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डीपीआर अनुमोदन के बाद भी अपात्र मिले 2612 लाभार्थी

Sat, 30 Jan 2021 10:14 PM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Sat, 30 Jan 2021 10:14 PM IST
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2612 beneficiaries found ineligible even after DPR approval
डीपीआर अनुमोदन के बाद भी अपात्र मिले 2612 लाभार्थी
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जिले की नगर निकायों में प्रधानमंत्री शहरी आवास योजना का हाल
समिति ने किया था सत्यापन, जीओ टैगिंग के दौरान मिले अपात्र
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। नगर निकायों में प्रधानमंत्री शहरी आवास योजना के 8633 लाभार्थी के डीपीआर अनुमोदन के बाद भी 2612 अपात्र पाए गए। जिलास्तरीय समिति के सत्यापन के बाद तैयार की गई डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) की जीओ टैग के दौरान हुई जांच में यह खामी सामने आई।
प्रधानमंत्री शहरी आवास योजना का लाभ पाने के लिए पात्रों के आवेदन की जिलास्तरीय समिति जांच करती है। जांच एवं सत्यापन में पात्र पाए गए आवेदक की डीपीआर तैयार कर नगरपालिका की ओर से शासन को भेजकर अनुमोदन कराया जाता है। इसी के तहत जिले के नगर पालिका सिद्धार्थनगर के 428, बांसी के 2822, नगर पंचायत शोहरतगढ़ 545, बढ़नी बाजार 1006, उसका बाजार 2388 और डुमरियागंज 1444 प्रधानमंत्री शहरी आवास के लाभार्थियों के डीपीआर तैयार कर शासन से अनुमोदन कराया गया। इन लाभार्थियों के जीओ टैग के समय हुई जांच में नगरपालिका सिद्धार्थनगर में 170, शोहरतगढ़ 148, बढ़नी में 552, बांसी में 784, उसका बाजार में 627, डुमरियागंज में 331 लाभार्थी अपात्र पाए गए। प्रोजेक्ट ऑफिसर (पीओ) डूडा चंद्रभान वर्मा का कहना है कि जिलास्तरीय समिति की जांच एवं सत्यापन के बाद ही आवास लाभार्थी की डीपीआर तैयार कर अनुमोदन कराया जाता है, इसके बाद जीओ टैग के दौरान लाभार्थियों के पात्रता की सत्यापन की जाती है। अपात्र पाए गए लाभार्थियों का चयन नियमानुसार निरस्त कर दिया जाएगा।
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अपात्रों को भी मिलता है मौका
जीओ टैग के दौरान अपात्र पाए गए लाभार्थियों को अपनी पात्रता साबित करने का मौका दिया जाता है। पीओ डूडा चंद्रभान वर्मा ने बताया कि अपात्र लाभार्थियों की सूची संबंधित नगर निकाय कार्यालय चस्पा कर उनसे पात्रता संबंधी साक्ष्य सहित आपत्ति एवं दावा करने का मौका दिया जाता है। उनके दावे की जांच के बाद ही पात्रता संबंधी अंतिम निर्णय लिए जाते हैं। जिन लाभार्थियों के पास आवास नहीं होते हैं और उनके पास आवास निर्माण के लिए भूमि उपलब्ध होती है वहीं पात्र होते हैं।
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2.5 लाख मिलता है अनुदान
आवास की संपूर्ण लागत 3.80 लाख रुपये
लाभार्थी को 1.30 लाख रुपये वहन करने होते हैं
शेष 2.50 लाख रुपये अनुदान मिलता है।
दो कक्ष, रसोई कक्ष, शौचालय और बरामदे का होता है निर्माण
विपक्षी खेमे के नगर निकाय अधिक लाभान्वित
प्रधानमंत्री शहरी आवास योजना के तहत सत्ताधारी भाजपा के कब्जे वाले नगर निकाय कम लाभान्वित हो रहे हैं। वहीं विपक्षी खेमे के कब्जे वाले नगर निकाय बांसी में सर्वाधिक 2038, उसका बाजार 1761, डुमरियागंज 1113 और बढ़नी में 454 लाभार्थियों को आवास मिल रहा है। जबकि सत्ताधारी भाजपा के कब्जे वाले नगर निकाय सिद्धार्थनगर में सिर्फ 258 और शोहरतगढ़ में 397 आवास के लाभार्थी चयनित किए गए हैं।
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