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अनुपस्थित 20 कॉलेजों के प्राचार्य को नोटिस
ब्यूरो/अमर उजाला सिद्धार्थनगर
Updated Wed, 25 May 2016 11:26 PM IST
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सिद्धार्थ विश्वविद्यालय में बैठक को संबोधित करते परीक्षा नियंत्रक।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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सिद्धार्थ यूनिवर्सिटी से संबद्ध संतकबीरनगर जिले के कॉलेजों के प्राचार्यों की बैठक बुधवार को हुई। यूनिवर्सिटी सभागार में हुई बैठक में संबद्धता और नए सत्र की प्रवेश प्रक्रिया के बारे में बताया गया। विद्यार्थियों के छात्रवृत्ति संबन्धी प्रक्रिया के लिए भी जरूरी निर्देश दिए गए। यूनिवर्सिटी प्रशासन ने समय सीमा में सभी कार्यों को पूरा करने का अल्टीमेटम दिया। इस दौरान बैठक में अनुपस्थित 20 कॉलेजों के प्राचार्य को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए।
बैठक में कुलसचिव डॉ. बीके पांडेय ने कहा कि जिन पाठ्यक्रमों की संबद्धता 30 जून को खत्म हो रही है, उसके नवीनीकरण के लिए 30 मई तक हर हाल में प्रक्रिया पूरी कर लें। इस संबंध में पहले भी कई बार बताया जा चुका है। लिहाजा कोई चूक होने पर सीधे तौर पर प्राचार्य व कॉलेज प्रशासन ही जिम्मेदार माना जाएगा।
उन्होंने दशमोत्तर छात्रवृत्ति की प्रक्रिया को समझाते हुए बताया कि सभी कॉलेज विभागीय वेबसाइट पर सभी पाठ्यक्रमों का अलग-अलग संपूर्ण विवरण दर्ज करें। इसमें विषय की संबद्धता की स्थिति, अवधि, स्वीकृत सीट संख्या, अनुमोदिल शुल्क आदि का ब्योरा शामिल है।
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यह प्रक्रिया 15 जुलाई तक हर हाल में पूरी करनी होगी। समय से विवरण न भरने पर कॉलेज के छात्रों की छात्रवृत्ति न आने की दिशा में कॉलेज प्रशासन को जिम्मेदार माना जाएगा। कुलपति डॉ. रजनीकांत पांडेय ने यूनिवर्सिटी से मिलने वाले निर्देशों पर त्वरित कार्रवाई करते हुए समय सीमा में सभी प्रक्रियाओं को पूरी करने को कहा। उन्होंने कहा कि त्रुटि रहित बेहतर शैक्षणिक माहौल उपलब्ध कराना यूनिवर्सिटी का उद्देश्य है, लिहाजा सभी कॉलेज इसे ध्यान में रखते हुए काम करें।
बैठक में कुल 49 कॉलेजों के प्राचार्यों को शामिल होना था, मगर 29 ही पहुंच सके। अनुपस्थित प्राचार्यों को नोटिस जारी करने का निर्देश दिया गया। बैठक में उप कुलसचिव महेंद्र कुमार सिंह, परीक्षा नियंत्रक अखिलेश पाल आदि मौजूद रहे।
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बैठक में कुलसचिव डॉ. बीके पांडेय ने कहा कि जिन पाठ्यक्रमों की संबद्धता 30 जून को खत्म हो रही है, उसके नवीनीकरण के लिए 30 मई तक हर हाल में प्रक्रिया पूरी कर लें। इस संबंध में पहले भी कई बार बताया जा चुका है। लिहाजा कोई चूक होने पर सीधे तौर पर प्राचार्य व कॉलेज प्रशासन ही जिम्मेदार माना जाएगा।
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उन्होंने दशमोत्तर छात्रवृत्ति की प्रक्रिया को समझाते हुए बताया कि सभी कॉलेज विभागीय वेबसाइट पर सभी पाठ्यक्रमों का अलग-अलग संपूर्ण विवरण दर्ज करें। इसमें विषय की संबद्धता की स्थिति, अवधि, स्वीकृत सीट संख्या, अनुमोदिल शुल्क आदि का ब्योरा शामिल है।
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यह प्रक्रिया 15 जुलाई तक हर हाल में पूरी करनी होगी। समय से विवरण न भरने पर कॉलेज के छात्रों की छात्रवृत्ति न आने की दिशा में कॉलेज प्रशासन को जिम्मेदार माना जाएगा। कुलपति डॉ. रजनीकांत पांडेय ने यूनिवर्सिटी से मिलने वाले निर्देशों पर त्वरित कार्रवाई करते हुए समय सीमा में सभी प्रक्रियाओं को पूरी करने को कहा। उन्होंने कहा कि त्रुटि रहित बेहतर शैक्षणिक माहौल उपलब्ध कराना यूनिवर्सिटी का उद्देश्य है, लिहाजा सभी कॉलेज इसे ध्यान में रखते हुए काम करें।
बैठक में कुल 49 कॉलेजों के प्राचार्यों को शामिल होना था, मगर 29 ही पहुंच सके। अनुपस्थित प्राचार्यों को नोटिस जारी करने का निर्देश दिया गया। बैठक में उप कुलसचिव महेंद्र कुमार सिंह, परीक्षा नियंत्रक अखिलेश पाल आदि मौजूद रहे।