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श्रीलंकाई दल ने पिपरहवा का जायजा लिया
Siddhartha nagar
Updated Tue, 13 Nov 2012 12:00 PM IST
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सिद्धार्थनगर। श्रीलंका से आए पर्यटकों के दल ने सोमवार को कपिलवस्तु क्षेत्र के विश्व प्रसिद्ध पिपरहवा स्तूप का दर्शन किया। इस दल की अगवानी विधानसभा अध्यक्ष माता प्रसाद पांडेय ने की। बातचीत के दौरान विधानसभा अध्यक्ष ने बताया कि यह दल इस क्षेत्र के विकास के लिए श्रीलंका सरकार से पहल करेगा।
सोमवार को पर्यटकों का दल तीन बसों से पिपरहवा पहुंचा। यहां समारोह आयोजित कर सबका स्वागत किया गया। यहां दल ने पिपरहवा के स्तूप को देखा और यहां के इतिहास की जानकारी ली। इसी क्रम में खुदाई के दौरान मिले राजा शुद्धोधन के राजमहल के हिस्सों को भी टीम ने देखा। पिपरहवा स्तूप के गेट के निकट आयोजित समारोह में विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि यह दल श्रीलंका की मजबूत संस्था से जुड़ा है, जो बौद्ध सर्किट के विकास को लेकर कृत संकल्पित है। उन्होंने कहा कि बीते दिनों प्रदेश सरकार की तरफ से श्रीलंका प्रवास के दौरान वहां के राष्ट्रपति ने यहां के विकास के लिए हामी भरी थी। इस दौरान उन्होंने एक दल यहां भेजे जाने की बात कही थी। दल को यहां की एक-एक चीज से परिचित कराते हुए भौगोलिक स्थिति बताई गई। इन लोगों ने विकास को लेकर सहमति जताते हुए इस बात को श्रीलंका की सरकार के समक्ष रखने का वायदा किया है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार भी इसे लेकर गंभीर है। अधिग्रहीत की गई तकरीबन सौ एकड़ भूमि में से 2.5-2.5 एकड़ भूमि जापान, ताइवान, श्रीलंका को बौद्ध मंदिर बनाने के लिए दी जाएगी। इसके साथ ही जिले में एक सुपर स्पेशियलिटी हास्पिटल के लिए भी जमीन की तलाश की जा रही है। इसे बनाने के लिए जापान सरकार से सहयोग मिलेगा।
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इसके पहले नगर पालिका अध्यक्ष मोहम्मद जमील सिद्दीकी, जिलाध्यक्ष सपा अजय चौधरी, प्रधान अमर सिंह चौधरी सहित अन्य सपा नेताओं ने श्रीलंकाई दल का स्वागत किया। इस दल में बौद्ध संस्था श्रीलंका समिति की अध्यक्ष देवी, डॉ. मिस्टर समाधि हृदय रोग विशेषज्ञ, केआर सुंदर, राममिलन, पीएन, सुदरीक मदान, दिप्ती, विजय सुंदर, रासीला, अनुवादक टीजी रतन के अलावा जावेद मौजूद थे।
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सोमवार को पर्यटकों का दल तीन बसों से पिपरहवा पहुंचा। यहां समारोह आयोजित कर सबका स्वागत किया गया। यहां दल ने पिपरहवा के स्तूप को देखा और यहां के इतिहास की जानकारी ली। इसी क्रम में खुदाई के दौरान मिले राजा शुद्धोधन के राजमहल के हिस्सों को भी टीम ने देखा। पिपरहवा स्तूप के गेट के निकट आयोजित समारोह में विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि यह दल श्रीलंका की मजबूत संस्था से जुड़ा है, जो बौद्ध सर्किट के विकास को लेकर कृत संकल्पित है। उन्होंने कहा कि बीते दिनों प्रदेश सरकार की तरफ से श्रीलंका प्रवास के दौरान वहां के राष्ट्रपति ने यहां के विकास के लिए हामी भरी थी। इस दौरान उन्होंने एक दल यहां भेजे जाने की बात कही थी। दल को यहां की एक-एक चीज से परिचित कराते हुए भौगोलिक स्थिति बताई गई। इन लोगों ने विकास को लेकर सहमति जताते हुए इस बात को श्रीलंका की सरकार के समक्ष रखने का वायदा किया है।
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उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार भी इसे लेकर गंभीर है। अधिग्रहीत की गई तकरीबन सौ एकड़ भूमि में से 2.5-2.5 एकड़ भूमि जापान, ताइवान, श्रीलंका को बौद्ध मंदिर बनाने के लिए दी जाएगी। इसके साथ ही जिले में एक सुपर स्पेशियलिटी हास्पिटल के लिए भी जमीन की तलाश की जा रही है। इसे बनाने के लिए जापान सरकार से सहयोग मिलेगा।
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इसके पहले नगर पालिका अध्यक्ष मोहम्मद जमील सिद्दीकी, जिलाध्यक्ष सपा अजय चौधरी, प्रधान अमर सिंह चौधरी सहित अन्य सपा नेताओं ने श्रीलंकाई दल का स्वागत किया। इस दल में बौद्ध संस्था श्रीलंका समिति की अध्यक्ष देवी, डॉ. मिस्टर समाधि हृदय रोग विशेषज्ञ, केआर सुंदर, राममिलन, पीएन, सुदरीक मदान, दिप्ती, विजय सुंदर, रासीला, अनुवादक टीजी रतन के अलावा जावेद मौजूद थे।