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बदलते मौसम से बढ़ गए मरीज

Tue, 11 Sep 2018 11:21 PM IST
siddharthnagar
siddharthnagar Updated Tue, 11 Sep 2018 11:21 PM IST
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बदलते मौसम से बढ़ गए मरीज
जिला अस्पताल में डाॅक्टर के कक्ष के बाहर अपनी बारी का इंतजार करते मरीज। - फोटो : अमर उजाला
सिद्धार्थनगर। बदलते मौसम के कारण बीमारियों का प्रकोप बढ़ रहा है। जिला अस्पताल के आंकडे़ इसकी तस्दीक करते हैं। एक सप्ताह पहले 900 से 1000 मरीज ओपीडी में आते थे अब यह संख्या 1500 के करीब पहुंच गई है। इसमें करीब 60 फीसदी बच्चे हैं। सरकारी से लेकर प्राइवेट तक सभी अस्पतालों में कुछ ऐसा ही हाल है।
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सुबह 8 बजते ही संयुक्त जिला अस्पताल के पंजीयन काउंटर पर लंबी कतार लग जा रही है। पंजीयन के बाद चिकित्सक के कक्ष के बाहर नंबर का इंतजार करना पड़ता है। घंटों इंतजार के बाद चिकित्सक नए मरीजों को जांच के लिए भेजते हैँ। यहां पर कतार के बाद सैंपल दिया जाता है और जांच रिपोर्ट दोपहर एक बजे तक मिलती है। जब यहां दोबारा पहुंचते हैं और नंबर आता है तब तक चिकित्सक की ड्यूटी खत्म हो जाती है। ऐसे में बड़ी संख्या में मरीजों को दूसरे दिन आना पड़ता है। वर्तमान में अधिकांश मरीज सर्दी, जुकाम, बुखार, उल्टी-दस्त से पीड़ित आ रहे हैं। चेस्ट फिजीशियन डॉ. सीबी चौधरी कहते हैं कि पहले की अपेक्षा मरीजों की संख्या बढ़ी है। चेस्ट से संबंधित अधिक मरीज आ रहे हैं। इससे बचने के लिए जागरूकता ही अहम उपचार है। बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. संजय चौधरी कहते है कि बदले मौसम के कारण बच्चे सर्वाधिक प्रभावित हो रहे हैं। अभिभावकों की जागरूकता के अभाव में बच्चे उल्टी-दस्त, बुखार की चपेट में आ जा रहे हैं। उन्हें उपचार के साथ ही जरूरी सलाह भी दी जा रहे हैं। नाक, कान व गला रोग विशेषज्ञ डॉ. एके झा बताते है कि बढ़े हुए मरीजों का प्रमुख कारण एलर्जी है। इससे बचाव व सावधानी ही बेहतर है।
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मासूमों से पटा जनरल वार्ड
संयुक्त जिला अस्पताल के जनरल वार्ड में मासूमों के लिए स्थापित सभी बेड भरे पड़े हुए हैं। हर दिन दो-चार मासूम भर्ती हो रहे हैं। इनके इलाज के लिए सुबह-शाम राउंड लगा रहे हैं।
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अस्पताल आने वाले मरीजों के इलाज को लेकर हर चिकित्सक दायित्वों व कर्तव्यों के प्रति सचेत हैं। सुबह 8 बजे से 2 बजे तक मरीजों को देखने, जांच की सुविधा समय से देने के लिए सभी को कड़ी हिदायत दी गई है। जानबूझकर लापरवाही करने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।
- डॉ. रोचस्मति पांडेय, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक
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