फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Siddharthnagar News ›   बाढ़ से बीमारी का कहर, दो मासूम समेत तीन की मौत

बाढ़ से बीमारी का कहर, दो मासूम समेत तीन की मौत

Sat, 19 Aug 2017 10:43 PM IST
Updated Sat, 19 Aug 2017 10:43 PM IST
विज्ञापन
बाढ़ से बीमारी का कहर, दो मासूम समेत तीन की मौत
सिद्धार्थनगर। सैलाब के साथ ही जिले में बीमारियों का कहर भी शुरू हो गया है। पिछले 24 घंटे में उल्टी-दस्त और बुखार के चलते दो मासूमों समेत तीन की मौत हो गई है। कपिलवस्तु के पोखरभिटवा गांव में दो की मौत के बाद कई लोग अभी भी डायरिया की चपेट में हैं। उधर, बढ़नी क्षेत्र के मैरुंड मटियार उर्फ भुतहवा गांव में समय से अस्पताल न पहुंच पाने के कारण एक मासूम को जान गंवानी पड़ी। चौतरफा बाढ़ से घिरे गांव में परिजनों को मृतकों के अंतिम संस्कार के लिए भी भटकना पड़ रहा है। कपिलवस्तु कोतवाली क्षेत्र का पोखरभिटवा गांव नेपाल सीमा से सटा हुआ है। यहां पिछले कई दिनों से संक्रामक बीमारी का प्रकोप है।
विज्ञापन

स्थानीय स्तर पर उपचार न मिलने के कारण पीड़ित निजी अस्पतालों की शरण लिए हुए हैं। उपचार के दौरान शुक्रवार को गांव के हकीकुल्लाह (50) की मौत हो गई। इसके कुछ ही घंटे बाद मन्नान के 4 वर्षीय पुत्र ने भी दम तोड़ दिया। दोनों उल्टी-दस्त से पीड़ित थे। इनके अलावा 50 वर्षीय मो.अली, बेलाल के तीन बच्चे सहित एक दर्जन से अधिक लोग बीमारी की चपेट में हैं। ग्रामीणों का कहना है कि गांव में पीएचसी स्थापित है, लेकिन किसी डॉक्टर की तैनाती नहीं है। एकमात्र फार्मासिस्ट भी अक्सर गायब रहता है। ड्यूटी टाइम में भी नशे में रहने का आरोप है। इस कारण लोग निजी अस्पताल की शरण लेने को मजबूर हैं। इस बाबत सीएमओ डॉ. रतन कुमार का कहना था कि पोखरभिटवा में संक्रामक बीमारी की सूचना मिली है। एसडीएम के निर्देशन में स्वास्थ्य टीम को मौके पर भेजा गया है। दवाओं का वितरण व उपचार किया जा रहा है।
विज्ञापन



बाढ़ के चलते समय से अस्पताल नहीं पहुंचा सके, मासूम ने तोड़ा दम
परसा। बाढ़ के पानी से मैरुंड हुए टोलों में हालात जानलेवा हो गए हैं। बीमारियां पांव पसार रही हैं और ग्रामीणों को स्वास्थ्य सेवा नहीं मिल पा रही है। अस्पताल तक पहुंचने के लिए नाव भी उपलब्ध नहीं है। ऐसे में ही शनिवार को एक मासूम की मौत हो गई। करीब 11 माह की यह बच्ची तीन दिनों से बीमार थी। उसे तेज बुखार और झटका आ रहा था। शुक्रवार को हालत बिगड़ने पर जैसे-तैसे गांव से बाहर निकलकर परिजन निजी चिकित्सक के पास ले गए, शनिवार की सुबह मासूम की मौत हो गई। बाढ़ प्रभावित मटियार उर्फ भुतहवां टोला पिछले चार दिनों से ही मैरुंड है। गांव निवासी धनपाल की 11 माह की पुत्री खुशबू की तीन दिन पूर्व तबीयत खराब हुई थी। गांव से बाहर आने का कोई इंतजाम न होने के कारण परिजन अपने स्तर से इलाज कर रहे थे। शुक्रवार को उसकी तबीयत ज्यादा खराब हुई तो जैसे-तैसे नाव के सहारे तुलसियापुर ले आए और निजी चिकित्सक के पास ले गए। उपचार के बाद यहां कोई राहत नहीं मिली। शनिवार की सुबह मासूम की मौत हो गई। ग्रामीणों के मुताबिक बच्ची में इंसेफेलाटिस के लक्षण थे। उसे तत्काल बेहतर इलाज की जरूरत थी। मासूम की मौत से घर वालों का रो-रोकर बुरा हाल है। सीएमओ डॉ.रतन कुमार ने बताया कि मटियार उर्फ भुतहवा में मौत की सूचना नहीं है। वैसे टीम हर गांव में भेजी जा रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन


ननिहाल में हुआ अंतिम संस्कार
मटियार उर्फ भुतहवा टोला में मासूम की मौत के बाद अंतिम संस्कार के लिए परिजनों को काफी जलालत झेलनी पड़ी। गांव के चारों तरफ पानी होने के चलते मासूम के शव को लेकर घर वाले सड़क के दूसरे तरफ स्थित ननिहाल रेड़वरिया पहुंचे। यहां नाना राजाराम की मदद से अंतिम संस्कार किया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed