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Siddharthnagar News: 60 लाख गबन के आरोपी के पास सिर्फ स्कूटी, अब रिश्तेदारों पर नजर
Sat, 14 Dec 2024 11:33 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Sat, 14 Dec 2024 11:33 PM IST
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भनवापुर। डुमरियागंज के विद्युत वितरण खंड प्रथम ग्रामीण उपकेंद्र पर तैनात टेक्नीशियन मनोज कुमार पर 60 लाख रुपये गबन के मामले में उनकी चल अचल संपत्ति का ब्योरा जुटाया जा रहा है। टेक्नीशियन की ओर से वर्ष 2023 में बिजली विभाग को दिए अपने संपत्ति के ब्योरा में मात्र एक स्कूटी होने की बात कही गई है, जो चर्चा का विषय है। सूत्रों की मानें तो जांच टीम की नजर अब टेक्नीशियन के सगे संबंधी व उनके रिश्तेदारों की चल अचल संपत्ति की जांच पर है, जिसकी आंच करीब एक दर्जन लोगों पर भी आ सकती है। गबन के समय में तैनात कई लोगों पर नजर है।
गबन का यह मामला वर्ष 2022 का है। तत्कालीन एक्सईएन राम मूरत सुमेध के स्थानांतरण के बाद दिसंबर 2023 में नवागत एक्सईएन संतोष कुमार तिवारी ने कार्यभार ग्रहण करने के बाद फाइल खंगाला तो पूरा मामला सामने आया। 28 फरवरी 2024 को टेक्नीशियन मनोज कुमार को निलंबित कर उनके खिलाफ डुमरियागंज थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया। पुलिस विवेचना के साथ ही बिजली विभाग के अधीक्षण अभियंता के निर्देशन में तीन सदस्यीय जांच टीम भी गठित की गई।
जांच टीम द्वारा तत्कालीन एक्सईएन राम मूरत सुमेध (वर्तमान तैनाती गाजीपुर), सहायक अभियंता सुनील कुमार श्रीवास्तव (वर्तमान एसडीओ इटवा), सरफराज (वर्तमान एसडीओ हरैया), लेखाधिकारी सुजीत कुमार सोनकर (वर्तमान तैनाती लखनऊ), सहायक लेखाकार प्रवीण कुमार (वर्तमान तैनाती स्थल डुमरियागंज), राजस्व रोकडिया संजय कुमार श्रीवास्तव (वर्तमान तैनाती डुमरियागंज) को मामले में स्पष्टीकरण नोटिस जारी किया गया है। विभागीय सूत्रों की माने तो जांच टीम ने भले ही छह लोगों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है, मगर सही ढंग से सभी बिंदुओं पर जांच किया गया तो एक दर्जन से अधिक लोगों की इस गबन में नाम उजागर हो सकता है। ऐसे लोगों की सूची बनाई जा रही है। टेक्नीशियन जिसके द्वारा उपभोक्ताओं की जमा धनराशि का प्रतिदिन हिसाब का मिलान कराया जाना होता है, अब सवाल उठता है कि आखिर एक साल तक हिसाब क्यों नहीं किया गया। अगर 60 लाख का गबन मनोज कुमार ने किया तो उसके पास एक स्कूटी मात्र होने की बात आ रही है। ऐसे में पूरा मामला पूरी तरह जांच होने के बाद ही साफ होगा। जांच के दायरे में रिश्तेदार और परिवार के लोग भी हैं। क्योंकि इतनी बड़ी धनराशि गई कहां। वहीं, जांच का दायरा बढ़ता हुआ देख कई विभागीय लोगों की सांस अटक गई है।
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इस बारे में अधिशासी अभियंता विद्युत डुमरियागंज संतोष कुमार तिवारी ने बताया कि जांच प्रक्रिया अभी चल रही है, जिसकी पूरी जानकारी अधीक्षण अभियंता के पास है। उन्हीं के स्तर से आगे की कार्रवाई होगी। वहीं, प्रभारी निरीक्षक डुमरियागंज श्याम सुंदर तिवारी ने बताया कि पुलिस अपने हिसाब से सभी बिंदुओं पर जांच कर रही है, जांच पूरी होने पर ही स्पष्ट होगा।
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गबन का यह मामला वर्ष 2022 का है। तत्कालीन एक्सईएन राम मूरत सुमेध के स्थानांतरण के बाद दिसंबर 2023 में नवागत एक्सईएन संतोष कुमार तिवारी ने कार्यभार ग्रहण करने के बाद फाइल खंगाला तो पूरा मामला सामने आया। 28 फरवरी 2024 को टेक्नीशियन मनोज कुमार को निलंबित कर उनके खिलाफ डुमरियागंज थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया। पुलिस विवेचना के साथ ही बिजली विभाग के अधीक्षण अभियंता के निर्देशन में तीन सदस्यीय जांच टीम भी गठित की गई।
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जांच टीम द्वारा तत्कालीन एक्सईएन राम मूरत सुमेध (वर्तमान तैनाती गाजीपुर), सहायक अभियंता सुनील कुमार श्रीवास्तव (वर्तमान एसडीओ इटवा), सरफराज (वर्तमान एसडीओ हरैया), लेखाधिकारी सुजीत कुमार सोनकर (वर्तमान तैनाती लखनऊ), सहायक लेखाकार प्रवीण कुमार (वर्तमान तैनाती स्थल डुमरियागंज), राजस्व रोकडिया संजय कुमार श्रीवास्तव (वर्तमान तैनाती डुमरियागंज) को मामले में स्पष्टीकरण नोटिस जारी किया गया है। विभागीय सूत्रों की माने तो जांच टीम ने भले ही छह लोगों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है, मगर सही ढंग से सभी बिंदुओं पर जांच किया गया तो एक दर्जन से अधिक लोगों की इस गबन में नाम उजागर हो सकता है। ऐसे लोगों की सूची बनाई जा रही है। टेक्नीशियन जिसके द्वारा उपभोक्ताओं की जमा धनराशि का प्रतिदिन हिसाब का मिलान कराया जाना होता है, अब सवाल उठता है कि आखिर एक साल तक हिसाब क्यों नहीं किया गया। अगर 60 लाख का गबन मनोज कुमार ने किया तो उसके पास एक स्कूटी मात्र होने की बात आ रही है। ऐसे में पूरा मामला पूरी तरह जांच होने के बाद ही साफ होगा। जांच के दायरे में रिश्तेदार और परिवार के लोग भी हैं। क्योंकि इतनी बड़ी धनराशि गई कहां। वहीं, जांच का दायरा बढ़ता हुआ देख कई विभागीय लोगों की सांस अटक गई है।
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इस बारे में अधिशासी अभियंता विद्युत डुमरियागंज संतोष कुमार तिवारी ने बताया कि जांच प्रक्रिया अभी चल रही है, जिसकी पूरी जानकारी अधीक्षण अभियंता के पास है। उन्हीं के स्तर से आगे की कार्रवाई होगी। वहीं, प्रभारी निरीक्षक डुमरियागंज श्याम सुंदर तिवारी ने बताया कि पुलिस अपने हिसाब से सभी बिंदुओं पर जांच कर रही है, जांच पूरी होने पर ही स्पष्ट होगा।