फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Siddharthnagar News ›   शिलान्यास के पत्थरों पर बढ़ रही धूल परतें

शिलान्यास के पत्थरों पर बढ़ रही धूल परतें

Wed, 30 Oct 2013 05:39 AM IST
Siddhartha nagar
Siddhartha nagar Updated Wed, 30 Oct 2013 05:39 AM IST
विज्ञापन
सिद्धार्थनगर। बस कुछ घंटे बाद जिले की माटी में सिद्धार्थ विश्वविद्यालय की आधारशिला पड़ जाएगी। उम्मीद है कि सीएम के हाथों रखा गया यह पत्थर न सिर्फ जिले में बल्कि दूर-दूर तक ज्ञान-विज्ञान की खुशबू बिखेरेगा। विकास की इस आस का एक स्याह पहलू भी है। जिले के विकास के लिए कई मुख्यमंत्रियों ने दिल खोला। मायावती, राजनाथ सिंह से लेकर मुलायम सिंह यादव ने जिले के विकास के लिए प्रयास किए, पर अफसोस ये धरातल पर नहीं उतर सके। 40 फीसद अल्पसंख्यक आबादी वाला सिद्धार्थनगर शिक्षा, व्यवसाय से लेकर बुनियादी सुविधाओं में भी पिछड़ा हुआ है।
विज्ञापन

कपिलवस्तु की ऐतिहासिकता जिले को विश्वपटल पर पहचान देती है। हर साल लाखों लोग यहां भगवान बुद्ध से एकीकार होने आते हैं। 1971 से 1973 तक चले उत्खनन कार्य में यहां बुद्ध के अस्थिकलश के अलावा राजप्रसाद और बौद्ध स्तूप मिले। फिर बनी महायोजना, जिसके जरिये इसे पर्यटन स्थल के तौर पर विकसित करने का सपना संजोया गया। लगभग 22 साल पहले तैयार इस योजना के लिए एक हजार हेक्टेयर भूमि भी संरक्षित हुई। लगभग 200 करोड़ रुपये की लागत से सांस्कृतिक केन्द्र, होटल, ध्यानकेन्द्र, मेलास्थल, मृगवन, संग्राहालय एवं शोध संस्थान की स्थापना की तैयारी थी। 1997 में तत्कालीन मुख्यमंत्री मायावती ने इस परियोजना को बढ़ाकर सवा दो सौ करोड़ कर दिया। 22 मई 1997 को वह यहां पहुंची तो हवाई पट्टी, कृत्रिम झरना, प्रेक्षागृह, बौद्धकला वीथिका, बौद्ध संग्राहालय, प्रशासनिक भवन, पुस्तकालय भवन, हेरिटेज पार्क, विपासना केन्द्र पर्यटक वाणिज्य परिसर का शिलान्यास कर डाला, मगर दुर्भाग्य है कि कपिलवस्तु के हाथ सिर्फ दस करोड़ रुपये की टोकन मनी ही आ सकी। इनमें से तमाम योजनाएं बस पत्थरों में ही कैद होकर रह गईं। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के पिछड़ा वर्ग प्रकोष्ठ के प्रदेश महासचिव सूरज जायसवाल कहते हैं कि विकास के नाम पर जिले की जनता से बस छल किया गया। शिलान्यास के पत्थर अगर मूर्तरूप ले पाते तो अब तक जिले की आब-ओ-हवा ही कुछ और होती।
विज्ञापन


180 फिट की बुद्ध की प्रतिमा और टूट गई हड्डी
वर्ष 2001 में कपिलवस्तु पहुंचे तत्कालीन मुख्यमंत्री राजनाथ सिंह ने 180 फिट ऊंची बुद्ध की प्रतिमा बनवाने की घोषणा करके लोगों का दिल जीत लिया। अपार जनसमूह के बीच उन्होंने इसके शिलान्यास का पत्थर गाड़ा। ..पर अफसोस! यह प्रतिमा शिलान्यास के पत्थर में ही कैद होकर रह गई। अखरने वाली बात यह कि, इस कार्यक्रम में भरी सभा में एक शख्स ने शिलान्यास से आगे बढ़कर सीएम से इसके लिए टोकन मनी जारी करने की मांग उठाई तो पुलिस ने उसे इतना पीटा की उसकी हड्डी टूट गई। उस शख्स का कहना बस यह था कि दशकों से विकास के इन कोरे आश्वासनों से यहां की जनता ऊब चुकी है।
विज्ञापन
विज्ञापन


सपने में मुंह मीठा कर गई गन्ने की मिठास
2002 में तत्कालीन मुख्यमंत्री जिले में पहुंचे। उन्होंने कुछ योजनाओं का शिलान्यास किया। इसमें जिले का औद्योगिक विकास करने के लिए चीनी मिल स्थापना की महत्वाकांक्षी योजना शामिल थी। इटवा के भिलौरी में चीनी मिल लगाने के लिए शिलान्यास हुआ, मगर मिल आजतक न बन सकी। इटवा क्षेत्र के किसान सुमित्रानंदन का कहना है कि अगर यह चीनी मिल बनी होती तो पूरे जिले के किसानों को लाभ मिलता। जिले में गन्ने की खेती को बढ़ावा मिलता और कैश क्राप के तौर पर गन्ना उगाकर किसान आर्थिक तौर पर मजबूत होते। इससे आसपास के लोगों के लिए रोजगार के तमाम मौके भी सृजित होते।


मुख्यमंत्री अखिलेश से बढ़ी उम्मीदें
सीएम अखिलेश के स्वागत के लिए पूरा जिला बेकरार है। प्रदेश के युवा मुख्यमंत्री को देखने और सुनने के लिए कपिलवस्तु (अलीगढ़वा) में भारी भींड़ जुटने की उम्मीद है। अपने चुनावी वादों को एक-एक कर पूरा करते दिख रहे अखिलेश को लेकर जिले की जनता मान रही है कि वह जो कहेंगे उसे कर दिखाएंगे। तमाम लोग यह भी आस लगाए हुए हैं कि पहले से लंबित इन घोषणाओं और परियोजनाओं लें। अभिनंदन की इस बेकरारी के बीच लोगों में सीएम को लेकर आस है कि शायद वह ही वो मसीहा हैं जिसका जिले की माटी को इंतजार है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed