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Siddharthnagar News: बालिका से देह व्यापार करने के आरोपी महिला की जमानत याचिका खारिज
Mon, 27 Nov 2023 02:26 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Mon, 27 Nov 2023 02:26 AM IST
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सिद्धार्थनगर। जनपद एवं सत्र न्यायाधीश संजय कुमार मलिक ने मुख्यालय के ऑफिसर्स कॉलोनी के निकट काशीराम आवास में बालिका को जबरिया बंधक बनाकर अपहरण एवं देह व्यापार कराने, मारने पीटने व जानमाल की धमकी देने की आरोपी मोमिना खातून पत्नी इकबाल की जमानत अर्जी को रविवार को खारिज कर दिया है। मामला सदर थाना क्षेत्र के काशीराम आवास का है।
मुख्यालय स्थित काशीराम आवास जिले के आला अधिकारियों के आवास ऑफिसर्स कॉलोनी के बगल में ही स्थित है। मिश्रौलिया थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी बीस वर्षीय दिव्यांग बालिका की तहरीर पर कई सभासदों के हस्तक्षेप से यह मामला दर्ज हुआ था। तहरीर के अनुसार वह अपने घर से अपने भाई से नाराज होकर करीब 6-7 माह पहले घर छोड़कर निकल आई और भटक रही थी। उसे सिद्धार्थनगर की महिला मोमिना पत्नी इकबाल मिली। वह उसे अपने घर कांशीराम आवास ले आई। वह उसके साथ रहने लगी। कुछ दिनों बाद वह अपने घर पर ही अलग-अलग लोगों को बुलाकर उसके साथ गलत काम करवाने लगी। उसका पति इकबाल बाहर रहता है। घर पर उसकी लड़की शबनम भी साथ रहती है। जब वह उसके द्वारा कराये जा रहे गलत काम का विरोध करती तो मां बेटी दोनों मिलकर उसे मारती पीटती थीं तथा घर में बंद रखती थीं। लगभग दो महीने पहले वह किसी तरह उसके घर से निकलकर चोरी छिपे चली गई और बांसी में रह रही थी कि 23 सितंबर को वह सिद्धार्थनगर एक काम से आयी थी कि आरोपी मोमिना खातून फिर मिल गई और उसे बातों में बहलाकर अपने घर कांशीराम आवास सिद्धार्थनगर लेकर चली आई। इसके बाद अपनी लड़की के साथ मिलकर दो दिनों से उससे गलत काम करवाने लगी। वह 26 सितंबर को विरोध की तो उसे मारने पीटने लगी। शोरगुल सुनकर सभासद प्रतिनिधि सतीश रस्तोगी, अमरजीत, राजाराम, राममिलन तथा तमाम अन्य लोग व सूचना पर पुलिस भी आ गई। फिर आकर उसे मोमिना खातून के घर कांशीराम आवास के ब्लॉक नंबर 84, कमरा नंबर 998 से निकाले तो मोमिना खातून व उसकी लड़की शबनम गाली गुप्ता देते हुए उसे जान से मारने की धमकी देने लगी।
पीडि़ता की तहरीर पर पुलिस ने केस दर्ज कर विवेचना शुरू की। पीडि़ता का मेडिकल जांच व न्यायालय में बयान दर्ज हुआ और पुलिस ने न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया। आरोपी मोमिना की तरफ से दाखिल जमानत प्रार्थना पत्र में यह बचाव लिया गया कि वह लड़की उसका मोबाइल चुराकर भाग रही। जिसे पकड़कर कड़ाई से पूछताछ करने पर उसके राजनीतिक विरोधियों ने साजिश करके उसके ऊपर यह मामला दर्ज करवा दिया। जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी अखिलेश नारायण श्रीवास्तव ने जमानत का विरोध किया। न्यायालय ने दोनों पक्षों की बहस सुनकर पत्रावली का अवलोकन किया और पत्रावली में उपलब्ध साक्ष्य सामग्री व मामले के तथ्यों परिस्थितियों एवं अपराध की गंभीरता को देखते हुए गुण दोष पर कोई राय व्यक्त किए बगैर जमानत खारिज कर दिया।
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मुख्यालय स्थित काशीराम आवास जिले के आला अधिकारियों के आवास ऑफिसर्स कॉलोनी के बगल में ही स्थित है। मिश्रौलिया थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी बीस वर्षीय दिव्यांग बालिका की तहरीर पर कई सभासदों के हस्तक्षेप से यह मामला दर्ज हुआ था। तहरीर के अनुसार वह अपने घर से अपने भाई से नाराज होकर करीब 6-7 माह पहले घर छोड़कर निकल आई और भटक रही थी। उसे सिद्धार्थनगर की महिला मोमिना पत्नी इकबाल मिली। वह उसे अपने घर कांशीराम आवास ले आई। वह उसके साथ रहने लगी। कुछ दिनों बाद वह अपने घर पर ही अलग-अलग लोगों को बुलाकर उसके साथ गलत काम करवाने लगी। उसका पति इकबाल बाहर रहता है। घर पर उसकी लड़की शबनम भी साथ रहती है। जब वह उसके द्वारा कराये जा रहे गलत काम का विरोध करती तो मां बेटी दोनों मिलकर उसे मारती पीटती थीं तथा घर में बंद रखती थीं। लगभग दो महीने पहले वह किसी तरह उसके घर से निकलकर चोरी छिपे चली गई और बांसी में रह रही थी कि 23 सितंबर को वह सिद्धार्थनगर एक काम से आयी थी कि आरोपी मोमिना खातून फिर मिल गई और उसे बातों में बहलाकर अपने घर कांशीराम आवास सिद्धार्थनगर लेकर चली आई। इसके बाद अपनी लड़की के साथ मिलकर दो दिनों से उससे गलत काम करवाने लगी। वह 26 सितंबर को विरोध की तो उसे मारने पीटने लगी। शोरगुल सुनकर सभासद प्रतिनिधि सतीश रस्तोगी, अमरजीत, राजाराम, राममिलन तथा तमाम अन्य लोग व सूचना पर पुलिस भी आ गई। फिर आकर उसे मोमिना खातून के घर कांशीराम आवास के ब्लॉक नंबर 84, कमरा नंबर 998 से निकाले तो मोमिना खातून व उसकी लड़की शबनम गाली गुप्ता देते हुए उसे जान से मारने की धमकी देने लगी।
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पीडि़ता की तहरीर पर पुलिस ने केस दर्ज कर विवेचना शुरू की। पीडि़ता का मेडिकल जांच व न्यायालय में बयान दर्ज हुआ और पुलिस ने न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया। आरोपी मोमिना की तरफ से दाखिल जमानत प्रार्थना पत्र में यह बचाव लिया गया कि वह लड़की उसका मोबाइल चुराकर भाग रही। जिसे पकड़कर कड़ाई से पूछताछ करने पर उसके राजनीतिक विरोधियों ने साजिश करके उसके ऊपर यह मामला दर्ज करवा दिया। जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी अखिलेश नारायण श्रीवास्तव ने जमानत का विरोध किया। न्यायालय ने दोनों पक्षों की बहस सुनकर पत्रावली का अवलोकन किया और पत्रावली में उपलब्ध साक्ष्य सामग्री व मामले के तथ्यों परिस्थितियों एवं अपराध की गंभीरता को देखते हुए गुण दोष पर कोई राय व्यक्त किए बगैर जमानत खारिज कर दिया।
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