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स्वास्थ्य विभाग का छापा : अजंता हॉस्पिटल एवं फैक्चर क्लीनिक सील
Mon, 31 Jul 2023 01:31 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Mon, 31 Jul 2023 01:31 AM IST
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शोहरतगढ़ के अजंता हॉस्पिटल व फैक्चर किलिनीक की जाच करते सीएमओ बीके अग्रवाल।
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सिद्धार्थनगर। सीएमओ ने स्वास्थ्य विभाग की टीम के साथ रविवार को शोहरतगढ़ क्षेत्र के निजी अस्पतालों में छापा मारा। निजी अस्पताल में डॉक्टर नहीं मिले तो उन्होंने तत्काल सील करा दिया, जबकि अन्य अस्पतालों में भी जांच की और तीन दिन में जवाब देने के लिए नोटिस दिया है।
सीएमओ डॉ. बीके अग्रवाल एवं डिप्टी सीएमओ, नोडल अफसर पीसीपीएनडीटी डॉ. एमएम त्रिपाठी रविवार दोपहर करीब एक बजे अजंता हॉस्पिटल एवं फैक्चर क्लीनिक पहुंचे। यह अस्पताल बिना लाइसेंस के संचालित था। सीएमओ ने बताया कि मौके पर कोई भी डॉक्टर मौजूद नहीं था। अल्ट्रासाउंड मशीन थी। उन्होंने रेडियोलॉजिस्ट के बारे में पूछा तो अस्पताल कर्मियों ने जिस डॉक्टर का नाम बताया। उसके मोबाइल पर बात करके पूछताछ की गई। डॉक्टर ने जवाब दिया कि वह उस अस्पताल में अल्ट्रासाउंड जांच नहीं करता है। उसके बाद सीएमओ ने अस्पताल सील करा दिया।
सीएमओ डॉ. बीके अग्रवाल ने बताया कि शोहरतगढ़ अजंता हॉस्पिटल एवं फैक्चर क्लीनिक की संचालक प्रियंका सहानी अस्पताल का संचालन मनमाने तरीके से चला रही थी। यहां पर संचालित अल्ट्रासाउंड सेंटर के लिए कोई भी नामित व प्रशिक्षित चिकित्सक नहीं थे, जिसको लेकर यह कार्रवाई की गई। जो अस्पताल बंद मिले, उनके सामने नोटिस चस्पा किया गया है। जवाब नहीं देने वाले अस्पताल संचालकों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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...और गिरने लगे अस्पतालों के शटर
शोहरतगढ़ कस्बे में स्वास्थ्य विभाग की छापेमारी को लेकर निजी अस्पतालों में हड़कंप मच गया और अस्पताल बन्द कर संचालक भग गए। सीएमओ ने बंद मिले नव जीवन हॉस्पिटल, डाॅक्टर जंजाली हॉस्पिटल, कृष्ण संजीवनी हॉस्पिटल, चौधरी फियोजिथेरपी हॉस्पिटल, सिटी हॉस्पिटल मेढवा पर नोटिस चस्पा कर तीन दिन के अंदर अस्पताल के कागजात प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।
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विधायक की शिकायत पर सक्रिय हुआ स्वास्थ्य विभाग
फोटो--
शोहरतगढ़ क्षेत्र के विधायक विनय वर्मा ने अवैध रूप से संचालित जनहित हॉस्पिटल एंड फ्रैक्टचर क्लिनिक में डिलीवरी के बाद प्रसूता की मौत के बाद स्वास्थ्य मंत्री ब्रजेश पाठक एवं प्रमुख सचिव स्वास्थ्य से शिकायत की। विधायक ने कहा कि उनके विधान सभा क्षेत्र में बिना कई चौराहों पर निजी अस्पताल अवैध रूप से संचालित हो रहे हैं। इन अस्पतालों में मरीजों की जान जा रही है। विधायक ने कहा था कि उन्होंने सीएमओ डॉ. बीके अग्रवाल से शिकायत की थी कि लेकिन निजी अस्पताल संचालकों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की जा रही है।
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सीएमओ ने की अपील, दो महिलाओं की मौत
फोटो-
सीएमओ डॉ. बीके अग्रवाल ने रविवार को जनहित में प्रेस विज्ञप्ति जारी करके लोगों से अपील की कि लोग निजी अस्पतालों में अप्रशिक्षित चिकित्सकों के झांसे में न आएं। निजी अस्पताल के बारे में पूरी जानकारी करके बाद ही वहां इलाज कराने जाएं। उन्होंने कहा कि अप्रशिक्षित व अकुशल चिकित्सकों के द्वारा निजी अस्पतालों में प्रसव कराने के मामले में दो महिलाओं की मौत हो चुकी है। माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज के अलावा सीएचसी उसका, डुमरियागंज, शोहरतगढ़, इटवा व मिठवल बाजार में सिजेरियन डिलीवरी की सुविधा है, जबकि अन्य सरकारी अस्पतालों में भी नार्मल डिलीवरी की सुविधा है। अवैध रूप से संचालित निजी अस्पतालों के खिलाफ जांच करके कार्रवाई की जा रही है।
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अवैध रूप से संचालित पांच अस्पताल हुए सील
0 शोहरतगढ़ कस्बे में संचालित जनहित हॉस्पिटल एंड फैक्चर क्लिनिक में डिलीवरी के बाद महिला की मौत हो गई।
0 इटवा कस्बे के डॉ. शबनम यहिया के क्लिनिक में प्रसव के दौरान जच्चा-बच्चा की मौत हो गई थी।
