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इंजीनियरों ने कलेक्ट्रेट परिसर में धरना दिया
Siddhartha nagar
Updated Mon, 20 Oct 2014 05:30 AM IST
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सिद्धार्थनगर। डिप्लोमा इंजीनियर्स महासंघ ने शुक्रवार को कलेक्ट्रेट परिसर में छह मांगो को लेकर धरना दिया। इस दो दिवसीय आंदोलन में मांगें पूरी करने की बात कही गई।
धरने को संबोधित करते हुए इंजीनियर एसएन पांडेय ने कहा कि जूनियर इंजीनियर की वेतन विसंगति दूर कर वेतन बैंड 9300 रुपये किया जाए। शासन की नीतियों के अनुरूप तीन पदोन्नतियाें के रूप में 50 प्रतिशत कोटा दिया जाए। पुरानी पेंशन योजना बहाल की जाए। न्यूनतम पेंशन योजना निर्धारित की जाए। अन्य विभागों की तरह से सुविधा दी जाए। छठा वेतन आयोग के वेतन ग्रेड पर एरियर भुगतान किया जाए। राज्य कर्मचारियों की तरह सेवा प्रदान कर उसका लाभ दिया जाए। जनहित के विकास कार्यों में प्रभावशाली व्यक्तियों की बढ़ती धमक पर रोक लगाई जाए, ताकि कार्य पारदर्शिता से हो सकें। अन्य विभागों की तरह से वाहन अनुरक्षण भत्ते के रूप में 30 लीटर पेट्रोल की धनराशि प्रतिमाह दी जाए। उच्च गुणवत्ता युक्त कार्यों के लिए कार्मिक सुरक्षा अधिनियम बनाया जाए। उन्होंने कहा कि अगर मांगें पूरी नहीं हुईं तो धरना आगे भी जारी रहेगा। इसे लेकर सभी इंजीरियरों को एकजुट होने की जरूरत है।
इस दौरान इंजीनियर वीरेंद्र कुमार, घनश्याम चौधरी, कृपाशंकर सिंह, आरएम त्रिपाठी, जीपी गुप्ता, वीएन सिंह, मंडल अध्यक्ष सिंचाई विभाग एचपी पांडेय, अजय कुमार, महेंद्र कुमार, राजीव कुमार त्रिपाठी, मिर्जा नसीम बेग, रामबहाल, एबी पटेल, पंकज कुमार, अनिल सिंह, जोखन प्रसाद कन्नौजिया, राजकुमार प्रजापति, एसके मिश्रा और हरीश त्रिपाठी आदि मौजूद रहे।
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धरने को संबोधित करते हुए इंजीनियर एसएन पांडेय ने कहा कि जूनियर इंजीनियर की वेतन विसंगति दूर कर वेतन बैंड 9300 रुपये किया जाए। शासन की नीतियों के अनुरूप तीन पदोन्नतियाें के रूप में 50 प्रतिशत कोटा दिया जाए। पुरानी पेंशन योजना बहाल की जाए। न्यूनतम पेंशन योजना निर्धारित की जाए। अन्य विभागों की तरह से सुविधा दी जाए। छठा वेतन आयोग के वेतन ग्रेड पर एरियर भुगतान किया जाए। राज्य कर्मचारियों की तरह सेवा प्रदान कर उसका लाभ दिया जाए। जनहित के विकास कार्यों में प्रभावशाली व्यक्तियों की बढ़ती धमक पर रोक लगाई जाए, ताकि कार्य पारदर्शिता से हो सकें। अन्य विभागों की तरह से वाहन अनुरक्षण भत्ते के रूप में 30 लीटर पेट्रोल की धनराशि प्रतिमाह दी जाए। उच्च गुणवत्ता युक्त कार्यों के लिए कार्मिक सुरक्षा अधिनियम बनाया जाए। उन्होंने कहा कि अगर मांगें पूरी नहीं हुईं तो धरना आगे भी जारी रहेगा। इसे लेकर सभी इंजीरियरों को एकजुट होने की जरूरत है।
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इस दौरान इंजीनियर वीरेंद्र कुमार, घनश्याम चौधरी, कृपाशंकर सिंह, आरएम त्रिपाठी, जीपी गुप्ता, वीएन सिंह, मंडल अध्यक्ष सिंचाई विभाग एचपी पांडेय, अजय कुमार, महेंद्र कुमार, राजीव कुमार त्रिपाठी, मिर्जा नसीम बेग, रामबहाल, एबी पटेल, पंकज कुमार, अनिल सिंह, जोखन प्रसाद कन्नौजिया, राजकुमार प्रजापति, एसके मिश्रा और हरीश त्रिपाठी आदि मौजूद रहे।
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