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पुराने ढर्रे को नहीं छोड़ रही है पुलिस
Siddhartha nagar
Updated Fri, 26 Jul 2013 05:33 AM IST
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सिद्धार्थनगर। एक साल पहले पुलिस संसाधनों की कमी और स्टाफ की कमी से रोया करती थी। वक्त बदला स्टाफ भी बढ़ गए लेकिन पुलिस का रवैया आज भी वही का वही। यही वजह है कि घटनाओं के कुछ दिन बीत जाने के बाद उनकी फाइल ठंडे बस्ते में डाल दिया जाता है। महकमा फिर उन्हें छूने का प्रयास भी नहीं करता है। कुछ घटनाएं इस बात की गवाह भी है। पुलिस अपने पुराने ढर्रे पर ही चल रही है। जिले की सुरक्षा को लेकर पुलिस के इंतजाम केवल कागजी बनकर रह गए हैं।
इनसेट
ये वारदातें पुलिस की सुस्ती के गवाह
19 नवंबर: डुमरियागंज थाना क्षेत्र में डुमरियागंज थाना से महज 200 मीटर की दूरी पर गोविंद लाल सोनी निवासी भरवठिया मुस्तकहम की स्थानीय मंदिर चौराहे पर ज्वेलरी की दुकान से 49 ग्राम सोना, 900 ग्राम चांदी के साथ नौ हजार रुपये लेकर फरार हो गए।
स्थिति: अब तक नहीं हो सका खुलासा
10 जून: मोहाना थाना क्षेत्र से मात्र दो किलोमीटर की दूरी पर ही बाइक सवार दो बदमाशों ने सर्राफा व्यवसायी राधे श्याम वर्मा को दिन दहाड़े लूटा।
स्थिति: अब तक नहीं हो सका खुलासा फाइल क्लोज
16 जनवरी: जोगिया कोतवाली कपिया मिश्र निवासी रमाकांत चौरसिया को घर जाते समय जान से मारने की कोशिश की। इस दौरान उनके हाथ में गोली भी लग गई। इसके बाद हमलावर घटनास्थल से फरार हो गए।
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स्थिति: अब तक नहीं हो सका खुलासा
3 फरवरी: इटवा थाना अंतर्गत पेड़ारी गांव निवासी चौरसी (45) पत्नी सुमिरन से लूट। विफल होने पर कच्छा बनियान के गिरोह के सदस्यों ने महिला को मारा पीटा।
स्थिति: अब तक नहीं पता चल सका बदमाशों का।
11 मई: सिद्धार्थनगर थाना क्षेत्र से पांच लाख से अधिक की चोरी।
स्थिति: चोरी का नहीं हो सका खुलासा
18 अप्रैल: मुख्यालय के पुलिस पिकेट से सौ मीटर की दूरी पर स्थित अब्बास मार्केट से मोबाइल की दुकान से लाखों की चोरी।
स्थिति: अब तक नहीं हो सका खुलासा।
04 सितंबर: मुख्यालय के बुद्ध नगर से लाखाें की चोरी।
स्थिति: इसका भी अब तक नहीं हो सका खुलासा।
08 जून: अधिवक्ता बालकृष्ण के घर से दो लाख से अधिक की चोरी।
स्थिति: इसका भी नहीं हो सका खुलासा।
इस संबंध में एसपी श्रीपर्णा गांगुली का कहना है कि चोरी और लूट की जितनी भी घटनाएं हुई हैं। उनमें से अधिकतर घटनाओं को खुलासा हो चुका है। जिन घटनाओं को खुलासा नहीं हुआ है। उसके लिए पुलिस की टीम काम कर रही है। जल्द ही उन घटनाआें का भी खुलासा कर दिया जाएगा।
इसी तरह जिले में छह माह में पचास से अधिक बाइक की चोरी हो चुकी है लेकिन चोरी का खुलासा नहीं हो सका है।
क्या है पुलिस महकमा की ताकत
थाना: 19 महिला समेत
कांस्टेबल: 745
हेडकांस्टेबल: 59
दरोगा: 50
इंस्पेक्टर: 14 (12 दरोगाओं का अभी हाल में ही हुआ प्रमोशन)
कोबरा मोबाइल: 36
महिला कांस्टेबल: 27
हेड कांस्टेबल महिला: 1
कुछ और भी पहलू जानिए पुलिस के सुस्ती के
