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महरिया गोशाला में 15 गाय मरें, एसडीएम, बीडीओ और सीबीओ को नोटिस
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सिद्धार्थनगर के उसका ब्लॉक की महरिया गोशाला पर अधिकारी के पहुंचने के बाद हो रही सफाई।
- फोटो : SIDDHARTHNAGAR
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महरिया गोशाला में 15 पशुओं की मौत, सेक्रेट्री निलंबित
- एसडीएम, बीडीओ और सीवीओ को नोटिस जारी
- डीएम और एसपी ने किया गोशाला का निरीक्षण, एडीओ पंचायत के निलंबन को पत्र लिखेंगे जिलाधिकारी
अमर उजाला ब्यूरो
सिद्धार्थनगर। अस्थायी गोशाला महरिया में 15 पशुओं की मौत का मामला प्रकाश में आया है। शुक्रवार को गोशाला के भीतर चार और बाहर 11 पशुओं के शव पड़े थे, लेकिन जिम्मेदारों ने उन्हें दफनाने की भी जहमत नहीं उठाई। हियुवा के कार्यकर्ताओं के हो-हल्ला मचाने पर मामला अधिकारियों तक पहुंचा। आनन-फानन में डीएम और एसपी मौके पर पहुंचे और गोशाला का निरीक्षण किया। मामले में डीएम ने सेक्रेट्री चंद्रशेखर सिंह को निलंबित कर दिया है।
गोशाला के निरीक्षण के बाद डीएम दीपक मीणा और एसपी विजय ढुल ने कहा कि सदर एसडीएम देवेश गुप्ता, बीडीओ राजकुमार वर्मा और सीवीओ डॉ. ज्ञान प्रकाश को नोटिस जारी किया गया है। साथ ही डीएम ने एडीओ पंचायत को निलंबित करने के लिए पत्र लिखने की बात कही। बताया कि सेक्रेट्री चंद्रशेखर सिंह को लापरवाही के मामले में निलंबित किया गया है। प्रधान राजेंद्र गुप्ता को भी निलंबित किया जाएगा। एसडीएम से मामले की रिपोर्ट मांगी गई है। उन्होंने चार पशुओं की मौत की बात स्वीकार की। कुछ अन्य पशुओं की मौत की बात भी सामने आई है। माना कि पशुओं के शवों को दफनाया नहीं गया था। गोशाला में अव्यवस्था का आलम जनपद ही नहीं आसपास के जिलों में भी व्याप्त है। गोशाला में व्यवस्था सही नहीं रखने के मामले में 12 अक्तूबर को महराजगंज के डीएम, दो एसडीएम, सीवीओ और पशु प्रसार अधिकारी निलंबित किए गए थे।
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हियुवा पदाधिकारी पहुंचे तो खुलने लगी पोल
उसका ब्लॉक में स्थित महरिया गोशाला की स्थिति बेहद खराब है। पशुओं का मरना गोशाला में कोई नई बात नहीं है। इससे पूर्व में भी गोशाला में कई पशुओं की मौत हो चुकी है, जिन्हें प्रशासन दबाता रहा है। लेकिन शनिवार को प्रशासन की पूरी कलई खुुल गई। हियुवा के जिला उपाध्यक्ष को सूचना मिली कि गोशाला में मरे पशुओं को खुलेआम छोड़ दिया गया है। सूचना पर वह हियुवा के उसका ब्लॉक अध्यक्ष अर्जुन लोधी, अभय सिंह, जगन्नाथ, पीयूष सिंह, विनोद गुप्ता, आदर्श, जीतेंद्र पांडेय, विक्की कसौधन आदि के साथ पहुंचे। देखने पर पता चला कि चार पशुओं की मौत शनिवार को हुुई है। इसके अलावा गोशाला के ठीक सामने बाहर 11 पशु मरे पड़े थे। पूछने पर कर्मियों ने बताया कि इन पशुओं की मौत पिछले तीन से चार दिनों में हुई है। कार्यकर्ताओं ने दफन करने का सवाल किया तो कर्मियों से बहस भी शुरू हो गई। गोशाला में काम कर रहे कर्मियों ने बताया कि गड्ढा खोदने के लिए कोई सामान नहीं था, इसलिए पशुओं को खुलेआम छोड़ दिया गया है। इस पर हियुवा कार्यकर्ताओं ने नाराजगी व्यक्त की। साथ ही इसकी जानकारी आलाधिकारियों को दी।
