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हीट वेव से बचाव बहुत जरूरी : डीएम
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सिद्धार्थनगर। अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी, उत्तर प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने लू (हीट वेव) से बचाव के लिए एडवाइजरी जारी की है। मौसम विभाग के अनुसार जब किसी जगह का स्थानीय तापमान लगातार तीन दिनों तक सामान्य से तीन डिग्री सेल्सियस या अधिक बना रहे तो उसे लू या हीट वेव कहते हैं।
वातावरणीय तापमान 37 डिग्री तक रहता है, तो मानव शरीर पर उसका कोई दुष्प्रभाव नहीं पड़ता है। जैसे ही तापमान 37 डिग्री से ऊपर बढ़ता है, तो हमारा शरीर वातावरणीय गर्मी को शोषित कर शरीर के तापमान को प्रभावित करने लगता है। डीएम पवन अग्रवाल ने कहा कि गर्मी में सबसे बड़ी समस्या लू लगना है। गर्मी में उच्च तापमान में ज्यादा देर तक रहने से या गर्म हवा के झोंकों के संपर्क में आने पर लू लगती है। इससे बचाव के लिए जरूरी उपाय आवश्यक है। इसलिए सभी को जागरूक होकर स्वास्थ्य के प्रति सचेत रहने की जरूरत है। संवाद
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वातावरणीय तापमान 37 डिग्री तक रहता है, तो मानव शरीर पर उसका कोई दुष्प्रभाव नहीं पड़ता है। जैसे ही तापमान 37 डिग्री से ऊपर बढ़ता है, तो हमारा शरीर वातावरणीय गर्मी को शोषित कर शरीर के तापमान को प्रभावित करने लगता है। डीएम पवन अग्रवाल ने कहा कि गर्मी में सबसे बड़ी समस्या लू लगना है। गर्मी में उच्च तापमान में ज्यादा देर तक रहने से या गर्म हवा के झोंकों के संपर्क में आने पर लू लगती है। इससे बचाव के लिए जरूरी उपाय आवश्यक है। इसलिए सभी को जागरूक होकर स्वास्थ्य के प्रति सचेत रहने की जरूरत है। संवाद
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