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राष्ट्रीय समस्याओं को लेकर शांति प्रदर्शन
ब्यूरो/अमर उजाला सिद्धार्थनगर
Updated Sat, 01 Dec 2018 09:07 PM IST
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कलेक्ट्रेट के बाहर सांति प्रदर्शन करते भाकियू कार्यकर्ता।
- फोटो : अमर उजाला
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सिद्धार्थनगर। भारतीय किसान यूनियन भानू गुट जिला इकाई के तत्वावधान में पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं ने किसानों की समस्याओं को लेकर सड़क पर उतरकर शांति प्रदर्शन व पैदल मार्च किया। शनिवार को कलेक्ट्रेट के बाहर मुख्य सड़क पर आयोजित प्रदर्शन को संबोधित करते हुए भाकियू भानू के जिलाध्यक्ष यार मोहम्मद चौधरी ने कहा कि केंद्र व प्रदेश की सरकारें किसानों की समस्याओं को लेकर उदासीन बनी हुई है। परिणाम स्वरूप देश के विभिन्न किसान संगठनों के नेतृत्व में दिल्ली में विशाल किसान मार्च का आयोजन चल रहा है। 10 दिसंबर तक चलने वाले प्रदर्शन के पहले दिन प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री को संबोधित 8 सूत्री मांग पत्र वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी शिवपूजन को सौंपा गया।
मांग पत्र में किसानों की सभी कर्जमाफी किए जाने, अपने उत्पाद का मूल्य निर्धारण करने का अधिकार किसानों को दिए जाने, गन्ना किसानों के बकाए का भुगतान किए जाने, किसानों के आकस्मिक मौत व शहीद होने पर एक करोड़ रुपये परिजनों को दिए जाने, सेना के तीनों अंगों के जवानों के शहीद होने पर पांच करोड़ देने, साठ वर्ष के आयु पूरे कर चुके किसान और मजदूर को पांच हजार प्रति माह पेंशन दिए जाने, सिंचाई चिकित्सा, बिजली, शिक्षा व यातायात मुक्त उपलब्ध किये जाने जैसे बिंदु शामिल हैं। इस दौरान कपिल देव राय, किशोरी प्रसाद मिश्र, कपिल देव मणि त्रिपाठी, विनोद चौधरी, हरि प्रसाद शुक्ला, पंकज वर्मा, जवीउल्लाह, समसुज्जोहा, डॉ. अबू हसन, यार अली, राम प्रकाश श्रीवास्तव, राजेश दुबे, अनिल राव, प्रेम प्रकाश चौधरी, भारत किसान, शंभू साहनी, नंदराम यादव, नंदलाल कौशिक, जितेन्द्र सिंह, सुदामा देवी, भोला यादव, मुहम्मद रफीक, बेचन प्रसाद, इन्द्रमणि यादव और राम प्रकाश त्रिपाठी आदि शामिल थे।
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मांग पत्र में किसानों की सभी कर्जमाफी किए जाने, अपने उत्पाद का मूल्य निर्धारण करने का अधिकार किसानों को दिए जाने, गन्ना किसानों के बकाए का भुगतान किए जाने, किसानों के आकस्मिक मौत व शहीद होने पर एक करोड़ रुपये परिजनों को दिए जाने, सेना के तीनों अंगों के जवानों के शहीद होने पर पांच करोड़ देने, साठ वर्ष के आयु पूरे कर चुके किसान और मजदूर को पांच हजार प्रति माह पेंशन दिए जाने, सिंचाई चिकित्सा, बिजली, शिक्षा व यातायात मुक्त उपलब्ध किये जाने जैसे बिंदु शामिल हैं। इस दौरान कपिल देव राय, किशोरी प्रसाद मिश्र, कपिल देव मणि त्रिपाठी, विनोद चौधरी, हरि प्रसाद शुक्ला, पंकज वर्मा, जवीउल्लाह, समसुज्जोहा, डॉ. अबू हसन, यार अली, राम प्रकाश श्रीवास्तव, राजेश दुबे, अनिल राव, प्रेम प्रकाश चौधरी, भारत किसान, शंभू साहनी, नंदराम यादव, नंदलाल कौशिक, जितेन्द्र सिंह, सुदामा देवी, भोला यादव, मुहम्मद रफीक, बेचन प्रसाद, इन्द्रमणि यादव और राम प्रकाश त्रिपाठी आदि शामिल थे।
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