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Siddharthnagar News: शिवभक्ति के साथ कारोबार को भी मिलेगा उल्लास का रंग
Wed, 29 Jul 2026 12:38 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Wed, 29 Jul 2026 12:38 AM IST
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सिद्धार्थनगर। सावन मास बुधवार से शुरू हो रहा है। शिवभक्ति के इस पावन महीने के आगाज के साथ ही जिले का बाजार भी धार्मिक रंग में रंग गया है। जिला मुख्यालय नौगढ़, बांसी, इटवा, डुमरियागंज, शोहरतगढ़, बिस्कोहर, भनवापुर और बढ़नी के बाजारों में पूजा सामग्री, कांवड़, भगवा वस्त्र और व्रत में उपयोग होने वाली खाद्य सामग्री की खरीदारी तेज हो गई है।
व्यापारियों ने मांग को देखते हुए अतिरिक्त स्टॉक मंगाया है। उनका कहना है कि पूरे सावन में सामान्य दिनों की तुलना में 30 से 40 प्रतिशत तक अधिक कारोबार होने की उम्मीद है। जिले के कटेश्वरनाथ शिव मंदिर, महादेवा नानकार स्थित बाबा पल्टननाथ शिव मंदिर, शिवनगर सहित अन्य प्रमुख शिवालयों में जलाभिषेक के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ जुटने की संभावना है।
इसे देखते हुए मंदिरों के आसपास अस्थायी दुकानें भी सजने लगी हैं। बेलपत्र, धतूरा, भांग, फूल-माला, गंगाजल, अगरबत्ती, दीपक, रुद्राक्ष की माला, पूजा थाल और शिव प्रतिमाओं की दुकानों पर सुबह से ही खरीदार पहुंच रहे हैं। दुकानदारों का कहना है कि पहले सोमवार और नागपंचमी के आसपास सबसे अधिक बिक्री होती है, इसलिए पहले से ही तैयारी पूरी कर ली गई है।
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सावन में कांवड़ यात्रा का भी बाजार पर बड़ा असर पड़ता है। रंग-बिरंगी कांवड़, जलपात्र, डमरू, त्रिशूल, भगवा टी-शर्ट, गमछा, झंडा और पूजा के अन्य सामान की बिक्री शुरू हो चुकी है। नेपाल सीमा से सटे सिद्धार्थनगर में बड़ी संख्या में श्रद्धालु विभिन्न शिवालयों तक जल चढ़ाने जाते हैं। बढ़नी और खुनुवां सीमा क्षेत्र के बाजारों में भी धार्मिक वस्तुओं की मांग बढ़ने लगी है।
कुछ दुकानदारों का कहना है कि नेपाली ग्राहक भी खरीदारी के लिए स्थानीय बाजारों में पहुंचते हैं, जिससे सीमावर्ती बाजारों में अतिरिक्त रौनक दिखाई देती है।
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व्यापारियों ने मांग को देखते हुए अतिरिक्त स्टॉक मंगाया है। उनका कहना है कि पूरे सावन में सामान्य दिनों की तुलना में 30 से 40 प्रतिशत तक अधिक कारोबार होने की उम्मीद है। जिले के कटेश्वरनाथ शिव मंदिर, महादेवा नानकार स्थित बाबा पल्टननाथ शिव मंदिर, शिवनगर सहित अन्य प्रमुख शिवालयों में जलाभिषेक के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ जुटने की संभावना है।
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इसे देखते हुए मंदिरों के आसपास अस्थायी दुकानें भी सजने लगी हैं। बेलपत्र, धतूरा, भांग, फूल-माला, गंगाजल, अगरबत्ती, दीपक, रुद्राक्ष की माला, पूजा थाल और शिव प्रतिमाओं की दुकानों पर सुबह से ही खरीदार पहुंच रहे हैं। दुकानदारों का कहना है कि पहले सोमवार और नागपंचमी के आसपास सबसे अधिक बिक्री होती है, इसलिए पहले से ही तैयारी पूरी कर ली गई है।
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सावन में कांवड़ यात्रा का भी बाजार पर बड़ा असर पड़ता है। रंग-बिरंगी कांवड़, जलपात्र, डमरू, त्रिशूल, भगवा टी-शर्ट, गमछा, झंडा और पूजा के अन्य सामान की बिक्री शुरू हो चुकी है। नेपाल सीमा से सटे सिद्धार्थनगर में बड़ी संख्या में श्रद्धालु विभिन्न शिवालयों तक जल चढ़ाने जाते हैं। बढ़नी और खुनुवां सीमा क्षेत्र के बाजारों में भी धार्मिक वस्तुओं की मांग बढ़ने लगी है।
कुछ दुकानदारों का कहना है कि नेपाली ग्राहक भी खरीदारी के लिए स्थानीय बाजारों में पहुंचते हैं, जिससे सीमावर्ती बाजारों में अतिरिक्त रौनक दिखाई देती है।