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Siddharthnagar News: सातवीं मुहर्रम पर अलम का जुलूस निकाला, नौहा पढ़कर किया मातमल
Wed, 24 Jun 2026 02:34 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Wed, 24 Jun 2026 02:34 AM IST
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बांसी कस्बे में निकला अलम का जलूस।
सिद्धार्थनगर। मुहर्रम की सातवीं यानी मंगलवार को जिले के शिया बाहुल्य कस्बा हल्लौर में अलम का जुलूस निकालकर अकीदतमंदों ने पूरे जोशो-खरोश से नौहा कर मातम किया गया। इस दौरान इमामबाड़ा और घरों पर बड़ी तादाद में अलम सजाए गए और लोगों ने पूरे दिन मरसिया मजलिस और मातम करके कर्बला के शहीदों को याद किया।
सातवीं मुहर्रम मंगलवार की सुबह लगभग आठ बजे हल्लौर कस्बा स्थित बड़ा इमामबाड़ा से अंजुमन फरोग मातम और अंजुमन गुलदस्ता मातम की ओर से अलम का जुलूस निकाला गया। यह पूरे कस्बे में नौहा-मातम के बीच गश्त करता हुआ शाम को हल्लौर चौराहे पर पहुंचा।
जहां पर दोनों अंजुमनों के मातमी दस्ते ने जोरदार तरीके से नौहा पढ़कर मातम किया। यहां से जुलूस वापस कस्बे में होता हुआ देर शाम बड़ा इमामबाड़ा पर पहुंचकर समाप्त हो गया। इससे पूर्व मुहर्रम की छठी की रात कस्बे में स्थित रौजा अली असगर से गहवारा अली असगर और अलम का जुलूस निकाला गया। इसमें भारी संख्या में लोग शामिल हुए और मातम करके अली असगर की शहादत को याद किया। इस दौरान मजलिस को मौलाना वाकिफ हुसैन और जाकिर जमाल हैदर ने संबोधित करते हुए छह महीने के अली असगर की शहादत को बयान किया। हल्लौर के अलावा भटगवा, जमोतिया, नऊंवा गांव, हटवा बुजुर्ग, रामभारी पिपरा, वासा और बेंवा आदि स्थानों पर सातवीं मुहर्रम पर मरसिया मजलिस आयोजित कर शिया श्रद्धालुओं ने जुलूस निकालकर नौहा पढ़कर मातम किया। सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त किए गए थे। क
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सातवीं मुहर्रम मंगलवार की सुबह लगभग आठ बजे हल्लौर कस्बा स्थित बड़ा इमामबाड़ा से अंजुमन फरोग मातम और अंजुमन गुलदस्ता मातम की ओर से अलम का जुलूस निकाला गया। यह पूरे कस्बे में नौहा-मातम के बीच गश्त करता हुआ शाम को हल्लौर चौराहे पर पहुंचा।
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जहां पर दोनों अंजुमनों के मातमी दस्ते ने जोरदार तरीके से नौहा पढ़कर मातम किया। यहां से जुलूस वापस कस्बे में होता हुआ देर शाम बड़ा इमामबाड़ा पर पहुंचकर समाप्त हो गया। इससे पूर्व मुहर्रम की छठी की रात कस्बे में स्थित रौजा अली असगर से गहवारा अली असगर और अलम का जुलूस निकाला गया। इसमें भारी संख्या में लोग शामिल हुए और मातम करके अली असगर की शहादत को याद किया। इस दौरान मजलिस को मौलाना वाकिफ हुसैन और जाकिर जमाल हैदर ने संबोधित करते हुए छह महीने के अली असगर की शहादत को बयान किया। हल्लौर के अलावा भटगवा, जमोतिया, नऊंवा गांव, हटवा बुजुर्ग, रामभारी पिपरा, वासा और बेंवा आदि स्थानों पर सातवीं मुहर्रम पर मरसिया मजलिस आयोजित कर शिया श्रद्धालुओं ने जुलूस निकालकर नौहा पढ़कर मातम किया। सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त किए गए थे। क
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