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Gorakhpur News: आवेदकों को मिलने लगा ड्राइविंग लाइसेंस
Sun, 14 Jul 2024 01:49 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Sun, 14 Jul 2024 01:49 AM IST
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- परिवहन विभाग ने शुरू की डिलीवरी
-साफ्टवेयर में गड़बड़ी से डंप पड़े थे लगभग 5000 ड्राइविंग लाइसेंस
संवाद न्यूज एजेंसी
गोरखपुर। शहीद बंधू सिंह चालक प्रशिक्षण केंद्र चरगांवां में टेस्ट पास करने के बाद लगभग एक महीने से भी ज्यादा समय से परमानेंट ड्राइविंग लाइसेंस के लिए इंतजार कर रहे आवेदकों को ड्राइविंग लाइसेंस अब उनके घर के पते पर डाक से मिलना शुरू हो गया है। साफ्टवेयर में गड़बड़ी से लगभग 5000 आवेदकों के ड्राइविंग लाइसेंस की डिलीवरी परिवहन विभाग नहीं कर पा रहा था।
साफ्टवेयर के ठीक होने के बाद आवेदकों का डाटा फीड कर बारी-बारी से परिवहन विभाग की ओर से लोगों के ड्राइविंग लाइसेंस भेजे जा रहे हैं। इलाहीबाग के रहने वाले आवेदक वशीम शाही ने बताया कि उनका परमानेंट ड्राइविंग लाइसेंस मई से ही नहीं मिल पा रहा था, जाे डाक से आठ जुलाई को प्राप्त हुआ है। वहीं, दूसरी तरफ कुनराघाट के महादेव झारखंडी मंदिर निवासी गंगा गुप्ता ने बताया कि मई के पहले सप्ताह में आवेदन करने के बाद प्रक्रिया पूरी की गई थी। काफी इंतजार के बाद नौ जुलाई को मेरा ड्राइविंग लाइसेंस डाक से मिल गया।
वर्जन--
साफ्टवेयर में गड़बड़ी से आवेदकों के परमानेंट ड्राइविंग लाइसेंस नहीं मिल पा रहे थे। गड़बड़ी को ठीक करा कर आवेदकों के ड्राइविंग लाइसेंस डाक से भेजे जा रहे हैं। लागों को मिले भी हैं।
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-अरूण कुमार, एआरटीओ प्रशासन, परिवहन विभाग
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-साफ्टवेयर में गड़बड़ी से डंप पड़े थे लगभग 5000 ड्राइविंग लाइसेंस
संवाद न्यूज एजेंसी
गोरखपुर। शहीद बंधू सिंह चालक प्रशिक्षण केंद्र चरगांवां में टेस्ट पास करने के बाद लगभग एक महीने से भी ज्यादा समय से परमानेंट ड्राइविंग लाइसेंस के लिए इंतजार कर रहे आवेदकों को ड्राइविंग लाइसेंस अब उनके घर के पते पर डाक से मिलना शुरू हो गया है। साफ्टवेयर में गड़बड़ी से लगभग 5000 आवेदकों के ड्राइविंग लाइसेंस की डिलीवरी परिवहन विभाग नहीं कर पा रहा था।
साफ्टवेयर के ठीक होने के बाद आवेदकों का डाटा फीड कर बारी-बारी से परिवहन विभाग की ओर से लोगों के ड्राइविंग लाइसेंस भेजे जा रहे हैं। इलाहीबाग के रहने वाले आवेदक वशीम शाही ने बताया कि उनका परमानेंट ड्राइविंग लाइसेंस मई से ही नहीं मिल पा रहा था, जाे डाक से आठ जुलाई को प्राप्त हुआ है। वहीं, दूसरी तरफ कुनराघाट के महादेव झारखंडी मंदिर निवासी गंगा गुप्ता ने बताया कि मई के पहले सप्ताह में आवेदन करने के बाद प्रक्रिया पूरी की गई थी। काफी इंतजार के बाद नौ जुलाई को मेरा ड्राइविंग लाइसेंस डाक से मिल गया।
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साफ्टवेयर में गड़बड़ी से आवेदकों के परमानेंट ड्राइविंग लाइसेंस नहीं मिल पा रहे थे। गड़बड़ी को ठीक करा कर आवेदकों के ड्राइविंग लाइसेंस डाक से भेजे जा रहे हैं। लागों को मिले भी हैं।
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-अरूण कुमार, एआरटीओ प्रशासन, परिवहन विभाग