0 बर्डपुर के आशा हाॅस्पिटल अवैध रूप से संचालित था, अस्पताल संचालक पर बच्चा चोरी को केस दर्ज हुआ।
0 बर्डपुर के विद्या हॉस्पिटल को सील कराया गया है, यहां बिना रेडियोलाॅजिस्ट के अल्ट्रासाउंड जांच होने की पुष्टि हुई थी।
0 बिना लाइसेंस के संचालित अजंता हॉस्पिटल व फ्रैक्चर क्लिनिक में डॉक्टर नहीं मिलने पर सील किया गया।
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सीएमओ डॉ. बीके अग्रवाल एवं डिप्टी सीएमओ, नोडल अफसर पीसीपीएनडीटी डॉ. एमएम त्रिपाठी रविवार दोपहर करीब एक बजे अजंता हॉस्पिटल एवं फैक्चर क्लीनिक पहुंचे। यह अस्पताल बिना लाइसेंस के संचालित था। सीएमओ ने बताया कि मौके पर कोई भी डॉक्टर मौजूद नहीं था। अल्ट्रासाउंड मशीन थी। उन्होंने रेडियोलॉजिस्ट के बारे में पूछा तो अस्पताल कर्मियों ने जिस डॉक्टर का नाम बताया। उसके मोबाइल पर बात करके पूछताछ की गई। डॉक्टर ने जवाब दिया कि वह उस अस्पताल में अल्ट्रासाउंड जांच नहीं करता है। उसके बाद सीएमओ ने अस्पताल सील करा दिया।
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सीएमओ डॉ. बीके अग्रवाल ने बताया कि शोहरतगढ़ अजंता हॉस्पिटल एवं फैक्चर क्लीनिक की संचालक प्रियंका सहानी अस्पताल का संचालन मनमाने तरीके से चला रही थी। यहां पर संचालित अल्ट्रासाउंड सेंटर के लिए कोई भी नामित व प्रशिक्षित चिकित्सक नहीं थे, जिसको लेकर यह कार्रवाई की गई। जो अस्पताल बंद मिले, उनके सामने नोटिस चस्पा किया गया है। जवाब नहीं देने वाले अस्पताल संचालकों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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शोहरतगढ़ कस्बे में स्वास्थ्य विभाग की छापेमारी को लेकर निजी अस्पतालों में हड़कंप मच गया और अस्पताल बन्द कर संचालक भग गए। सीएमओ ने बंद मिले नव जीवन हॉस्पिटल, डाॅक्टर जंजाली हॉस्पिटल, कृष्ण संजीवनी हॉस्पिटल, चौधरी फियोजिथेरपी हॉस्पिटल, सिटी हॉस्पिटल मेढवा पर नोटिस चस्पा कर तीन दिन के अंदर अस्पताल के कागजात प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।
विधायक की शिकायत पर सक्रिय हुआ स्वास्थ्य विभाग
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शोहरतगढ़ क्षेत्र के विधायक विनय वर्मा ने अवैध रूप से संचालित जनहित हॉस्पिटल एंड फ्रैक्टचर क्लिनिक में डिलीवरी के बाद प्रसूता की मौत के बाद स्वास्थ्य मंत्री ब्रजेश पाठक एवं प्रमुख सचिव स्वास्थ्य से शिकायत की। विधायक ने कहा कि उनके विधान सभा क्षेत्र में बिना कई चौराहों पर निजी अस्पताल अवैध रूप से संचालित हो रहे हैं। इन अस्पतालों में मरीजों की जान जा रही है। विधायक ने कहा था कि उन्होंने सीएमओ डॉ. बीके अग्रवाल से शिकायत की थी कि लेकिन निजी अस्पताल संचालकों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की जा रही है।
सीएमओ ने की अपील, दो महिलाओं की मौत
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सीएमओ डॉ. बीके अग्रवाल ने रविवार को जनहित में प्रेस विज्ञप्ति जारी करके लोगों से अपील की कि लोग निजी अस्पतालों में अप्रशिक्षित चिकित्सकों के झांसे में न आएं। निजी अस्पताल के बारे में पूरी जानकारी करके बाद ही वहां इलाज कराने जाएं। उन्होंने कहा कि अप्रशिक्षित व अकुशल चिकित्सकों के द्वारा निजी अस्पतालों में प्रसव कराने के मामले में दो महिलाओं की मौत हो चुकी है। माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज के अलावा सीएचसी उसका, डुमरियागंज, शोहरतगढ़, इटवा व मिठवल बाजार में सिजेरियन डिलीवरी की सुविधा है, जबकि अन्य सरकारी अस्पतालों में भी नार्मल डिलीवरी की सुविधा है। अवैध रूप से संचालित निजी अस्पतालों के खिलाफ जांच करके कार्रवाई की जा रही है।
अवैध रूप से संचालित पांच अस्पताल हुए सील
0 शोहरतगढ़ कस्बे में संचालित जनहित हॉस्पिटल एंड फैक्चर क्लिनिक में डिलीवरी के बाद महिला की मौत हो गई।
0 इटवा कस्बे के डॉ. शबनम यहिया के क्लिनिक में प्रसव के दौरान जच्चा-बच्चा की मौत हो गई थी।
0 बर्डपुर के आशा हाॅस्पिटल अवैध रूप से संचालित था, अस्पताल संचालक पर बच्चा चोरी को केस दर्ज हुआ।
0 बर्डपुर के विद्या हॉस्पिटल को सील कराया गया है, यहां बिना रेडियोलाॅजिस्ट के अल्ट्रासाउंड जांच होने की पुष्टि हुई थी।
0 बिना लाइसेंस के संचालित अजंता हॉस्पिटल व फ्रैक्चर क्लिनिक में डॉक्टर नहीं मिलने पर सील किया गया।