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Siddharthnagar News: सांड़ के हमले में घायल बुजुर्ग की इलाज के दौरान मौत
Thu, 23 Nov 2023 02:12 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Thu, 23 Nov 2023 02:12 AM IST
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डुमरियागंज थाना क्षेत्र के ग्राम कलीचक का मामला, पराली इकट्ठा करने के दौरान किया था हमला
संवाद न्यूज एजेंसी
भनवापुर। डुमरियागंज थाना के कलीचक गांव में सांड़ के हमले में घायल बुजुर्ग की इलाज के दौरान बुधवार को मौत हो गई। शनिवार को खेत में पराली इकट्ठा कर रहे हनीफ पर सांड़ ने हमला बोलकर गंभीर रूप से घायल कर दिया था।
जानकारी के अनुसार, डुमरियागंज थाना क्षेत्र के कलीचक गांव निवासी अब्दुल हनीफ (65) शनिवार को दोपहर करीब दो बजे अपने खेत में पराली इकट्ठा कर रहे थे। इसी बीच छुट्टा सांड़ ने हमला बोल दिया। आसपास खेत में काम कर रहे लोगों ने दौड़कर किसी तरह से हनीफ को बचा लिया। तब तक वह गंभीर रूप से घायल हो गए थे। घायलावस्था में हनीफ को परिजन, सीएचसी सिरसिया ले गए, जहां डाॅक्टरों ने हालत गंभीर देखकर जिला अस्पताल के लिए रेफर कर दिया। इसके बाद परिजन उनका इलाज कराने के लिए बस्ती स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती कराए, जहां उनकी मौत हो गई।
इस संबंध में एसओ डुमरियागंज मुकेश कुमार राय ने कहा कि सांड़ के हमले में किसान की मौत की जानकारी नही है। परिजनों की ओर से कोई सूचना दी जाती है तो आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
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हादसों के बाद भी नहीं टूट रही प्रशासन की नींद
सांड़ के हमले में कई लोग हो चुके हैं घायल
संवाद न्यूज एजेंसी
भनवापुर। ब्लाॅक क्षेत्र के ग्राम अंदुआ शनिचरा, सेखुई गोवर्धन, कलीचक, सेमरा बनकसिया, सहिजवार आदि गांवों के किसान सांड़ के हमले का दर्द झेल चुके हैं। इन हमलों में घायल हुए लोगों की जान तो नहीं गई थी लेकिन कई लोग गंभीर चोट लगने से दिव्यांग हो चुके हैं।
क्षेत्र के अंदुआ शनिचरा गांव निवासी राम गोविंद शुक्ल (60), 27 मई को अपनी भैंस को गांव के तालाब में नहलाने गए थे। इसी बीच सांड़ ने हमला कर घायल कर दिया। घटना में राम गोविंद के पेट व पैर में गंभीर चोट आई। जिनका इलाज बस्ती के कैली अस्पताल में पंद्रह दिनों तक चला। क्षेत्र के सहिजवार गांव निवासी भगवती जायसवाल (70) एक जून को सुबह अपने पशुओं के लिए चारा काटने खेत में गए थे। जहां सांड़ ने हमला कर दिया और वह गंभीर रूप से घायल हो कर बेहोश हो गए। लंबे इलाज के बाद परिजनों ने किसी तरह से उनकी जान बचाई।
सेखुई गोवर्धन गांव निवासी रामदेव (45) सितंबर माह में अपने पशुओं को चराने गए थे। जहां सांड़ ने हमला कर दिया। रामदेव बुरी तरह घायल हो गए। परिजन इलाज के लिए बस्ती जिला अस्पताल ले गए। जहां करीब एक माह तक इलाज चला, मगर डाॅक्टरों ने रीढ़ की हड्डी टूटने की बात कह कर घर भेज दिया। आज भी रामदेव दिव्यांग हो कर चारपाई पर पड़े हैं। इसी गांव के दिलीप वर्मा (39) अपने घर के बाहर निकले थे, तभी सांड़ ने हमला कर दिया। घर में मौजूद लोगों ने किसी तरह से उन्हें बचा लिया। क्षेत्र के अवधेश मिश्रा, मुरली शुक्ल, सुरेंद्र, ओमप्रकाश ने बताया कि अब तो छुट्टा सांड़ के कारण खेतों में जाना मुश्किल हो रहा है। कब और कहां सांड़ हमला कर घायल कर दे, कुछ कहा नहीं जा सकता है। लोगों ने प्रशासन से हमलावर सांड़ को पकड़वाने की मांग की है।
इस संबंध में एसडीएम डुमरियागंज परवेंद्र कुमार ने कहा कि बीडीओ भनवापुर को छुट्टा पशुओं का प्रबंध करने के लिए निर्देशित किया गया है। अभियान चलाकर छुट्टा पशुओं को गोशालाओं तक पहुंचाने का काम किया जाएगा, ताकि ऐसे हादसों से बचा जा सके।