महिला पुलिस कर्मचारियों में शहर के थाने में तैनाती की होड़ मची है।
महिला हेल्पलाइन के नंबर 1090 पर कम ही हो पाती बात।
पिकेट पर पुलिस तो रहती है लेकिन चुस्ती के नाम पर सुस्ती।
थानेदारों के फोन उठ जाए तो बड़ी बात, मामले दबाने से होती है शुरुआत।
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इनसेट
ये वारदातें पुलिस की सुस्ती के गवाह
19 नवंबर: डुमरियागंज थाना क्षेत्र में डुमरियागंज थाना से महज 200 मीटर की दूरी पर गोविंद लाल सोनी निवासी भरवठिया मुस्तकहम की स्थानीय मंदिर चौराहे पर ज्वेलरी की दुकान से 49 ग्राम सोना, 900 ग्राम चांदी के साथ नौ हजार रुपये लेकर फरार हो गए।
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स्थिति: अब तक नहीं हो सका खुलासा
10 जून: मोहाना थाना क्षेत्र से मात्र दो किलोमीटर की दूरी पर ही बाइक सवार दो बदमाशों ने सर्राफा व्यवसायी राधे श्याम वर्मा को दिन दहाड़े लूटा।
स्थिति: अब तक नहीं हो सका खुलासा फाइल क्लोज
16 जनवरी: जोगिया कोतवाली कपिया मिश्र निवासी रमाकांत चौरसिया को घर जाते समय जान से मारने की कोशिश की। इस दौरान उनके हाथ में गोली भी लग गई। इसके बाद हमलावर घटनास्थल से फरार हो गए।
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स्थिति: अब तक नहीं हो सका खुलासा
3 फरवरी: इटवा थाना अंतर्गत पेड़ारी गांव निवासी चौरसी (45) पत्नी सुमिरन से लूट। विफल होने पर कच्छा बनियान के गिरोह के सदस्यों ने महिला को मारा पीटा।
स्थिति: अब तक नहीं पता चल सका बदमाशों का।
11 मई: सिद्धार्थनगर थाना क्षेत्र से पांच लाख से अधिक की चोरी।
स्थिति: चोरी का नहीं हो सका खुलासा
18 अप्रैल: मुख्यालय के पुलिस पिकेट से सौ मीटर की दूरी पर स्थित अब्बास मार्केट से मोबाइल की दुकान से लाखों की चोरी।
स्थिति: अब तक नहीं हो सका खुलासा।
04 सितंबर: मुख्यालय के बुद्ध नगर से लाखाें की चोरी।
स्थिति: इसका भी अब तक नहीं हो सका खुलासा।
08 जून: अधिवक्ता बालकृष्ण के घर से दो लाख से अधिक की चोरी।
स्थिति: इसका भी नहीं हो सका खुलासा।
इस संबंध में एसपी श्रीपर्णा गांगुली का कहना है कि चोरी और लूट की जितनी भी घटनाएं हुई हैं। उनमें से अधिकतर घटनाओं को खुलासा हो चुका है। जिन घटनाओं को खुलासा नहीं हुआ है। उसके लिए पुलिस की टीम काम कर रही है। जल्द ही उन घटनाआें का भी खुलासा कर दिया जाएगा।
इसी तरह जिले में छह माह में पचास से अधिक बाइक की चोरी हो चुकी है लेकिन चोरी का खुलासा नहीं हो सका है।
क्या है पुलिस महकमा की ताकत
थाना: 19 महिला समेत
कांस्टेबल: 745
हेडकांस्टेबल: 59
दरोगा: 50
इंस्पेक्टर: 14 (12 दरोगाओं का अभी हाल में ही हुआ प्रमोशन)
कोबरा मोबाइल: 36
महिला कांस्टेबल: 27
हेड कांस्टेबल महिला: 1
कुछ और भी पहलू जानिए पुलिस के सुस्ती के
महिला पुलिस कर्मचारियों में शहर के थाने में तैनाती की होड़ मची है।
महिला हेल्पलाइन के नंबर 1090 पर कम ही हो पाती बात।
पिकेट पर पुलिस तो रहती है लेकिन चुस्ती के नाम पर सुस्ती।
थानेदारों के फोन उठ जाए तो बड़ी बात, मामले दबाने से होती है शुरुआत।