फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Siddharthnagar News ›   कृषक दुर्घटना बीमा का नहीं मिल रहा लाभ

कृषक दुर्घटना बीमा का नहीं मिल रहा लाभ

Mon, 30 Sep 2013 05:37 AM IST
Siddhartha nagar
Siddhartha nagar Updated Mon, 30 Sep 2013 05:37 AM IST
विज्ञापन
सिद्धार्थनगर। पहले नियति ने रुलाया, अब जिम्मेदारों का उदासीन रवैया हिम्मत तोड़ रहा है। खातेदार कृषक दुर्घटना बीमा योजना का लाभ लेने के हकदार दर्जनों लोगों को इसका लाभ लेने में खून के आंसू रोना पड़ रहा है। आलम यह है कि 2004 सेे 2010 के बीच के 25 दावे अभी तक बीमा कंपनी के पास लटके हुए हैं। प्रशासन भी इन लोगों को उनका हक दिलाने के लिए महज रिमाइंडर भेज कर अपनी जिम्मेदारी पूरी मान लेता नजर आ रहा है।
विज्ञापन

2004 में खेत का मालिकाना हक रखने वाले कृषक की आकस्मिक मृत्यु पर उन्हें मुआवजा देने के लिए इस योजना को शुरू किया था। उस वक्त किसान की आकस्मिक मृत्यु पर उसके परिवार को एक लाख रुपये देने का प्रावधान था। इस योजना में प्रदेश सरकार ने बीमा कंपनियों का सहारा लिया। बीमा कंपनियों को जिला प्रशासन की ओर से 90 दिन के भीतर मुआवजे के लिए दावे पेश किए जाने थे। इसके एक माह के भीतर पात्र लाभार्थी को योजना का लाभ दिए जाने का नियम तय हुआ। पर ऐसा हो नहीं सका। बीमा कंपनियों के अडंगे में फंसकर कई पात्र सरकारी दफ्तरों की खाक छान रहे हैं। भूलेख अधिकारी कार्यालय के आंकड़े बताते हैं कि 2004 से 2010 के बीच आए 25 दावे आज भी लंबित हैं। ये पात्र अपना हक पाने के लिए परेशान हैं। अब प्रदेश सरकार ने बीमा कंपनियों का सुस्त रवैया देखते हुए इस काम से उन्हें पूरी तरह से हटा दिया है। 2010 के बाद से अब तक प्रदेश सरकार स्वयं खातेदार कृषक दुर्घटना बीमा का संचालन कर रही है। साथ ही मुआवजे की राशि को भी उसने एक लाख से बढ़ाकर पांच लाख कर दिया है।
विज्ञापन


बजट ने लगाया ग्रहण
नए बदलाव के बाद भी योजना की हालत सुधरती नजर नहीं आ रही है। इस साल जनवरी से अब तक 161 दावे आए, इनमे से 56 दावे अब भी लटके हुए हैं। विभाग की माने तो इनके लटकने का कारण बजट का नहीं होना है।
विज्ञापन
विज्ञापन


वर्जन
बीमा कंपनियों से इस संबंध में पत्राचार किया जा रहा है। दावों के जल्द निस्तारण के लिए उन्हें कहा गया है। कुछ दावों में थोड़ी कमियां होने के कारण भी विलंब हुआ।
जगदीश, एडीएम सिद्धार्थनगर
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed