{"_id":"595bc4364f1c1bdb788b4b70","slug":"51499186230-siddharthnagar-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"कोर्ट ने मुकदमा दर्ज का करने का दिया आदेश","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कोर्ट ने मुकदमा दर्ज का करने का दिया आदेश
Updated Tue, 04 Jul 2017 10:11 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सिद्धार्थनगर। शादी का झांसा देकर विवाहिता से दुराचार व मारपीट के मामले में कोर्ट ने पुलिस को आरोपियों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया है। मामला मिश्रौलिया थाना क्षेत्र स्थित एक गांव का है।
पीड़िता ने अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट कोर्ट में दाखिल प्रार्थना पत्र में कहा था कि उसकी शादी पांच साल पहले हुई थी और वह अपने पति व दो साल के बच्चे के साथ ससुराल में रहती थी। पड़ोसी युवक उससे मेलजोल बढ़ाने लगा। मुंबई में उसका अच्छा कारोबार चलता था। युवक ने उसे पैसे का लालच देकर बरगलाया और पति से तलाक लेकर उससे शादी करने को कहा। बहकावे में आकर 20 फरवरी को पति से तलाक ले लिया और बच्चे को लेकर उसके साथ चली गई। पीड़िता ने आरोप लगाया कि युवक अपने परिजनों के साथ लेकर उसे मुंबई चला गया। इस दौरान उसके साथ दुष्कर्म किया। मना करने पर मारता-पीटता और प्रताड़ित करता। बाद में लाकर घर छोड़ गया। इसकी शिकायत पुलिस में की गई लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। पीड़िता के अधिवक्ता सगुन चंद्र श्रीवास्तव ने बताया कि अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने थाना प्रभारी मिश्रौलिया को आरोपी आरिफ व अन्य के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर सात दिनों के भीतर प्रथम सूचना रिपोर्ट न्यायालय में पेश करने का आदेश दिया है।
पीड़िता ने बताया कि युवक ने उसके साथ धोखा किया। दो साल के बच्चे के साथ वह अपना घर बार छोड़कर गई। पहले वह उसे लेकर गोरखपुर गया और वहां दस दिनों तक रखा। फिर मुंबई ले जाकर एक घर में कैद कर दिया और कहीं आने-जाने नहीं देता था। इतना ही नहीं युवक के दो अन्य करीबियों ने भी उससे दुष्कर्म किया। विरोध करने या शादी की बात करने पर उसे मारा-पीटा जाता था। वहां से भागने का कोई रास्ता न मिलता देख, उसने विरोध करना बंद कर दिया और सब कुछ सहती रही। जिसके बाद युवक उसे घर लाने पर राजी हुआ और यहां पहुंच कर उसने पूरी व्यथा, ससुरालवालों को बताई। न्याय के लिए वह पुलिस का चक्कर लगाती रही, लेकिन कहीं कोई सुनवाई नहीं हुई। इस बीच आरोपी युवक व उसके घरवाले धमकाते रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
पीड़िता ने अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट कोर्ट में दाखिल प्रार्थना पत्र में कहा था कि उसकी शादी पांच साल पहले हुई थी और वह अपने पति व दो साल के बच्चे के साथ ससुराल में रहती थी। पड़ोसी युवक उससे मेलजोल बढ़ाने लगा। मुंबई में उसका अच्छा कारोबार चलता था। युवक ने उसे पैसे का लालच देकर बरगलाया और पति से तलाक लेकर उससे शादी करने को कहा। बहकावे में आकर 20 फरवरी को पति से तलाक ले लिया और बच्चे को लेकर उसके साथ चली गई। पीड़िता ने आरोप लगाया कि युवक अपने परिजनों के साथ लेकर उसे मुंबई चला गया। इस दौरान उसके साथ दुष्कर्म किया। मना करने पर मारता-पीटता और प्रताड़ित करता। बाद में लाकर घर छोड़ गया। इसकी शिकायत पुलिस में की गई लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। पीड़िता के अधिवक्ता सगुन चंद्र श्रीवास्तव ने बताया कि अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने थाना प्रभारी मिश्रौलिया को आरोपी आरिफ व अन्य के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर सात दिनों के भीतर प्रथम सूचना रिपोर्ट न्यायालय में पेश करने का आदेश दिया है।
विज्ञापन
पीड़िता ने बताया कि युवक ने उसके साथ धोखा किया। दो साल के बच्चे के साथ वह अपना घर बार छोड़कर गई। पहले वह उसे लेकर गोरखपुर गया और वहां दस दिनों तक रखा। फिर मुंबई ले जाकर एक घर में कैद कर दिया और कहीं आने-जाने नहीं देता था। इतना ही नहीं युवक के दो अन्य करीबियों ने भी उससे दुष्कर्म किया। विरोध करने या शादी की बात करने पर उसे मारा-पीटा जाता था। वहां से भागने का कोई रास्ता न मिलता देख, उसने विरोध करना बंद कर दिया और सब कुछ सहती रही। जिसके बाद युवक उसे घर लाने पर राजी हुआ और यहां पहुंच कर उसने पूरी व्यथा, ससुरालवालों को बताई। न्याय के लिए वह पुलिस का चक्कर लगाती रही, लेकिन कहीं कोई सुनवाई नहीं हुई। इस बीच आरोपी युवक व उसके घरवाले धमकाते रहे।
विज्ञापन