मरीजों का इलाज कर दवाई दी।
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डॉ. शैलेंद्र मणि ओझा ने बताया कि वर्तमान में संक्रामक रोग तथा डायरिया के मरीजों की संख्या बढ़ने की संभावना ज्यादा होती है।
उन्होंने बताया कि 31 जुलाई तक दस्तक एवं डायरिया रोकथाम कार्यक्रम के तहत आशा बहू एवं आंगनबाड़ी के द्वारा ग्राम स्तर पर संक्रामक रोग नियंत्रण के लिए जागरूक किया जा रहा है। डायरिया प्रबंधन में ओआरएस एवं जिंक के महत्व की जानकारी दी जा रही है।
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अधीक्षक ने बताया कि डायरिया का प्रभाव पांच साल तक के बच्चों, कुपोषित व अतिकुपोषित तथा गर्भवतियों में अधिक होता है। इसलिए डायरिया के समय चिकित्सकीय इलाज व परामर्श बहुत जरूरी है।
इस दौरान पीएन तिवारी, कौस्तुभ तिवारी, अजय पांडेय, प्रिंस पांडेय, अमित तिवारी, रवींद्र कुमार, अश्वनी अग्रहरि,अखिलेश त्रिपाठी, मनोज मिश्र मौजूद रहे।
30 मरीजों का उपचार कर दी दवाएं: सकारपार। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र गोनहाडीह में 30 मरीजों का परीक्षण कर उन्हें जरूरी दवाइयां दी गईं।
इस समय सर्दी-जुकाम, बुखार एवं उल्टी-दस्त के मरीज पहुंच रहे हैं। सबसे अधिक त्वचा से संबंधित मरीज पहुंच रहे हैं। इनको शरीर में खुजलाहट की समस्या हो रही है। जिन्हें दवाइयां दी गईं। आंख से संबंधित आठ मरीज इलाज कराने अस्पताल पहुंचे। उनकी आंख के लिए आई ड्रॉप दिया गया। साथ ही धूल एवं धूप से बचने के लिए सलाह दी गई। प्रभारी डॉ. एस. गयासुद्दीन ने बताया कि मौसम में बदलाव के कारण लोग अधिक बीमार पड़ रहे हैं।
गर्मी अधिक पढ़ने से त्वचा में खुजलाहट, धूप में निकलने वाले लोगों की आंख लाल होना एवं शरद- गरम से लोगों को बुखार जैसी समस्याएं हो रही हैं। खानपान पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। ि