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डुमरियागंज थाना क्षेत्र के ग्राम कलीचक का मामला, पराली इकट्ठा करने के दौरान किया था हमला
संवाद न्यूज एजेंसी
भनवापुर। डुमरियागंज थाना के कलीचक गांव में सांड़ के हमले में घायल बुजुर्ग की इलाज के दौरान बुधवार को मौत हो गई। शनिवार को खेत में पराली इकट्ठा कर रहे हनीफ पर सांड़ ने हमला बोलकर गंभीर रूप से घायल कर दिया था।
जानकारी के अनुसार, डुमरियागंज थाना क्षेत्र के कलीचक गांव निवासी अब्दुल हनीफ (65) शनिवार को दोपहर करीब दो बजे अपने खेत में पराली इकट्ठा कर रहे थे। इसी बीच छुट्टा सांड़ ने हमला बोल दिया। आसपास खेत में काम कर रहे लोगों ने दौड़कर किसी तरह से हनीफ को बचा लिया। तब तक वह गंभीर रूप से घायल हो गए थे। घायलावस्था में हनीफ को परिजन, सीएचसी सिरसिया ले गए, जहां डाॅक्टरों ने हालत गंभीर देखकर जिला अस्पताल के लिए रेफर कर दिया। इसके बाद परिजन उनका इलाज कराने के लिए बस्ती स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती कराए, जहां उनकी मौत हो गई।
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इस संबंध में एसओ डुमरियागंज मुकेश कुमार राय ने कहा कि सांड़ के हमले में किसान की मौत की जानकारी नही है। परिजनों की ओर से कोई सूचना दी जाती है तो आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
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हादसों के बाद भी नहीं टूट रही प्रशासन की नींद
सांड़ के हमले में कई लोग हो चुके हैं घायल
संवाद न्यूज एजेंसी
भनवापुर। ब्लाॅक क्षेत्र के ग्राम अंदुआ शनिचरा, सेखुई गोवर्धन, कलीचक, सेमरा बनकसिया, सहिजवार आदि गांवों के किसान सांड़ के हमले का दर्द झेल चुके हैं। इन हमलों में घायल हुए लोगों की जान तो नहीं गई थी लेकिन कई लोग गंभीर चोट लगने से दिव्यांग हो चुके हैं।
क्षेत्र के अंदुआ शनिचरा गांव निवासी राम गोविंद शुक्ल (60), 27 मई को अपनी भैंस को गांव के तालाब में नहलाने गए थे। इसी बीच सांड़ ने हमला कर घायल कर दिया। घटना में राम गोविंद के पेट व पैर में गंभीर चोट आई। जिनका इलाज बस्ती के कैली अस्पताल में पंद्रह दिनों तक चला। क्षेत्र के सहिजवार गांव निवासी भगवती जायसवाल (70) एक जून को सुबह अपने पशुओं के लिए चारा काटने खेत में गए थे। जहां सांड़ ने हमला कर दिया और वह गंभीर रूप से घायल हो कर बेहोश हो गए। लंबे इलाज के बाद परिजनों ने किसी तरह से उनकी जान बचाई।
सेखुई गोवर्धन गांव निवासी रामदेव (45) सितंबर माह में अपने पशुओं को चराने गए थे। जहां सांड़ ने हमला कर दिया। रामदेव बुरी तरह घायल हो गए। परिजन इलाज के लिए बस्ती जिला अस्पताल ले गए। जहां करीब एक माह तक इलाज चला, मगर डाॅक्टरों ने रीढ़ की हड्डी टूटने की बात कह कर घर भेज दिया। आज भी रामदेव दिव्यांग हो कर चारपाई पर पड़े हैं। इसी गांव के दिलीप वर्मा (39) अपने घर के बाहर निकले थे, तभी सांड़ ने हमला कर दिया। घर में मौजूद लोगों ने किसी तरह से उन्हें बचा लिया। क्षेत्र के अवधेश मिश्रा, मुरली शुक्ल, सुरेंद्र, ओमप्रकाश ने बताया कि अब तो छुट्टा सांड़ के कारण खेतों में जाना मुश्किल हो रहा है। कब और कहां सांड़ हमला कर घायल कर दे, कुछ कहा नहीं जा सकता है। लोगों ने प्रशासन से हमलावर सांड़ को पकड़वाने की मांग की है।
इस संबंध में एसडीएम डुमरियागंज परवेंद्र कुमार ने कहा कि बीडीओ भनवापुर को छुट्टा पशुओं का प्रबंध करने के लिए निर्देशित किया गया है। अभियान चलाकर छुट्टा पशुओं को गोशालाओं तक पहुंचाने का काम किया जाएगा, ताकि ऐसे हादसों से बचा जा सके।