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सूचना पर होने लगा पशुओं का इलाज
मामले की जानकारी हियुवा कार्यकर्ताओं ने प्रशासन को दी तो मौके पर एसडीएम सदर देवेश गुप्ता, बीडीओ उसका राजकुमार वर्मा सहित सीवीओ डॉ ज्ञान प्रकाश सहित अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे। इसके बाद सीवीओ की देखरेख में हियुवा कार्यकर्ताओं के सामने बीमार पशुओं को इंजेक्शन दिया गया। साथ ही एसडीएम की देखरेख में मरे हुए पशुओं को दफनाने का सिलसिला शुरू हुआ।
400 की जगह मिले 242 पशु
महरिया स्थायी गोशाला की क्षमता 400 पशुओं के रखने की है। लेकिन मौजूदा समय में 242 पशु ही थे। हियुवा कार्यकर्ताओं का कहना था कि सड़कों पर पशु घूम रहे हैं। सरकार रुपये भी पशुओं के देखभाल के लिए खर्च कर रही है। इसके बाद भी देखरेख नहीं की जा रही है। कार्यकर्ताओं ने बताया कि जहां पर पशुओं को खिलाया जाता है। वहां पर करीब दो-ढाई फीट गोबर जमा हुआ है। लेकिन कोई साफ करने वाला नहीं है। जबकि एक पशुओं को खाने के लिए चार किलो भूसा, एक किलो दाना और 30 ग्राम नमक देने का नियम है। लेकिन पशुओं को यह आहार नहीं मिल रहा है।
चार पशुओं को पोस्टमार्टम हुआ
गोशाला में मरे चार पशुओं का पोस्टमार्टम सीवीओ डॉ ज्ञान प्रकाश की देखरेख में हुआ। डॉक्टरों ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में पशु बीमार थे। कुछ पशुओं के पेट भी खाली थे। ऐसे में अंदाजा लगाया जा सकता है कि पशुओं की देखभाल को लेकर प्रशासन कितना गंभीर है।
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महरिया गोशाला में 15 पशुओं की मौत, सेक्रेट्री निलंबित
- एसडीएम, बीडीओ और सीवीओ को नोटिस जारी
- डीएम और एसपी ने किया गोशाला का निरीक्षण, एडीओ पंचायत के निलंबन को पत्र लिखेंगे जिलाधिकारी
अमर उजाला ब्यूरो
सिद्धार्थनगर। अस्थायी गोशाला महरिया में 15 पशुओं की मौत का मामला प्रकाश में आया है। शुक्रवार को गोशाला के भीतर चार और बाहर 11 पशुओं के शव पड़े थे, लेकिन जिम्मेदारों ने उन्हें दफनाने की भी जहमत नहीं उठाई। हियुवा के कार्यकर्ताओं के हो-हल्ला मचाने पर मामला अधिकारियों तक पहुंचा। आनन-फानन में डीएम और एसपी मौके पर पहुंचे और गोशाला का निरीक्षण किया। मामले में डीएम ने सेक्रेट्री चंद्रशेखर सिंह को निलंबित कर दिया है।
गोशाला के निरीक्षण के बाद डीएम दीपक मीणा और एसपी विजय ढुल ने कहा कि सदर एसडीएम देवेश गुप्ता, बीडीओ राजकुमार वर्मा और सीवीओ डॉ. ज्ञान प्रकाश को नोटिस जारी किया गया है। साथ ही डीएम ने एडीओ पंचायत को निलंबित करने के लिए पत्र लिखने की बात कही। बताया कि सेक्रेट्री चंद्रशेखर सिंह को लापरवाही के मामले में निलंबित किया गया है। प्रधान राजेंद्र गुप्ता को भी निलंबित किया जाएगा। एसडीएम से मामले की रिपोर्ट मांगी गई है। उन्होंने चार पशुओं की मौत की बात स्वीकार की। कुछ अन्य पशुओं की मौत की बात भी सामने आई है। माना कि पशुओं के शवों को दफनाया नहीं गया था। गोशाला में अव्यवस्था का आलम जनपद ही नहीं आसपास के जिलों में भी व्याप्त है। गोशाला में व्यवस्था सही नहीं रखने के मामले में 12 अक्तूबर को महराजगंज के डीएम, दो एसडीएम, सीवीओ और पशु प्रसार अधिकारी निलंबित किए गए थे।
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हियुवा पदाधिकारी पहुंचे तो खुलने लगी पोल
उसका ब्लॉक में स्थित महरिया गोशाला की स्थिति बेहद खराब है। पशुओं का मरना गोशाला में कोई नई बात नहीं है। इससे पूर्व में भी गोशाला में कई पशुओं की मौत हो चुकी है, जिन्हें प्रशासन दबाता रहा है। लेकिन शनिवार को प्रशासन की पूरी कलई खुुल गई। हियुवा के जिला उपाध्यक्ष को सूचना मिली कि गोशाला में मरे पशुओं को खुलेआम छोड़ दिया गया है। सूचना पर वह हियुवा के उसका ब्लॉक अध्यक्ष अर्जुन लोधी, अभय सिंह, जगन्नाथ, पीयूष सिंह, विनोद गुप्ता, आदर्श, जीतेंद्र पांडेय, विक्की कसौधन आदि के साथ पहुंचे। देखने पर पता चला कि चार पशुओं की मौत शनिवार को हुुई है। इसके अलावा गोशाला के ठीक सामने बाहर 11 पशु मरे पड़े थे। पूछने पर कर्मियों ने बताया कि इन पशुओं की मौत पिछले तीन से चार दिनों में हुई है। कार्यकर्ताओं ने दफन करने का सवाल किया तो कर्मियों से बहस भी शुरू हो गई। गोशाला में काम कर रहे कर्मियों ने बताया कि गड्ढा खोदने के लिए कोई सामान नहीं था, इसलिए पशुओं को खुलेआम छोड़ दिया गया है। इस पर हियुवा कार्यकर्ताओं ने नाराजगी व्यक्त की। साथ ही इसकी जानकारी आलाधिकारियों को दी।
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मामले की जानकारी हियुवा कार्यकर्ताओं ने प्रशासन को दी तो मौके पर एसडीएम सदर देवेश गुप्ता, बीडीओ उसका राजकुमार वर्मा सहित सीवीओ डॉ ज्ञान प्रकाश सहित अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे। इसके बाद सीवीओ की देखरेख में हियुवा कार्यकर्ताओं के सामने बीमार पशुओं को इंजेक्शन दिया गया। साथ ही एसडीएम की देखरेख में मरे हुए पशुओं को दफनाने का सिलसिला शुरू हुआ।
400 की जगह मिले 242 पशु
महरिया स्थायी गोशाला की क्षमता 400 पशुओं के रखने की है। लेकिन मौजूदा समय में 242 पशु ही थे। हियुवा कार्यकर्ताओं का कहना था कि सड़कों पर पशु घूम रहे हैं। सरकार रुपये भी पशुओं के देखभाल के लिए खर्च कर रही है। इसके बाद भी देखरेख नहीं की जा रही है। कार्यकर्ताओं ने बताया कि जहां पर पशुओं को खिलाया जाता है। वहां पर करीब दो-ढाई फीट गोबर जमा हुआ है। लेकिन कोई साफ करने वाला नहीं है। जबकि एक पशुओं को खाने के लिए चार किलो भूसा, एक किलो दाना और 30 ग्राम नमक देने का नियम है। लेकिन पशुओं को यह आहार नहीं मिल रहा है।
चार पशुओं को पोस्टमार्टम हुआ
गोशाला में मरे चार पशुओं का पोस्टमार्टम सीवीओ डॉ ज्ञान प्रकाश की देखरेख में हुआ। डॉक्टरों ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में पशु बीमार थे। कुछ पशुओं के पेट भी खाली थे। ऐसे में अंदाजा लगाया जा सकता है कि पशुओं की देखभाल को लेकर प्रशासन कितना गंभीर है।