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आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने फूंकी साड़ी
ब्यूरो/अमर उजाला सिद्धार्थनगर
Updated Tue, 13 Sep 2016 10:17 PM IST
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सिद्धार्थनगर। पंद्रह सूत्री मांगों को लेकर दस दिनों से प्रदर्शन और जाम लगा रहीं आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने मंगलवार को अपनी यूनिफार्म फूंक दीं। कलेक्ट्रेट परिसर में हरी साड़ी जलाकर प्रदर्शन किया। साथ ही सरकार विरोधी नारे लगाए। आगाह किया कि अगर उनकी मांगों की और अनदेखी की गई तो वह आंदोलन को इससे भी उग्र रूप देने को बाध्य होंगी।
महिला आंगनबाड़ी कर्मचारी संघ के बैनर तले लामबंद कार्यकर्ता व सहायिकाएं दो सितंबर से कलमबंद हड़ताल पर हैं। सरकार की ओर से अब तक कोई सार्थक कदम न उठाए जाने से क्षुब्ध कार्यकर्ता मंगलवार को कलेक्ट्रेट परिसर में एकत्रित हुए। मांगों के समर्थन में नारे लगाते हुए प्रदर्शन किया और यूनिफार्म के रूप में मिली हरी साड़ी में आग लगा दी। एक-एक कर दर्जनों कार्यकर्ताओं ने अपनी यूनिफार्म जला दी। उनका कहना था कि नाममात्र के मानदेय पर वह अब सेवाएं नहीं देंगी।
सरकार को मानदेय में बढ़ोतरी करनी ही होगी। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने अंतिम दम तक संघर्ष करने और अधिकार लेने के बाद ही आंदोलन खत्म करने का ऐलान किया। जिलाध्यक्ष प्रभावती देवी ने कहा कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व सहायिका के रूप में अति पिछड़े, दलित व गरीब परिवार की महिला सदस्य गांव-गांव में स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचा रही हैं, बावजूद उन्हें अल्प मानदेय दिया जा रहा है। सरकार की यह अनदेखी अब नहीं सही जाएगी। प्रदर्शन में जिला महामंत्री किरन श्रीवास्तव, जिला संरक्षक मकबूल आलम, कौशकी त्रिपाठी, मधु यादव, रीता दुबे, इंद्रावती देवी, शारदा, पूनम त्रिपाठी, प्रीति रानी, विद्यावती, किसलावदी, मंजू आदि शामिल रहीं।
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महिला आंगनबाड़ी कर्मचारी संघ के बैनर तले लामबंद कार्यकर्ता व सहायिकाएं दो सितंबर से कलमबंद हड़ताल पर हैं। सरकार की ओर से अब तक कोई सार्थक कदम न उठाए जाने से क्षुब्ध कार्यकर्ता मंगलवार को कलेक्ट्रेट परिसर में एकत्रित हुए। मांगों के समर्थन में नारे लगाते हुए प्रदर्शन किया और यूनिफार्म के रूप में मिली हरी साड़ी में आग लगा दी। एक-एक कर दर्जनों कार्यकर्ताओं ने अपनी यूनिफार्म जला दी। उनका कहना था कि नाममात्र के मानदेय पर वह अब सेवाएं नहीं देंगी।
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सरकार को मानदेय में बढ़ोतरी करनी ही होगी। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने अंतिम दम तक संघर्ष करने और अधिकार लेने के बाद ही आंदोलन खत्म करने का ऐलान किया। जिलाध्यक्ष प्रभावती देवी ने कहा कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व सहायिका के रूप में अति पिछड़े, दलित व गरीब परिवार की महिला सदस्य गांव-गांव में स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचा रही हैं, बावजूद उन्हें अल्प मानदेय दिया जा रहा है। सरकार की यह अनदेखी अब नहीं सही जाएगी। प्रदर्शन में जिला महामंत्री किरन श्रीवास्तव, जिला संरक्षक मकबूल आलम, कौशकी त्रिपाठी, मधु यादव, रीता दुबे, इंद्रावती देवी, शारदा, पूनम त्रिपाठी, प्रीति रानी, विद्यावती, किसलावदी, मंजू आदि शामिल रहीं।
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