{"_id":"6144cfdf8ebc3e91e5135016","slug":"abhishek-went-to-lucknow-three-years-ago-siddharthnagar-news-gkp4095947169","type":"story","status":"publish","title_hn":"तीन साल पूर्व लखनऊ गया था अभिषेक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
तीन साल पूर्व लखनऊ गया था अभिषेक
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
तीन साल पहले लखनऊ गया था अभिषेक
सिद्धार्थनगर। खून की तस्करी से जमुनी गांव का नाम चर्चा में आएगा, यह किसी ने सोचा नहीं था। शुक्रवार को गांव के अभिषेक पाठक के इस धंधे में शामिल होने की परिवार और गांव के लोगों को जानकारी मिली तो वे हैरान हो गए। उनका कहना था कि उन्हें विश्वास ही नहीं हो रहा है कि अभिषेक ऐसे कार्य में लिप्त होगा। फिलहाल जानकारी मिलने के बाद गांव में चर्चा का विषय बना हुआ है।
जिले के पथरा थाना क्षेत्र के जमुनी गांव निवासी अभिषेक पाठक दो भाई हैं। उसके पिता बगल के ही गांव के प्राथमिक विद्यालय पर शिक्षामित्र हैं। लोगों के मुताबिक अभिषेक तीन वर्ष पूर्व गांव के लखनऊ गया था। सहज स्वभाव का है और लखनऊ में किसी दवा की कंपनी में सप्लाई करने का कार्य करता था। वह कभी-कभार ही गांव आता था, मगर शुक्रवार को एकाएक तब चर्चा में आ गया, जब लोगों को जानकारी हुई कि उसे खून की तस्करी के आरोप में लिप्त होने पर एसटीएफ की टीम ने पकड़ा है। उसके कब्जे से कई यूनिट खून बरामद किया गया है। गांव और आसपास के लोग इस मामले की जानकारी होने के बाद हैरत में हैं। एएसपी सुरेश चंद्र रावत ने बताया कि फिलहाल लखनऊ पुलिस ने इस मामले में कोई जानकारी नहीं मांगी है।
विज्ञापन
सिद्धार्थनगर। खून की तस्करी से जमुनी गांव का नाम चर्चा में आएगा, यह किसी ने सोचा नहीं था। शुक्रवार को गांव के अभिषेक पाठक के इस धंधे में शामिल होने की परिवार और गांव के लोगों को जानकारी मिली तो वे हैरान हो गए। उनका कहना था कि उन्हें विश्वास ही नहीं हो रहा है कि अभिषेक ऐसे कार्य में लिप्त होगा। फिलहाल जानकारी मिलने के बाद गांव में चर्चा का विषय बना हुआ है।
जिले के पथरा थाना क्षेत्र के जमुनी गांव निवासी अभिषेक पाठक दो भाई हैं। उसके पिता बगल के ही गांव के प्राथमिक विद्यालय पर शिक्षामित्र हैं। लोगों के मुताबिक अभिषेक तीन वर्ष पूर्व गांव के लखनऊ गया था। सहज स्वभाव का है और लखनऊ में किसी दवा की कंपनी में सप्लाई करने का कार्य करता था। वह कभी-कभार ही गांव आता था, मगर शुक्रवार को एकाएक तब चर्चा में आ गया, जब लोगों को जानकारी हुई कि उसे खून की तस्करी के आरोप में लिप्त होने पर एसटीएफ की टीम ने पकड़ा है। उसके कब्जे से कई यूनिट खून बरामद किया गया है। गांव और आसपास के लोग इस मामले की जानकारी होने के बाद हैरत में हैं। एएसपी सुरेश चंद्र रावत ने बताया कि फिलहाल लखनऊ पुलिस ने इस मामले में कोई जानकारी नहीं मांगी है।
विज्ञापन