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पुरानी पेंशन बहाली की मांग, आंदोलन की चेतावनी
Updated Wed, 05 Sep 2018 10:56 PM IST
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संयुक्त संघर्ष समिति ने कलेक्ट्रेट परिसर में दिया धरना
अमर उजाला ब्यूरो
सिद्धार्थनगर। पुरानी पेंशन बहाली की मांग को लेकर संयुक्त संघर्ष समिति ने बुधवार कलेक्ट्रेट परिसर में धरना दिया। बैठक के बाद मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन डीएम को सौंपा।
ज्ञापन में कहा कि कई वर्षों से पुरानी पेंशन बहाली को लेकर आंदोलन किया जा रहा है। इस मांग पर राज्य सरकार निर्णय लेने में सक्षम है। बावजूद इसके उनकी मांग पर कोई ठोस पहल नहीं की जा रही है। कर्मचारी-शिक्षक-अधिकारी राज्य में जनसेवक के रूप में कार्य कर रहे हैं। सांसदों व विधायकों को एक दिन पद पर रहने पर भी पेंशन का लाभ मिलता है। जबकि लंबे अरसे तक कार्य करने वाले सरकारी सेवकों को पुरानी पेंशन तक नसीब नहीं हो रही है। आम जन मानस के लिए कई तरह की पेंशन योजनाओं का संचालन सरकार करती है। ऐसे में कर्मचारियों को पेंशन न दिया जाना किसी भी तरह से न्यायसंगत नहीं है। इस दौरान अष्टभुजा पांडेय, सतीश चंद्र, देवेंद्र कुमार पाठक आदि मौजूद रहे।
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संयुक्त संघर्ष समिति ने कलेक्ट्रेट परिसर में दिया धरना
अमर उजाला ब्यूरो
सिद्धार्थनगर। पुरानी पेंशन बहाली की मांग को लेकर संयुक्त संघर्ष समिति ने बुधवार कलेक्ट्रेट परिसर में धरना दिया। बैठक के बाद मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन डीएम को सौंपा।
ज्ञापन में कहा कि कई वर्षों से पुरानी पेंशन बहाली को लेकर आंदोलन किया जा रहा है। इस मांग पर राज्य सरकार निर्णय लेने में सक्षम है। बावजूद इसके उनकी मांग पर कोई ठोस पहल नहीं की जा रही है। कर्मचारी-शिक्षक-अधिकारी राज्य में जनसेवक के रूप में कार्य कर रहे हैं। सांसदों व विधायकों को एक दिन पद पर रहने पर भी पेंशन का लाभ मिलता है। जबकि लंबे अरसे तक कार्य करने वाले सरकारी सेवकों को पुरानी पेंशन तक नसीब नहीं हो रही है। आम जन मानस के लिए कई तरह की पेंशन योजनाओं का संचालन सरकार करती है। ऐसे में कर्मचारियों को पेंशन न दिया जाना किसी भी तरह से न्यायसंगत नहीं है। इस दौरान अष्टभुजा पांडेय, सतीश चंद्र, देवेंद्र कुमार पाठक आदि मौजूद रहे।
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