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Siddharthnagar News: 33 सवालों से तय होगा विकास का खाका
Sat, 25 Apr 2026 02:32 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Sat, 25 Apr 2026 02:32 AM IST
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सिद्धार्थनगर। जिले में जनगणना के पहले चरण के तहत शुरू हो रहे मकान सूचीकरण में इस बार हर घर से 33 सवाल पूछे जाएंगे। इन सवालों के जरिये जुटाया गया डाटा ही आगे योजनाओं की प्राथमिकता, बजट आवंटन और बुनियादी सुविधाओं के विस्तार का आधार बनेगा।
जिले में चल रही ट्रेनिंग और अधिकारियों से मिली जानकारी के अनुसार, इस बार मकान सूचीकरण पहले से अधिक विस्तृत और व्यवस्थित किया गया है। एन्यूमरेटर (प्रगणक) घर-घर जाकर तय फॉर्मेट में जानकारी दर्ज करेंगे। शुरुआत मकान की पहचान और उसकी भौतिक स्थिति से होगी, जिसमें फर्श, दीवार और छत में इस्तेमाल सामग्री का विवरण लिया जाएगा।
परिवार से जुड़े सवालों में मुखिया का लिंग, कुल सदस्य संख्या और शादीशुदा जोड़ों की गिनती शामिल है। यदि कोई जोड़ा लिव-इन संबंध में रह रहा है और अपने रिश्ते को स्थायी मानता है, तो उसे भी शादीशुदा जोड़े के रूप में दर्ज किया जाएगा।
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बुनियादी सुविधाओं पर विशेष फोकस रहेगा। पीने के पानी की उपलब्धता, स्नानघर और शौचालय की स्थिति, शौचालय का प्रकार, बिजली की पहुंच और रसोई में इस्तेमाल होने वाले ईंधन के बारे में जानकारी जुटाई जाएगी। इससे गांव और शहरी वार्डों में सुविधाओं की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
खान-पान से जुड़े सवालों में परिवार की ओर से उपयोग किए जाने वाले मुख्य अनाज की जानकारी दर्ज होगी। वहीं, संपत्तियों में रेडियो, टीवी, कंप्यूटर, इंटरनेट कनेक्टिविटी और स्मार्टफोन जैसी सुविधाओं की उपलब्धता और संख्या भी दर्ज की जाएगी ताकि डिजिटल पहुंच का आंकलन किया जा सके।
परिवहन के साधनों में दोपहिया और चारपहिया वाहनों की जानकारी ली जाएगी, चाहे वे निजी उपयोग के हों या व्यावसायिक। हालांकि, तीन-पहिया और ट्रैक्टर इस सूचीकरण में शामिल नहीं होंगे।
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जिले में चल रही ट्रेनिंग और अधिकारियों से मिली जानकारी के अनुसार, इस बार मकान सूचीकरण पहले से अधिक विस्तृत और व्यवस्थित किया गया है। एन्यूमरेटर (प्रगणक) घर-घर जाकर तय फॉर्मेट में जानकारी दर्ज करेंगे। शुरुआत मकान की पहचान और उसकी भौतिक स्थिति से होगी, जिसमें फर्श, दीवार और छत में इस्तेमाल सामग्री का विवरण लिया जाएगा।
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परिवार से जुड़े सवालों में मुखिया का लिंग, कुल सदस्य संख्या और शादीशुदा जोड़ों की गिनती शामिल है। यदि कोई जोड़ा लिव-इन संबंध में रह रहा है और अपने रिश्ते को स्थायी मानता है, तो उसे भी शादीशुदा जोड़े के रूप में दर्ज किया जाएगा।
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बुनियादी सुविधाओं पर विशेष फोकस रहेगा। पीने के पानी की उपलब्धता, स्नानघर और शौचालय की स्थिति, शौचालय का प्रकार, बिजली की पहुंच और रसोई में इस्तेमाल होने वाले ईंधन के बारे में जानकारी जुटाई जाएगी। इससे गांव और शहरी वार्डों में सुविधाओं की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
खान-पान से जुड़े सवालों में परिवार की ओर से उपयोग किए जाने वाले मुख्य अनाज की जानकारी दर्ज होगी। वहीं, संपत्तियों में रेडियो, टीवी, कंप्यूटर, इंटरनेट कनेक्टिविटी और स्मार्टफोन जैसी सुविधाओं की उपलब्धता और संख्या भी दर्ज की जाएगी ताकि डिजिटल पहुंच का आंकलन किया जा सके।
परिवहन के साधनों में दोपहिया और चारपहिया वाहनों की जानकारी ली जाएगी, चाहे वे निजी उपयोग के हों या व्यावसायिक। हालांकि, तीन-पहिया और ट्रैक्टर इस सूचीकरण में शामिल नहीं होंगे।
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