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Siddharthnagar News: ग्रामीण न्यायालय की स्थापना के विरोध में अधिवक्ताओं की हड़ताल जारी
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-वादकारियों को तारीख लेकर बैरंग लौटना पड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। इटवा में ग्रामीण न्यायालय की स्थापना के विरोध में जिला व सत्र न्यायालय के अधिवक्ताओं की अनिश्चितकालीन हड़ताल सोमवार को भी जारी रही। इसके चलते किसी न्यायालय में कार्य नहीं हो सका और वादकारियों को तारीख लेकर बैरंग लौटना पड़ा।
सिविल सिद्धार्थ बार एसोसिएशन के अध्यक्ष इंदु कुमार सिंह की अध्यक्षता एवं महामंत्री दिव्य प्रकाश शुक्ल के संचालन में कार्यकारिणी की आकस्मिक बैठक हुई। इसमें इटवा में स्थापित ग्रामीण न्यायालय के अतिशीघ्र प्रारंभ होने से अधिवक्ताओं एवं वादकारियों को होने वाले नुकसान के चलते इसके विरोध में विचार-विमर्श किया गया। महामंत्री दिव्य प्रकाश शुक्ल ने कहा कि अधिवक्ता हितों के विपरीत यदि कोई अधिवक्ता कार्य करता हुआ पाया जाएगा तो उसके विरुद्ध उचित अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
इस दौरान राधेश्याम मिश्रा, सिद्धनाथ पांडेय, घनश्याम, अखिलेश, राजेश मिश्रा, देवेंद्र मणि त्रिपाठी, कैलाश नाथ गिरि आदि मौजूद रहे।
अधिवक्ताओं ने डीएम को सौंपा ज्ञापन
सिद्धार्थनगर। अधिवक्ताओं ने सोमवार को डीएम पवन अग्रवाल को चार सूत्री ज्ञापन देते हुए इटवा में स्थापित हो रहे ग्रामीण न्यायालय के स्थगन की मांग उठाई। कहा कि इटवा में ग्रामीण न्यायालय की स्थापना पर रोक लगाई जाए। जिले की भौगोलिक स्थिति को देखते हुए किसी तहसील में नए कोर्ट की स्थापना का कोई औचित्य नहीं है। जिला एवं सत्र न्यायालय कैंपस में पर्याप्त संसाधन डेवलप हो चुका है, इसलिए अन्य किसी जगह नए कोर्ट की स्थापना का औचित्य नहीं है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। इटवा में ग्रामीण न्यायालय की स्थापना के विरोध में जिला व सत्र न्यायालय के अधिवक्ताओं की अनिश्चितकालीन हड़ताल सोमवार को भी जारी रही। इसके चलते किसी न्यायालय में कार्य नहीं हो सका और वादकारियों को तारीख लेकर बैरंग लौटना पड़ा।
सिविल सिद्धार्थ बार एसोसिएशन के अध्यक्ष इंदु कुमार सिंह की अध्यक्षता एवं महामंत्री दिव्य प्रकाश शुक्ल के संचालन में कार्यकारिणी की आकस्मिक बैठक हुई। इसमें इटवा में स्थापित ग्रामीण न्यायालय के अतिशीघ्र प्रारंभ होने से अधिवक्ताओं एवं वादकारियों को होने वाले नुकसान के चलते इसके विरोध में विचार-विमर्श किया गया। महामंत्री दिव्य प्रकाश शुक्ल ने कहा कि अधिवक्ता हितों के विपरीत यदि कोई अधिवक्ता कार्य करता हुआ पाया जाएगा तो उसके विरुद्ध उचित अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
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इस दौरान राधेश्याम मिश्रा, सिद्धनाथ पांडेय, घनश्याम, अखिलेश, राजेश मिश्रा, देवेंद्र मणि त्रिपाठी, कैलाश नाथ गिरि आदि मौजूद रहे।
अधिवक्ताओं ने डीएम को सौंपा ज्ञापन
सिद्धार्थनगर। अधिवक्ताओं ने सोमवार को डीएम पवन अग्रवाल को चार सूत्री ज्ञापन देते हुए इटवा में स्थापित हो रहे ग्रामीण न्यायालय के स्थगन की मांग उठाई। कहा कि इटवा में ग्रामीण न्यायालय की स्थापना पर रोक लगाई जाए। जिले की भौगोलिक स्थिति को देखते हुए किसी तहसील में नए कोर्ट की स्थापना का कोई औचित्य नहीं है। जिला एवं सत्र न्यायालय कैंपस में पर्याप्त संसाधन डेवलप हो चुका है, इसलिए अन्य किसी जगह नए कोर्ट की स्थापना का औचित्य नहीं है।
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