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सामग्री का भुगतान नहीं होने से अधर में अटके पशु शेड
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सामग्री का भुगतान नहीं होने से अधर में अटके पशु शेड
- मनरेगा के तहत गांवों में पशुपालकों के लिए बनने हैं शेड
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। मनरेगा के तहत एक वर्ष से सामग्री का भुगतान नहीं होने से जिले के सभी 14 ब्लॉकों में डेढ़ हजार से अधिक पशु पालकों का पशु शेड बनवाने का सपना पूरा नहीं हो पा रहा। वहीं, कुछ पशु पालक सरकारी अनुदान की उम्मीद में पशु शेड का निर्माण शुरू कराया, लेकिन भुगतान नहीं मिलने से अधूरा पड़ा हुआ है।
पशु पालकों को मनरेगा के तहत पशु शेड मुहैया कराने की योजना पर एक वर्ष से रोड़ा अटक गया है। जिले के 1,136 ग्राम पंचायतों में अब तक मनरेगा के तहत तीन हजार से अधिक पशु शेड का निर्माण हो चुका है। इससे पशु पालकों को पशुओं को आवासीय सुविधा मुहैया कराने एवं उन्हें सुरक्षित रखने में सहूलियत होगी। वहीं, डेढ़ सौ से अधिक पशुपालकों ने सरकारी अनुदान के इंतजार में पशु शेड का निर्माण शुरू करा दिया, लेकिन अनुदान नहीं मिलने से निमार्ण अधर में लटका है। उसका क्षेत्र के पशु पालक वीरेंद्र यादव, रामचरन, सीताराम का कहना है कि पिछले वर्ष पशुओं के आवासीय व्यवस्था के लिए पशु शेड बनवाने को ग्राम प्रधान के माध्यम से प्रयास किया, लेकिन बजट का अभाव बताते हुए ग्राम पंचायत अधिकारी एवं अन्य कर्मियों ने हाथ खड़ा कर दिया। बर्डपुर क्षेत्र के पशु पालक अरशद, दीनदयाल, रामचंदर का कहना है कि सरकारी अनुदान के उम्मीद में पशु शेड का निर्माण शुरू कर दिया, लेकिन बजट नहीं आने से निर्माण अधूरा पड़ा हुआ है। डीसी मनरेगा संजय शर्मा ने बताया कि मनरेगा के तहत उपलब्ध धनराशि एवं कार्ययोजना के अनुसार कार्य कराया जा रहा है, पात्र पशु पालकों के पशु शेड निर्माण कराए जाएंगे।
मनरेगा के तहत जनवरी 2022 से ही सामग्री पर भुगतान की धनराशि का आवंटन नहीं होने की जानकारी है, शासन से इस संबंध में पत्राचार किया गया है, जल्द ही सामग्री संबंधी धनराशि आवंटित होगा।
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- संजीव रंजन, डीएम
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- मनरेगा के तहत गांवों में पशुपालकों के लिए बनने हैं शेड
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। मनरेगा के तहत एक वर्ष से सामग्री का भुगतान नहीं होने से जिले के सभी 14 ब्लॉकों में डेढ़ हजार से अधिक पशु पालकों का पशु शेड बनवाने का सपना पूरा नहीं हो पा रहा। वहीं, कुछ पशु पालक सरकारी अनुदान की उम्मीद में पशु शेड का निर्माण शुरू कराया, लेकिन भुगतान नहीं मिलने से अधूरा पड़ा हुआ है।
पशु पालकों को मनरेगा के तहत पशु शेड मुहैया कराने की योजना पर एक वर्ष से रोड़ा अटक गया है। जिले के 1,136 ग्राम पंचायतों में अब तक मनरेगा के तहत तीन हजार से अधिक पशु शेड का निर्माण हो चुका है। इससे पशु पालकों को पशुओं को आवासीय सुविधा मुहैया कराने एवं उन्हें सुरक्षित रखने में सहूलियत होगी। वहीं, डेढ़ सौ से अधिक पशुपालकों ने सरकारी अनुदान के इंतजार में पशु शेड का निर्माण शुरू करा दिया, लेकिन अनुदान नहीं मिलने से निमार्ण अधर में लटका है। उसका क्षेत्र के पशु पालक वीरेंद्र यादव, रामचरन, सीताराम का कहना है कि पिछले वर्ष पशुओं के आवासीय व्यवस्था के लिए पशु शेड बनवाने को ग्राम प्रधान के माध्यम से प्रयास किया, लेकिन बजट का अभाव बताते हुए ग्राम पंचायत अधिकारी एवं अन्य कर्मियों ने हाथ खड़ा कर दिया। बर्डपुर क्षेत्र के पशु पालक अरशद, दीनदयाल, रामचंदर का कहना है कि सरकारी अनुदान के उम्मीद में पशु शेड का निर्माण शुरू कर दिया, लेकिन बजट नहीं आने से निर्माण अधूरा पड़ा हुआ है। डीसी मनरेगा संजय शर्मा ने बताया कि मनरेगा के तहत उपलब्ध धनराशि एवं कार्ययोजना के अनुसार कार्य कराया जा रहा है, पात्र पशु पालकों के पशु शेड निर्माण कराए जाएंगे।
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मनरेगा के तहत जनवरी 2022 से ही सामग्री पर भुगतान की धनराशि का आवंटन नहीं होने की जानकारी है, शासन से इस संबंध में पत्राचार किया गया है, जल्द ही सामग्री संबंधी धनराशि आवंटित होगा।
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- संजीव रंजन, डीएम