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अब 20 बेड का होगा पीआईसीयू
Updated Wed, 31 Jan 2018 12:18 AM IST
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cisu
- फोटो : अमर उजाला
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सिद्धार्थनगर। स्वास्थ्य सेवाओं में पिछड़े जिले को एक और सौगात मिली है। अब यहां जिला अस्पताल में स्थापित पीडीयाट्रिक इंसेटिव केयर यूनिट (पीआईसीयू) की क्षमता दोगुनी कर दी गई है। यानी अब तक एक साथ दस मरीजों की भर्ती क्षमता वाले पीआईसीयू में बीस मरीजों को भर्ती कर उपचार किया जा सकेगा। शासन से सहमति के बाद इस पर काम शुरू हो गया है। जल्द ही मरीजों को यह सुविधा मिलने लगेगी।
नेपाल सीमा पर स्थित जिला इंसेफेलाइटिस से जूझ रहा है। हर साल सैकड़ों लोग जेई-एईएस की चपेट में आ रहे हैं। इनमें सबसे ज्यादा तादाद बच्चों की होती है। जिले के अलावा नेपाल के सीमावर्ती क्षेत्रों से भी मरीज यहीं उपचार के लिए आते हैं। इंसेफेलाइटिस से प्रभावित मरीजों को तत्काल बेहतर उपचार मुहैया कराने के मकसद से वर्ष 2014 में जिला अस्पताल में पीआईसीयू की स्थापना हुई थी। तब इसकी क्षमता नौ बेड रखी गई थी। पिछले साल जिले के निरीक्षण पर आए स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह ने इस वार्ड का निरीक्षण करने के बाद इंसेफेलाइटिस की रोकथाम के लिए सुविधाएं बढ़ाने पर जोर देते हुए प्रस्ताव भेजने को कहा गया था।
स्वास्थ्य विभाग के प्रस्ताव पर पीआईसीयू में दस अतिरिक्त बेड बढ़ाने की सहमति मिल गई है। मौजूदा वार्ड के अतिरिक्त कक्ष को मिलाकर नए बेड बढ़ाए जाएंगे। इसके लिए ढाई लाख रुपये की पहली किश्त अवमुक्त हो चुकी है। बेड बढ़ाने का कार्य पूरा होते ही मशीनों की उपलब्धता कराई जाएगी। जिला अस्पताल की मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ.रोचस्मति पांडेय के मुताबिक पीआईसीयू की क्षमता 20 बेड किए जाने का निर्देश मिला है। इस पर जल्द ही काम शुरू कर दिया जाएगा। अतिरिक्त बेड बढ़ने से ज्यादा मरीजों को बेहतर ढंग से उपचार देने में सहूलियत होगी।पीआईसीयू की व्यवस्था अब तक बाल रोग विशेषज्ञ डॉ.संजय चौधरी के जिम्मे थी। अब उनके साथ डॉ.शैलेंद्र कुमार की भी तैनाती हो गई है। डॉक्टरों की दो शिफ्टों में ड्यूटी लगाई गई है।
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नेपाल सीमा पर स्थित जिला इंसेफेलाइटिस से जूझ रहा है। हर साल सैकड़ों लोग जेई-एईएस की चपेट में आ रहे हैं। इनमें सबसे ज्यादा तादाद बच्चों की होती है। जिले के अलावा नेपाल के सीमावर्ती क्षेत्रों से भी मरीज यहीं उपचार के लिए आते हैं। इंसेफेलाइटिस से प्रभावित मरीजों को तत्काल बेहतर उपचार मुहैया कराने के मकसद से वर्ष 2014 में जिला अस्पताल में पीआईसीयू की स्थापना हुई थी। तब इसकी क्षमता नौ बेड रखी गई थी। पिछले साल जिले के निरीक्षण पर आए स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह ने इस वार्ड का निरीक्षण करने के बाद इंसेफेलाइटिस की रोकथाम के लिए सुविधाएं बढ़ाने पर जोर देते हुए प्रस्ताव भेजने को कहा गया था।
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स्वास्थ्य विभाग के प्रस्ताव पर पीआईसीयू में दस अतिरिक्त बेड बढ़ाने की सहमति मिल गई है। मौजूदा वार्ड के अतिरिक्त कक्ष को मिलाकर नए बेड बढ़ाए जाएंगे। इसके लिए ढाई लाख रुपये की पहली किश्त अवमुक्त हो चुकी है। बेड बढ़ाने का कार्य पूरा होते ही मशीनों की उपलब्धता कराई जाएगी। जिला अस्पताल की मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ.रोचस्मति पांडेय के मुताबिक पीआईसीयू की क्षमता 20 बेड किए जाने का निर्देश मिला है। इस पर जल्द ही काम शुरू कर दिया जाएगा। अतिरिक्त बेड बढ़ने से ज्यादा मरीजों को बेहतर ढंग से उपचार देने में सहूलियत होगी।पीआईसीयू की व्यवस्था अब तक बाल रोग विशेषज्ञ डॉ.संजय चौधरी के जिम्मे थी। अब उनके साथ डॉ.शैलेंद्र कुमार की भी तैनाती हो गई है। डॉक्टरों की दो शिफ्टों में ड्यूटी लगाई गई है।
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