{"_id":"5ff5ffa08ebc3e32852b7a1f","slug":"alert-for-bird-flue-siddharthnagar-news-gkp3798311147","type":"story","status":"publish","title_hn":"चिकन खाने का शौक कहीं आपको बीमार न कर दे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
चिकन खाने का शौक कहीं आपको बीमार न कर दे
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
चिकन खाने का शौक कहीं आपको बीमार न कर दे
कई राज्यों में बर्ड फ्लू का प्रकोप बढ़ने के बाद प्रदेश में अलर्ट
बीमारी के रोकथाम के लिए स्थानीय स्तर पर हो रही तैयारी
जिले में पशु पालन के विभाग के रिकॉर्ड में हैं नौ पोल्ट्रीफॉर्म
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। इस सीजन में चिकन खाने का शौक आपको बीमार कर सकता है। पक्षियों में फैलने वाले बर्ड फ्लू को देखते हुए अलर्ट घोषित कर दिया गया है। बर्ड फ्लू के बढ़ते खतरे को देखते हुए शासन ने पशु चिकित्सा विभाग को जांच के निर्देश भी जारी किए हैं। चिकित्सक सावधान रहने की सलाह दे रहे हैं।
इंसान की तरह से पक्षी भी कई प्रकार की बीमारी के शिकार होते हैं। इनमें ऐसी बीमारी होती है जो इनके लिए जानलेवा साबित होती है। इसमें सबसे खतरनाक बीमारी बर्ड फ्लू है जो मुर्गी और बत्तख में तेजी से फैलती है। आम तौर पर यह बीमारी हर वर्ष फैलती है। इस बीमारी का सबसे अधिक खतरा इंसान पर है। एक बार फिर देश में बर्ड फ्लू ने दस्तक दी है। केरल में बीमारी से बड़ी संख्या में पक्षियों की मौत हो रही है। इसके बाद प्रदेश में भी अलर्ट जारी कर दिया गया है। शासन की ओर से पशु पालन विभाग को पत्र जारी करके टॉस्क फोर्स गठित करते हुए बत्तख और कुक्कट फार्मों के संचालकों से संपर्क करके जांच करने और अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए कहा गया है। ताकि बीमारी के फैलाव से बचा जा सके। शासन से पत्र आने के विभागीय कवायद शुरू हो गई है। सीवीओ ज्ञान प्रकाश ने बताया कि शासन के दिशा-निर्देश पर टॉस्क फोर्स गठित किया जा रहा है। शासन के निर्देशानुसार कार्य किया जाएगा।
पशु पालन विभाग के ऑकड़ों के मुताबिक जिले में आठ फार्म हैं। जिन्हें सरकार की ओर से अनुदान मिला है। इनमें आठ अंडा उत्पादन फार्म हैं और एक चूजा उत्पादन फार्म है। विभाग की ओर से नियमित इनकी जांच की जाती है। इनकी जवाबदेही विभाग की है।
विज्ञापन
बर्ड फ्लू सबसे अधिक मुर्गी और बत्तख से फैलने का डर है। मगर इन पोल्ट्रीफार्म का विभाग के पास कोई लेखा-जोखा नहीं है। यह खुले में सीधे तौर पर बाजार में बेचे जाते हैं। ऐसे में इनकी बिक्री और जांच में ध्यान देने की जरूरत है। अन्यथा इनसे बर्ड फ्लू का खतरा पैदा हो सकता है। चिकित्सकों के मुताबिक बर्ड फ्लू सामान्य फ्लू जैसा होता है। मगर धीरे-धीरे रोगी के लिए यह खतरनाक साबित हो सकता है। बीमारी का प्रमुख लक्षण हमेशा कफ रहना, नाक बहना, सिर मेें दर्द रहना, गले में सूजन, मांसपेशियों में दर्द, दस्त होना, हर वक्त उल्टी महसूस होना, पेट के निचले हिस्से में दर्द होना, सांस लेने में समस्या, सांस न आना और निमोनिया, आंख में दिक्कत जैसे प्रमुख लक्षण हैं। बर्ड फ्लू से बचाव के लिए संक्रमित पक्षियों से दूर रहें। इसमें खासकर मरे हुए पक्षियों से दूर रहने की कोशिश करें। बर्ड फ्लू का संक्रमण फैला है तो मांसाहारी भोजन न करें। मांस खरीदते समय साफ-सफाई पर विशेष ध्यान दें। संक्रमण वाले इलाके में न जाएं और अगर जाते हैं तो मास्क जरूर लगाएं।
पांच टीमें करेंगी काम
मुख्य चिकित्साधिकारी ज्ञानप्रकाश ने बताया कि शासन के निर्देशानुसार तहसील स्तर पर एक-एक टीम बना दी गई है। कुल पांच टीम बनी हैं। एक टीम में छह लोग हैं। इसमें चिकित्सक और स्टाफ भी शामिल है। टीम क्षेत्र को भ्रमण करके एहतियातन चूना और दवा का छिड़काव करेगी। लक्षण मिलने पर सैंपल जांच के लिए भेजा जाएगा।
सैंपल में रिपोर्ट आई निगेटिव
