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बीपीएल के अतिरिक्त पात्रों की हो रही तलाश
Siddhartha nagar
Updated Sat, 17 Nov 2012 12:00 PM IST
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सिद्धार्थनगर। डीएम के निर्देश पर जिले में बीपीएल श्रेणी के पात्रों की तलाश में पूर्ति विभाग से लेकर तहसील प्रशासन तक जुट गया है। इस समय शासन की मंशा के अनुसार बीपीएल कार्ड धारकों के अलावा बीपीएल श्रेणी में आने वाले अतिरिक्त पात्रों की तलाश की जा रही है। पंद्रह नवंबर तक इन चयनित पात्रों की सूची डीएम ने मांगी थी, लेकिन पर्वों के अवकाशों के कारण यह कार्य पूरा नहीं हो सका है। 33000 बीपीएल श्रेणी में आने वाले शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के अतिरिक्त पात्रों के न केवल राशन कार्ड बनेंगे, बल्कि उन्हें राशन भी मुहैया कराना सरकार की मंशा है।
गांवों तथा शहरी क्षेत्रों के बीपीएल कार्ड धारकों के अलावा अब विभाग ऐसे पात्रों का चयन करने में जुटा हुआ है, जो वास्तव में गरीबी की श्रेणी में आते हैं। किन्हीं कारणवश उनका अब तक राशन कार्ड न बना हो या फिर राशन न मिल रहा हो। डीएम ने शासन के निर्देश पर ऐसे पात्रों के चयन की शहरी क्षेत्रों की जिम्मेदारी तहसील प्रशासन तथा ग्रामीण क्षेत्रों की जिम्मेदारी खंड विकास अधिकारियों को दी थी। हर हाल में इन पात्रों का चयन पंद्रह नवंबर तक पूरा कर डीएम को सूची उपलब्ध कराई जानी थी। अब तक पात्रों की सूची तैयार नहीं हो सकी है। इसके लिए उन्नीस को डीएम ने बैठक भी बुलाई है। हर हाल में दिसंबर तक यह कार्य पूरा कर मार्च से इन पात्रों को राशन मुहैया कराना सरकार की प्राथमिकता है। इस संबंध में जिलापूर्ति अधिकारी राकेश कुमार का कहना है कि सूची अब तक तैयार नहीं हुई है। उन्नीस नवंबर को डीएम की अध्यक्षता में होने वाली बैठक में इसकी रणनीति तय होने के बाद ही कुछ कहा जा सकता है।
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गांवों तथा शहरी क्षेत्रों के बीपीएल कार्ड धारकों के अलावा अब विभाग ऐसे पात्रों का चयन करने में जुटा हुआ है, जो वास्तव में गरीबी की श्रेणी में आते हैं। किन्हीं कारणवश उनका अब तक राशन कार्ड न बना हो या फिर राशन न मिल रहा हो। डीएम ने शासन के निर्देश पर ऐसे पात्रों के चयन की शहरी क्षेत्रों की जिम्मेदारी तहसील प्रशासन तथा ग्रामीण क्षेत्रों की जिम्मेदारी खंड विकास अधिकारियों को दी थी। हर हाल में इन पात्रों का चयन पंद्रह नवंबर तक पूरा कर डीएम को सूची उपलब्ध कराई जानी थी। अब तक पात्रों की सूची तैयार नहीं हो सकी है। इसके लिए उन्नीस को डीएम ने बैठक भी बुलाई है। हर हाल में दिसंबर तक यह कार्य पूरा कर मार्च से इन पात्रों को राशन मुहैया कराना सरकार की प्राथमिकता है। इस संबंध में जिलापूर्ति अधिकारी राकेश कुमार का कहना है कि सूची अब तक तैयार नहीं हुई है। उन्नीस नवंबर को डीएम की अध्यक्षता में होने वाली बैठक में इसकी रणनीति तय होने के बाद ही कुछ कहा जा सकता है।
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