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निरंतर प्रयास से मिलती है मंजिल
Siddhartha nagar
Updated Sat, 24 Nov 2012 12:00 PM IST
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बांसी। रतनसेन महाविद्यालय में शुक्रवार को पुरातन छात्र सम्मेलन का आयोजन किया गया। सम्मेलन को संबोधित करते हुए प्रधानाचार्य हरिशंकर त्रिपाठी ने कहा कि विद्यालय विद्या का मंदिर है। यहीं छात्रों को शिक्षा के साथ-साथ संस्कारों में भी दक्ष बनाया जाता है। गुरु और शिष्य के संबंध पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा कि सैकड़ों मील चलने वाला व्यक्ति पहले एक कदम चलता है, फिर वह आगे बढ़ता चला जाता है। इसी तरह प्रयास में निरंतर निखार तो आता ही है, मंजिल भी व्यक्ति को मिलती है। पूर्व प्रधानाचार्य दिनेश चंद्र पाडेय ने विद्यालय के इतिहास पर प्रकाश डाला। पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष तथा पुरातन छात्र मंगेश दूबे ने कहा कि इस कार्यक्रम को विशाल रूप देने की आवश्यकता है। इसके अलावा प्रवक्ता जयनरायन मिश्र, ओपी राय, आलोक नाथ पांडेय, अंबिकेश श्रीवास्तव, शैलेंद्र प्रताप सिंह, आदित्य अग्रहरि, धर्मेंद्र प्रताप सिंह ने भी अपने विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम का संचालन मिथिलेश कुमार तिवारी ने किया। इस अवसर पर सुरेंद्र सिंह, हरिप्रसाद सिंह, ईश्वर चंद्र दूबे, सभापति, योगेंद्र अग्रहरि, राहुल गुप्ता, राकेश पांडेय आदि उपस्थित थे।
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