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रोजगार सेवकों कलेक्ट्रेट पर दिया धरना
Updated Tue, 05 Sep 2017 10:20 PM IST
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सिद्धार्थनगर। गांवों में पंचायत सहायक की भर्ती पर रोक लगाने की मांग को लेकर ग्राम रोजगार सेवक संघर्ष समिति के सदस्यों ने कलेक्ट्रेट पर धरना दिया। पूरे जिले से उमड़े रोजगार सेवकों ने जोरदार नारे लगाए और मांगें पूरी न होने पर 12 सितंबर को लखनऊ के लक्ष्मण मेला मैदान पर आंदोलन का ऐलान किया।
धरने को संबोधित करते हुए जिला संयोजक कुलदीप द्विवेदी ने कहा कि ग्राम पंचायत सहायक की भर्ती पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाई जानी चाहिए। ग्राम रोजगार सेवक उस काम को पहले से करते आ रहे हैं। ऐसे में वरीयता के साथ पंचायत सहायकों का काम रोजगार सेवकों से कराया जाए। ऐसा नहीं होने पर लखनऊ में विशाल आंदोलन होगा। जिला सह संयोजक राजेश चतुर्वेदी ने कहा कि रोजगार सेवकों के हितों की अनदेखी के चलते ही सपा सत्ता से बाहर हुई है। अगर प्रदेश सरकार ने अपना रवैया नहीं सुधारा तो भाजपा सरकार को भी बुरा अंजाम भुगतना पड़ेगा। रोजगार सेवकों ने जिले में निर्मित पंचायत भवनों पर बैठने की व्यवस्था, सभी रोजगार सेवकों को विनियमित कर राज्य कर्मचारी का दर्जा देने, रोजगार सेवकों को ग्राम पंचायतों से नियंत्रण मुक्त करने सहित अन्य मांगों को प्रमुखता से उठाया। 11 सूत्री मांग पत्र मुख्यमंत्री को प्रेषित किया। धरने में सुनील चतुर्वेदी, मनोज पांडेय, अखंड प्रताप सिंह, सुनील ठकुराई, दिलीप पांडेय, आनंद त्रिपाठी, संगीता देवी, संजीव कुमार, सतीश कुमार, अवनीश कुमार, रेखा पांडेय, रमेश विश्वकर्मा, सदानंद यादव, मुरारी सिंह, सुरेंद्र पांडेय, विजय दुबे, अब्दुल सबूर, लाल बाबू, अखिलेश मौर्य, राजकुमार चौधरी, प्रदीप चौधरी, अनुज त्रिपाठी, रामप्रकाश मिश्र, मनोज कुमार, विश्वजीत भास्कर, हरिओम पांडेय, आशीष पांडेय, संगीता चौधरी आदि शामिल थे।
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धरने को संबोधित करते हुए जिला संयोजक कुलदीप द्विवेदी ने कहा कि ग्राम पंचायत सहायक की भर्ती पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाई जानी चाहिए। ग्राम रोजगार सेवक उस काम को पहले से करते आ रहे हैं। ऐसे में वरीयता के साथ पंचायत सहायकों का काम रोजगार सेवकों से कराया जाए। ऐसा नहीं होने पर लखनऊ में विशाल आंदोलन होगा। जिला सह संयोजक राजेश चतुर्वेदी ने कहा कि रोजगार सेवकों के हितों की अनदेखी के चलते ही सपा सत्ता से बाहर हुई है। अगर प्रदेश सरकार ने अपना रवैया नहीं सुधारा तो भाजपा सरकार को भी बुरा अंजाम भुगतना पड़ेगा। रोजगार सेवकों ने जिले में निर्मित पंचायत भवनों पर बैठने की व्यवस्था, सभी रोजगार सेवकों को विनियमित कर राज्य कर्मचारी का दर्जा देने, रोजगार सेवकों को ग्राम पंचायतों से नियंत्रण मुक्त करने सहित अन्य मांगों को प्रमुखता से उठाया। 11 सूत्री मांग पत्र मुख्यमंत्री को प्रेषित किया। धरने में सुनील चतुर्वेदी, मनोज पांडेय, अखंड प्रताप सिंह, सुनील ठकुराई, दिलीप पांडेय, आनंद त्रिपाठी, संगीता देवी, संजीव कुमार, सतीश कुमार, अवनीश कुमार, रेखा पांडेय, रमेश विश्वकर्मा, सदानंद यादव, मुरारी सिंह, सुरेंद्र पांडेय, विजय दुबे, अब्दुल सबूर, लाल बाबू, अखिलेश मौर्य, राजकुमार चौधरी, प्रदीप चौधरी, अनुज त्रिपाठी, रामप्रकाश मिश्र, मनोज कुमार, विश्वजीत भास्कर, हरिओम पांडेय, आशीष पांडेय, संगीता चौधरी आदि शामिल थे।
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