फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Siddharthnagar News ›   बदहाली परसा महापात्र की पहचान

बदहाली परसा महापात्र की पहचान

Sun, 03 Sep 2017 10:12 PM IST
Updated Sun, 03 Sep 2017 10:12 PM IST
विज्ञापन
बदहाली परसा महापात्र की पहचान
सिद्धार्थनगर। सूबे के वित्त सचिव महेंद्र अग्रवाल दो दिवसीय दौरे पर सोमवार को जिले में आ रहे हैं। इस दौरान वह विकास कार्यक्रमों की समीक्षा करेंगे और नजदीकी उसका ब्लॉक के परसा महापात्र गांव में चौपाल लगाकर ग्रामीणों से रूबरू होंगे। गांव के विकास का हाल जानने आए सचिव को अफसर कौन सी तस्वीर दिखाएंगे यह तो नहीं पता, मगर 24 घंटे पहले तक गांव की पिक्चर बेहद बदरंग रही। गंदगी से बजबजाती नालियां और कूड़े की सड़ांध गांव में घुसते ही स्वच्छता अभियान की पोल खोल रही है।
विज्ञापन

स्वच्छ पेयजल का वर्षों से ग्रामीणों को सपना दिखाया जा रहा है, मगर टंकी निर्माण के बाद से यह प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ सकी है। गांव में विकास की अन्य योजनाएं भी पूरी तरह दम तोड़ रही हैं। सचिव के आगमन से पहले गांव की इस दशा से सामान्य दिनों की दुर्दशा का अंदाजा लगाया जा सकता है। करीब 1500 की आबादी वाले परसा महापात्र गांव में साफ-सफाई का सबसे बुरा हाल है। गांव में हर तरफ कूड़ा का ढेर लगा हुआ है। नालियां ध्वस्त होने से गंदा पानी रास्ते में पसर रहा है। लोग गंदे पानी से होकर आने-जाने को मजबूर हैं। जलनिकासी के लिए गांव के मध्य स्थित पोखरा भी गंदगी से बजबजा रहा है। स्वच्छता योजना के तहत गांव में निर्मित शौचालय अधूरे हैं। कई शौचालयों के टैंक बने हैं तो घर नहीं बना है, वहीं जहां शौचालय पूरा है वहां दरवाजे, छत न होने से उपयोग नहीं हो पा रहा।
विज्ञापन

गांव के विशाल, रामदास, चिनकू आदि का कहना है कि गंदगी में जीन दुश्वार हो गया है। एक तरफ स्वच्छ भारत का राग अलापा जा रहा है तो दूसरी तरफ मुख्यालय से सटे इस गांव में स्वच्छता के लिए कोई योजना नहीं है। गांव के अलाउद्दीन, लच्छी, संदीप, हनुमान ने बताया कि स्वच्छ पेयजल के लिए दो साल पहले पानी की टंकी बनाई गई थी, लेकिन गांव के किसी भी घर में एक बूंद पानी अब तक नहीं आया है। टंकी शो-पीस है। राजू, सुभाष, रघुबर, कल्पनाथ, यमुना, राजाराम आदि ग्रामीणों का कहना था कि गांव की समस्याओं को लेकर लगातार आवाज उठाई जाती रही है, मगर किसी ने भी समाधान में दिलचस्पी नहीं ली। अब वित्त सचिव के समक्ष वह अपनी पीड़ा जाहिर करेंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन

गांव की समस्याओं के बाबत ग्राम प्रधान अनिल अग्रहरि का कहना है कि साफ-सफाई के लिए नाली निर्माण व अन्य कार्यों के लिए प्रस्ताव बनाकर लगातार दिया जा रहा है, मगर स्वीकृति नहीं मिल पा रही है। ग्राम पंचायत के पास संसाधान सीमित है। उसी से जितना संभव हो, काम कराया जा रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed