फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Siddharthnagar News ›   स्कूल के ऊपर से गुजर रहे तार, परिसर में ही ट्रांसफार्मर

स्कूल के ऊपर से गुजर रहे तार, परिसर में ही ट्रांसफार्मर

Tue, 01 Aug 2017 10:47 PM IST
Updated Tue, 01 Aug 2017 10:47 PM IST
विज्ञापन
स्कूल के ऊपर से गुजर रहे तार, परिसर में ही ट्रांसफार्मर
सिद्धार्थनगर। इटवा के त्रिलोकपुर प्राथमिक विद्यालय में सोमवार को तीन बच्चे करंट से झुलस गए। इन मासूमों की गलती सिर्फ इतनी थी कि स्कूल में लगी खिड़की के ग्रिल को छू लिया था। रसोइए की सूझ-बूझ से यहां तो बच्चों को समय रहते बचा लिया गया, लेकिन जिले में ऐसे तमाम स्कूल हैं, जहां बिजली के तार कभी भी बड़ी अनहोनी का कारण बन सकते हैं। स्कूलों की बाउंड्री के अंदर लोहे के पोल पर ट्रांसफार्मर रखे हुए हैं तो कहीं स्कूल के ठीक ऊपर से बिजली का तार गुजर रहा है। शिक्षा विभाग इससे बेखबर बना हुआ है और बिजली विभाग को कोई चिंता नहीं है।
विज्ञापन

अकेले बर्डपुर ब्लॉक में ही ऐसे स्कूलों की संख्या दर्जनों में हैं। करीब साढ़े तीन सौ छात्र संख्या वाले प्राथमिक व पूर्व माध्यमिक विद्यालय काशीपुर में छत के ऊपर से तार गुजर रहा है। पूर्व माध्यमिक विद्यालय के परिसर में लोहे के पोल पर ट्रांसफार्मर रखा हुआ है। शिक्षकों के मुताबिक बारिश के बाद पोल व बाउंड्री में करंट आ रहा है। प्रधानाध्यापक अब्दुल अजीज ने बताया कि इसकी लिखित शिकायत विभागीय अधिकारियों समेत बिजली विभाग से की गई लेकिन आज तक न तो बिजली के तार ही हटाए गए और न ही ट्रांसफार्मर। यही हाल प्राथमिक और पूर्व माध्यमिक विद्यालय सूर्यकुड़िया का है। दोनों विद्यालय में करीब तीन सौ बच्चे पढ़ते हैं। प्रांगण में लोहे का खंभा लगा हुआ है, इसमें अक्सर करंट उतरता है। कई बार बच्चे इसकी चपेट में भी आ चुके हैं। प्रधानाध्यापक बेचन प्रसाद ने बताया कि शिकायत लगातार विभागीय अधिकारी से करता आ रहा हूं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है। प्राथमिक विद्यालय भगवानपुर में भी विद्यालय के प्रांगण से 11 हजार वोल्टेज का तार गुजरा है। तेज हवा चलने पर बच्चे और शिक्षक दोनों ही भयभीत रहते हैं कि तार न टूट जाए। इस संबंध में बर्डपुर बीईओ गोपाल मिश्र ने बताया कि विद्यालय परिसर में पोल होने या ठीक ऊपर से तार ले जाने की जानकारी नहीं थी। जल्द ही सभी स्कूलों से रिपोर्ट लेकर तार हटाने के लिए बिजली विभाग के अफसरों को पत्र लिखा जाएगा। वहीं बिजली विभाग के एक्सईएन एसके ओझा ने बताया कि शिक्षा विभाग की ओर से इस संबंध में कोई सूचना नहीं दी गई है। संभव है कि तार खींचने से पहले स्कूल नहीं रहे होंगे। अगर तार शिफ्ट कराना है तो इसका पूरा खर्च विद्यालय को वहन करना होगा।
विज्ञापन


स्कूल में गिरा था 11 हजार वोल्ट का तार
प्राथमिक व पूर्व माध्यमिक विद्यालय काशीपुर परिसर में करीब छह माह पहले 11 हजार वोल्ट का तार टूट गया था। संयोग था कि घटना उस वक्त हुई, जब स्कूल की छुट्टी हो गई थी। इस विद्यालय में करीब साढ़े तीन सौ बच्चे हैं। एक ही परिसर में प्राथमिक व पूर्व माध्यमिक विद्यालय होने से बच्चों की भीड़ अधिक रहती है। ऐसे में यहां खतरा काफी है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed