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दो करोड़ के टेंडर में नियमों की अनदेखी
Siddhartha nagar
Updated Fri, 27 Sep 2013 05:37 AM IST
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सिद्धार्थनगर। जिला नगरीय विकास अभिकरण में भ्रष्टाचार का खुला खेल जारी है। यहां अपने चहेतों को लाभ देने के लिए नियम कायदे ताक पर रखकर काम करने का चलन है। हाल ही में जारी एक निविदा सूचना के प्रकाशन का मामला भी इसकी गवाही दे रहा है। अब जिम्मेदार एक दूसरे पर गलती की जिम्मेदारी मढ़ने में लग गए हैं।
विभाग के जिला कार्यालय से एक निविदा सूचना का विज्ञापन जारी किया गया। वितरण की दृष्टि से लोकप्रिय अखबारों से इसे सिर्फ बाहरी संस्करण में प्रकाशित करने को कहा गया। यह विज्ञापन बाहरी जिले में छप भी चुका है। आज यानी 26 सितंबर को दिन में 11 से दो बजे तक डूडा कार्यालय में निविदा प्रपत्र जारी होना है। 27 को 10 से दो बजे तक इसे जमा करने की अंतिम समय सीमा तय है और इसी दिन चार बजे सीडीओ कार्यालय पर इसे खोला जाना है। दो करोड़ के इस काम के लिए अभी से सेटिंग शुरू हो गई है। सूत्रों की माने तो विभाग पहले भी इस तरह से गैर जनपद में निविदा सूचना जारी कर चुका है। इसके पीछे सबसे बड़ा कारण है कमीशन का खेल। अपने मन मुताबिक लोगों को काम देकर जिम्मेदार मोटी कमाई में जुटे हुए हैं।
छपवाया था फर्जी विज्ञापन
विभाग में जारी मनमानी का अंदाजा इस बात से ही लगाया जा सकता है कि पांच नवंबर 2012 को जिले के दो अधिक वितरण वाले अखबारों में फर्जी ढंग से अपना विज्ञापन छपा दिखाकर खास को लाभ दे दिया गया। डूडा के पूर्व परियोजना अधिकारी की ओर से मिली तहरीर पर इस मामले में धारा 419, 420 आईपीसी के तहत सिद्धार्थनगर थाने में रिपोर्ट भी दर्ज हुई। विभागीय स्तर पर गड़बड़ी करने वाले सामने हैं और इस काम से लाभ लेने वाले ठेकेदार भी विभाग की नजरों में हैं, मगर अब तक किसी पर कोई कार्रवाई नहीं हुई है।
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हमने नहीं की कोई फेरबदल
जिला सूचना कार्यालय के बाबू नजमुल हुदा का कहना है कि विज्ञापन हमने अखबारों के प्रतिनिधियों को दिया था, लेकिन इसमें सूचना कार्यालय ने किसी विशेष जिले में इसे छापने के लिए नहीं लिखा था।
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ऐसा हुआ है तो होगी सख्त कार्रवाई
प्रभारी जिला सूचना अधिकारी सुरेंद्र दास ने कहा कि मामला जानकारी में नहीं है। इसे पता कराया जाएगा। अगर किसी की गलती मिली तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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तो फिर से विज्ञापन प्रकाशित होगा
डीएम एसपी मिश्र ने कहा कि अगर निविदा सूचना प्रमुख अखबारों के देवरिया में केवल छापी गई होगी तो इसे अमान्य करते हुए विभाग से पुन: स्थानीय संस्करण में विज्ञापन प्रकाशित कराने के लिए कहा जाएगा। नवंबर 2012 वाले प्रकरण में कार्रवाई के लिए उच्चाधिकारियों को लिख दिया है, इसमें दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी।
एक विज्ञापन बाहर के जिले में छपा है। हमने सूचना विभाग को पत्र जारी करके अखबारों में विज्ञापन प्रकाशित कराने को कहा था, लेकिन हमने इसे बाहरी जिले में छापने के लिए नहीं कहा था। सूचना विभाग जाने कि यह फेरबदल कहां की गई है। 2012 में प्रकाशित फर्जी विज्ञापन के मामले में न सिर्फ पुलिस के पास एफआईआर दर्ज है, बल्कि विभागीय जांच भी हो रही है।
एसी तिवारी, परियोजना अधिकारी डूडा।
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विभाग के जिला कार्यालय से एक निविदा सूचना का विज्ञापन जारी किया गया। वितरण की दृष्टि से लोकप्रिय अखबारों से इसे सिर्फ बाहरी संस्करण में प्रकाशित करने को कहा गया। यह विज्ञापन बाहरी जिले में छप भी चुका है। आज यानी 26 सितंबर को दिन में 11 से दो बजे तक डूडा कार्यालय में निविदा प्रपत्र जारी होना है। 27 को 10 से दो बजे तक इसे जमा करने की अंतिम समय सीमा तय है और इसी दिन चार बजे सीडीओ कार्यालय पर इसे खोला जाना है। दो करोड़ के इस काम के लिए अभी से सेटिंग शुरू हो गई है। सूत्रों की माने तो विभाग पहले भी इस तरह से गैर जनपद में निविदा सूचना जारी कर चुका है। इसके पीछे सबसे बड़ा कारण है कमीशन का खेल। अपने मन मुताबिक लोगों को काम देकर जिम्मेदार मोटी कमाई में जुटे हुए हैं।
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छपवाया था फर्जी विज्ञापन
विभाग में जारी मनमानी का अंदाजा इस बात से ही लगाया जा सकता है कि पांच नवंबर 2012 को जिले के दो अधिक वितरण वाले अखबारों में फर्जी ढंग से अपना विज्ञापन छपा दिखाकर खास को लाभ दे दिया गया। डूडा के पूर्व परियोजना अधिकारी की ओर से मिली तहरीर पर इस मामले में धारा 419, 420 आईपीसी के तहत सिद्धार्थनगर थाने में रिपोर्ट भी दर्ज हुई। विभागीय स्तर पर गड़बड़ी करने वाले सामने हैं और इस काम से लाभ लेने वाले ठेकेदार भी विभाग की नजरों में हैं, मगर अब तक किसी पर कोई कार्रवाई नहीं हुई है।
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हमने नहीं की कोई फेरबदल
जिला सूचना कार्यालय के बाबू नजमुल हुदा का कहना है कि विज्ञापन हमने अखबारों के प्रतिनिधियों को दिया था, लेकिन इसमें सूचना कार्यालय ने किसी विशेष जिले में इसे छापने के लिए नहीं लिखा था।
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ऐसा हुआ है तो होगी सख्त कार्रवाई
प्रभारी जिला सूचना अधिकारी सुरेंद्र दास ने कहा कि मामला जानकारी में नहीं है। इसे पता कराया जाएगा। अगर किसी की गलती मिली तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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तो फिर से विज्ञापन प्रकाशित होगा
डीएम एसपी मिश्र ने कहा कि अगर निविदा सूचना प्रमुख अखबारों के देवरिया में केवल छापी गई होगी तो इसे अमान्य करते हुए विभाग से पुन: स्थानीय संस्करण में विज्ञापन प्रकाशित कराने के लिए कहा जाएगा। नवंबर 2012 वाले प्रकरण में कार्रवाई के लिए उच्चाधिकारियों को लिख दिया है, इसमें दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी।
एक विज्ञापन बाहर के जिले में छपा है। हमने सूचना विभाग को पत्र जारी करके अखबारों में विज्ञापन प्रकाशित कराने को कहा था, लेकिन हमने इसे बाहरी जिले में छापने के लिए नहीं कहा था। सूचना विभाग जाने कि यह फेरबदल कहां की गई है। 2012 में प्रकाशित फर्जी विज्ञापन के मामले में न सिर्फ पुलिस के पास एफआईआर दर्ज है, बल्कि विभागीय जांच भी हो रही है।
एसी तिवारी, परियोजना अधिकारी डूडा।