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सिलिंडर के लिए हाइवे जाम
Siddhartha nagar
Updated Thu, 13 Mar 2014 05:30 AM IST
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सिद्धार्थनगर। गैस सिलिंडर नहीं मिलने से गुस्साए लोगों ने बुधवार को नौगढ़-फरेंदा हाइवे जाम कर दिया। उपभोक्ताओं के हंगामे से आधा घंटा के लिए हाइवे पर वाहनों के पहिए थम गए। लोगों के गुस्से के आगे राहगीर बेबस दिखे। सूचना पर पहुंची सिद्धार्थनगर पुलिस ने लोगों को समझा-बुझाकर जाम खुलवाया।
रसोई गैस की समस्या जिले में काफी दिनों से है। होली आने से इसकी समस्या और भी बढ़ गई है। पूर्ति विभाग से लेकर जिला प्रशासन तक इसके बारे में जान रहा है। डीएम इस मामले में गंभीर हुए और इसे लेकर गैस कंपनियों के अधिकारियों को मेल भी भेजा। कंपनियों को भेजे अपने ईमेल में डीएम ने एजेंसियों को भेजी जाने वाली सप्लाई बढ़ाने को कहा था। इसमें चेताया था कि गैस सिलिंडर को लेकर जिले में स्थिति कभी भी बिगड़ सकती है। ऐसी स्थिति में गैस कंपनी को इसके लिए जिम्मेदार माना जाएगा। इसके बाद डीएम ने जिला पूर्ति विभाग को एजेंसी पर सख्ती करके गैस की कालाबाजारी के खिलाफ अभियान चलाने को कहा। कुछ दिन इसका असर दिखा और एजेंसियों पर वितरण व्यवस्था सुधरती दिखी।
प्रशासन की सख्ती के बीच उत्तमा इंडेन सर्विस के प्रोपराइटर कृष्ण कुमार ने 10 दिन में व्यवस्था सुधारने की बात भी कही थी। लेकिन हुआ कुछ नहीं। कई दिन से उपभोक्ता सिलिंडर के लिए परेशान थे। बुधवार को भी जब गैस नहीं मिली तो लोग एजेंसी पर हंगामा करने लगे। गुस्साए उपभोक्ता एजेंसी के खिलाफ नारेबाजी करते हुए नौगढ़-फरेंदा हाइवे पर आ गए। यहां उपभोक्ताओं ने जाम लगा दिया। इसकी सूचना पुलिस को मिली तो सिद्धार्थनगर पुलिस मौके पर पहुंची और मशक्कत के बाद जाम हटाया।
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तड़पते दिखे मरीज
जाम में मरीज भी परेशान हुए। रसोई गैस उपभोक्ताओं के गुस्से के आगे उन्हें आधा घंटा गाड़ी में तड़पते हुए इंतजार करना पड़ा। इनके तीमारदार परेशान होकर जाम खुलने की बाट जोह रहे थे। इन्हें राहत तब मिली जब पुलिस ने आकर जाम खुलवाया।
समस्या का अहम कारण मांग के सापेक्ष सप्लाई कम होना है। गैस कंपनी को इस बारे में लिखा गया है। उन्हें फिर रिमाइंडर भेजकर चेताया जाएगा। पूर्ति विभाग के अधिकारियों को भी रूटीन के मुताबिक सप्लाई सुचारु तौर पर कराने के लिए कहा जाएगा। स्थिति में सुधार न हुआ तो कंपनी से लेकर एजेंसी समेत पूर्ति विभाग के अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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रसोई गैस की समस्या जिले में काफी दिनों से है। होली आने से इसकी समस्या और भी बढ़ गई है। पूर्ति विभाग से लेकर जिला प्रशासन तक इसके बारे में जान रहा है। डीएम इस मामले में गंभीर हुए और इसे लेकर गैस कंपनियों के अधिकारियों को मेल भी भेजा। कंपनियों को भेजे अपने ईमेल में डीएम ने एजेंसियों को भेजी जाने वाली सप्लाई बढ़ाने को कहा था। इसमें चेताया था कि गैस सिलिंडर को लेकर जिले में स्थिति कभी भी बिगड़ सकती है। ऐसी स्थिति में गैस कंपनी को इसके लिए जिम्मेदार माना जाएगा। इसके बाद डीएम ने जिला पूर्ति विभाग को एजेंसी पर सख्ती करके गैस की कालाबाजारी के खिलाफ अभियान चलाने को कहा। कुछ दिन इसका असर दिखा और एजेंसियों पर वितरण व्यवस्था सुधरती दिखी।
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प्रशासन की सख्ती के बीच उत्तमा इंडेन सर्विस के प्रोपराइटर कृष्ण कुमार ने 10 दिन में व्यवस्था सुधारने की बात भी कही थी। लेकिन हुआ कुछ नहीं। कई दिन से उपभोक्ता सिलिंडर के लिए परेशान थे। बुधवार को भी जब गैस नहीं मिली तो लोग एजेंसी पर हंगामा करने लगे। गुस्साए उपभोक्ता एजेंसी के खिलाफ नारेबाजी करते हुए नौगढ़-फरेंदा हाइवे पर आ गए। यहां उपभोक्ताओं ने जाम लगा दिया। इसकी सूचना पुलिस को मिली तो सिद्धार्थनगर पुलिस मौके पर पहुंची और मशक्कत के बाद जाम हटाया।
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तड़पते दिखे मरीज
जाम में मरीज भी परेशान हुए। रसोई गैस उपभोक्ताओं के गुस्से के आगे उन्हें आधा घंटा गाड़ी में तड़पते हुए इंतजार करना पड़ा। इनके तीमारदार परेशान होकर जाम खुलने की बाट जोह रहे थे। इन्हें राहत तब मिली जब पुलिस ने आकर जाम खुलवाया।
समस्या का अहम कारण मांग के सापेक्ष सप्लाई कम होना है। गैस कंपनी को इस बारे में लिखा गया है। उन्हें फिर रिमाइंडर भेजकर चेताया जाएगा। पूर्ति विभाग के अधिकारियों को भी रूटीन के मुताबिक सप्लाई सुचारु तौर पर कराने के लिए कहा जाएगा। स्थिति में सुधार न हुआ तो कंपनी से लेकर एजेंसी समेत पूर्ति विभाग के अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।