पशु चिकित्सा विभाग की ओर से माह की 22 तारीख का बर्ड फ्लू की जांच के लिए बरेली स्थित लैब में भेजा जाता है। पिछले माह गए सैंपल में एक भी पॉजिटिव केस नहीं मिला है। फिर भी अलर्ट को देखते हुए पशु चिकित्सक सैंपल भेजेंगे।
विज्ञापन
कई राज्यों में बर्ड फ्लू का प्रकोप बढ़ने के बाद प्रदेश में अलर्ट
बीमारी के रोकथाम के लिए स्थानीय स्तर पर हो रही तैयारी
जिले में पशु पालन के विभाग के रिकॉर्ड में हैं नौ पोल्ट्रीफॉर्म
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। इस सीजन में चिकन खाने का शौक आपको बीमार कर सकता है। पक्षियों में फैलने वाले बर्ड फ्लू को देखते हुए अलर्ट घोषित कर दिया गया है। बर्ड फ्लू के बढ़ते खतरे को देखते हुए शासन ने पशु चिकित्सा विभाग को जांच के निर्देश भी जारी किए हैं। चिकित्सक सावधान रहने की सलाह दे रहे हैं।
इंसान की तरह से पक्षी भी कई प्रकार की बीमारी के शिकार होते हैं। इनमें ऐसी बीमारी होती है जो इनके लिए जानलेवा साबित होती है। इसमें सबसे खतरनाक बीमारी बर्ड फ्लू है जो मुर्गी और बत्तख में तेजी से फैलती है। आम तौर पर यह बीमारी हर वर्ष फैलती है। इस बीमारी का सबसे अधिक खतरा इंसान पर है। एक बार फिर देश में बर्ड फ्लू ने दस्तक दी है। केरल में बीमारी से बड़ी संख्या में पक्षियों की मौत हो रही है। इसके बाद प्रदेश में भी अलर्ट जारी कर दिया गया है। शासन की ओर से पशु पालन विभाग को पत्र जारी करके टॉस्क फोर्स गठित करते हुए बत्तख और कुक्कट फार्मों के संचालकों से संपर्क करके जांच करने और अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए कहा गया है। ताकि बीमारी के फैलाव से बचा जा सके। शासन से पत्र आने के विभागीय कवायद शुरू हो गई है। सीवीओ ज्ञान प्रकाश ने बताया कि शासन के दिशा-निर्देश पर टॉस्क फोर्स गठित किया जा रहा है। शासन के निर्देशानुसार कार्य किया जाएगा।
विज्ञापन
पशु पालन विभाग के ऑकड़ों के मुताबिक जिले में आठ फार्म हैं। जिन्हें सरकार की ओर से अनुदान मिला है। इनमें आठ अंडा उत्पादन फार्म हैं और एक चूजा उत्पादन फार्म है। विभाग की ओर से नियमित इनकी जांच की जाती है। इनकी जवाबदेही विभाग की है।
विज्ञापन
बर्ड फ्लू सबसे अधिक मुर्गी और बत्तख से फैलने का डर है। मगर इन पोल्ट्रीफार्म का विभाग के पास कोई लेखा-जोखा नहीं है। यह खुले में सीधे तौर पर बाजार में बेचे जाते हैं। ऐसे में इनकी बिक्री और जांच में ध्यान देने की जरूरत है। अन्यथा इनसे बर्ड फ्लू का खतरा पैदा हो सकता है। चिकित्सकों के मुताबिक बर्ड फ्लू सामान्य फ्लू जैसा होता है। मगर धीरे-धीरे रोगी के लिए यह खतरनाक साबित हो सकता है। बीमारी का प्रमुख लक्षण हमेशा कफ रहना, नाक बहना, सिर मेें दर्द रहना, गले में सूजन, मांसपेशियों में दर्द, दस्त होना, हर वक्त उल्टी महसूस होना, पेट के निचले हिस्से में दर्द होना, सांस लेने में समस्या, सांस न आना और निमोनिया, आंख में दिक्कत जैसे प्रमुख लक्षण हैं। बर्ड फ्लू से बचाव के लिए संक्रमित पक्षियों से दूर रहें। इसमें खासकर मरे हुए पक्षियों से दूर रहने की कोशिश करें। बर्ड फ्लू का संक्रमण फैला है तो मांसाहारी भोजन न करें। मांस खरीदते समय साफ-सफाई पर विशेष ध्यान दें। संक्रमण वाले इलाके में न जाएं और अगर जाते हैं तो मास्क जरूर लगाएं।
पांच टीमें करेंगी काम
मुख्य चिकित्साधिकारी ज्ञानप्रकाश ने बताया कि शासन के निर्देशानुसार तहसील स्तर पर एक-एक टीम बना दी गई है। कुल पांच टीम बनी हैं। एक टीम में छह लोग हैं। इसमें चिकित्सक और स्टाफ भी शामिल है। टीम क्षेत्र को भ्रमण करके एहतियातन चूना और दवा का छिड़काव करेगी। लक्षण मिलने पर सैंपल जांच के लिए भेजा जाएगा।
सैंपल में रिपोर्ट आई निगेटिव
पशु चिकित्सा विभाग की ओर से माह की 22 तारीख का बर्ड फ्लू की जांच के लिए बरेली स्थित लैब में भेजा जाता है। पिछले माह गए सैंपल में एक भी पॉजिटिव केस नहीं मिला है। फिर भी अलर्ट को देखते हुए पशु चिकित्सक सैंपल भेजेंगे।