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12 साल बाद माता-पिता से मिला संतोष
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नेपाल के भैरहवा में अपने परिजनों से मुलाकात कर खुश हुआ संतोष।
- फोटो : SIDDHARTHNAGAR
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12 साल बाद माता-पिता से मिला संतोष
नेपाल के बैजालपुर गांव का निवासी है
अमर उजाला ब्यूरो
कपिलवस्तु। नेपाल के बांके जिले के सोनारी गाऊ पालिका वार्ड नंबर चार बैजालपुर निवासी अमन बहादुर सोनार और पत्नी लक्ष्मी सोनार का लापता बेटा 12 साल बाद मिला तो उनकी आंखों में खुशी के आंसू आ गए। इकलौते बेटे के मिलने से पूरा परिवार खुश है।
भैरहवा एसपी हेम बहादुर थापा ने बताया कि नेपाल के अमन बहादुर सोनार और पत्नी लक्ष्मी के घर की हालत बहुत खराब थी। वह 12 वर्ष पूर्व अपने छह वर्षीय पुत्र संतोष व पत्नी के साथ लुधियाना से चंडीगढ़ के लिए निकले थे। इसी बीच भीड़ में बच्चे का हाथ छूट गया और ट्रेन चल दी। काफी तलाश के बाद भी वह नहीं मिला। छह वर्ष बाद लखनऊ में वह लावारिस मिला। जहां से वह राजकीय बाल गृह देवरिया पहुंचा। दिल्ली प्रवासी मित्र मंच नेपाल को बेटे की जानकारी हुई तो वह नेपाली दूतावास से समन्वय कर एक वर्ष पहले नेपाल लाए। भैरहवा अविनाश अनाथ आश्रम कोटिहवा के संरक्षक कृष्ण प्रसाद ज्ञावाली ने उसे आश्रम में रखकर परिजनों की तलाश शुरू की थी। इस बीच संतोष बीमार पड़ गया तो उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहां एक व्यक्ति ने जानकारी दी कि सोनारी गाऊ पालिका वार्ड नंबर चार बैजालपुर निवासी अमन बहादुर का बेटा भी लापता हो गया था। इस पर भैरहवा पुलिस ने संतोष कुमार से बात की। संतोष चंडीगढ़ से मंगलवार को भैरहवा आया। जहां पर पुनर्मिलन कार्यक्रम के तहत बेटे को पहचाना। बचपन के घाव व कुछ और कटे, जले के निशान से प्रमाणित हुआ कि संतोष है। वह अब 18 साल का हो चुका है।
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नेपाल के बैजालपुर गांव का निवासी है
अमर उजाला ब्यूरो
कपिलवस्तु। नेपाल के बांके जिले के सोनारी गाऊ पालिका वार्ड नंबर चार बैजालपुर निवासी अमन बहादुर सोनार और पत्नी लक्ष्मी सोनार का लापता बेटा 12 साल बाद मिला तो उनकी आंखों में खुशी के आंसू आ गए। इकलौते बेटे के मिलने से पूरा परिवार खुश है।
भैरहवा एसपी हेम बहादुर थापा ने बताया कि नेपाल के अमन बहादुर सोनार और पत्नी लक्ष्मी के घर की हालत बहुत खराब थी। वह 12 वर्ष पूर्व अपने छह वर्षीय पुत्र संतोष व पत्नी के साथ लुधियाना से चंडीगढ़ के लिए निकले थे। इसी बीच भीड़ में बच्चे का हाथ छूट गया और ट्रेन चल दी। काफी तलाश के बाद भी वह नहीं मिला। छह वर्ष बाद लखनऊ में वह लावारिस मिला। जहां से वह राजकीय बाल गृह देवरिया पहुंचा। दिल्ली प्रवासी मित्र मंच नेपाल को बेटे की जानकारी हुई तो वह नेपाली दूतावास से समन्वय कर एक वर्ष पहले नेपाल लाए। भैरहवा अविनाश अनाथ आश्रम कोटिहवा के संरक्षक कृष्ण प्रसाद ज्ञावाली ने उसे आश्रम में रखकर परिजनों की तलाश शुरू की थी। इस बीच संतोष बीमार पड़ गया तो उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहां एक व्यक्ति ने जानकारी दी कि सोनारी गाऊ पालिका वार्ड नंबर चार बैजालपुर निवासी अमन बहादुर का बेटा भी लापता हो गया था। इस पर भैरहवा पुलिस ने संतोष कुमार से बात की। संतोष चंडीगढ़ से मंगलवार को भैरहवा आया। जहां पर पुनर्मिलन कार्यक्रम के तहत बेटे को पहचाना। बचपन के घाव व कुछ और कटे, जले के निशान से प्रमाणित हुआ कि संतोष है। वह अब 18 साल का हो चुका है।
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