फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Siddharthnagar News ›   Aadhar card without money hanging in balance

आधार कार्ड बिना अधर में लटकी रकम

Thu, 23 Dec 2021 10:51 PM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Thu, 23 Dec 2021 10:51 PM IST
विज्ञापन
Aadhar card without money hanging in balance
आधार कार्ड बिना अधर में लटकी रकम
विज्ञापन

बैंक खाते में रुपये न पहुंचने से बच्चों के लिए स्वेटर नहीं खरीद पा रहे अभिभावक
सिद्धार्थनगर। परिषद विद्यालय में पढ़ने वाले अधिकतर बच्चे स्वेटर के बिना ठंड में आ रहे हैं। क्योंकि आधार कार्ड के बिना अभिभावकों के बैंक खाते में रकम नहीं पहुंच पा रही है। अभिभावक विद्यालय और बैंक का चक्कर लगाकर परेशान हैं।
शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए प्रदेश सरकार परिषदीय विद्यालयों में कई सुविधाएं प्रदान कर रही है, जिससे की सरकारी विद्यालयों की ओर अभिभावकों का ध्यान केंद्रित हो और बच्चों को पढ़ाने के लिए भेजें। व्यवस्था में सुधार के बाद स्कूलों में बच्चों की संख्या बढ़ रही है। शासन की ओर से बच्चों को किताब के साथ ही निशुल्क जूता, मोजा, ड्रेस और स्वेटर दिया जा रहा है, लेेकिन अनियमितता की शिकायत मिलने के बाद इस वर्ष सीधे बैंक खातों में धनराशि भेजने की प्रक्रिया शुरू की गई।
विज्ञापन

इस नियम के लागू होने से अधिकतर बच्चों के अभिभावकों के खाते में रकम नहीं पहुंच पाई है। कारण कुछ अभिभावकों के पास बैंक खाता ही नहीं है तो कुछ के बैंक खाते से आधार लिंक नहीं है। जोगिया ब्लॉक के सिसवां बुजुर्ग गांव निवासी हरिशचंद ने कहा कि अब तक खाते में धन राशि नहीं आई है। विद्यालय बैंक पर भेज रहे हैं और बैंक वाले कुछ और बता रहे हैं। इसी प्रकार सत्यदेव और अमरजीत की समस्या है। उनका कहना है कि बच्चे पढ़ते हैं। पिछले साल जूता-मोजा और स्वेटर मिला था। ठंड में बच्चों को दिक्कत नहीं हुई। इस बार खाते में रकम भेजे जाने की बात कही गई, लेकिन खाते से आधार नंबर लिंक न होने से रकम नहीं आया, पुराना स्वेटर पहनकर बच्चे स्कूल जा रहे हैं। इस संबंध में बीएसए देवेंद्र कुमार पांडेय ने बताया कि बैंक खातों में रकम भेजे जा रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

ड्रेस के लिए मिल रहे 1100 रुपये
जिले में 1924 प्राथमिक विद्यालय और 743 पूर्व माध्यमिक विद्यालय संचालित हैं। आंकड़ों के मुताबिक इनमें 3.54 लाख बच्चे पंजीकृत हैं। अब तक 1.60 लाख बच्चों के अभिभावकों के बैंक खाते में रकम भेजे गए हैं। शेष को अभी धनराशि का इंतजार रहेगा। एक बच्चे के ड्रेस के लिए 1000 रुपये भेजे जाते हैं।
---
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed