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मकान मालिक भी कराएंगे जीएसटी में पंजीयन
Updated Sat, 05 Aug 2017 10:12 PM IST
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सिद्धार्थनगर। मकान का व्यावसायिक इस्तेमाल करने वाले भवन स्वामियों को भी अब जीएसटी के दायरे में लाया गया है। किराए से मिलने वाली रकम समेत कुल वार्षिक कारोबार 20 लाख से अधिक का है तो ऐसे भवन स्वामियों को भी जीएसटी के तहत पंजीकरण कराना अनिवार्य होगा। जीएसटी के नए प्रावधानों में सेवा क्षेत्र के अंतर्गत इसे शामिल किया गया है। अगर भवन स्वामी पंजीयन न कराकर व्यावसायिक कार्य जारी रखते हैं तो उनके विरुद्ध कार्रवाई हो सकती है।
पहली जुलाई से लागू जीएसटी के अंतर्गत ऐसे सभी कारोबारियों का पंजीयन अनिवार्य किया गया है, जिनका वार्षिक कारोबार 20 लाख रुपये तक है। अभी तक व्यापारी व उद्यमी को इस दायरे में रखा गया था। अब ऐसे भवन स्वामियों को भी शामिल किया गया है, जो भवन का व्यावसायिक इस्तेमाल कर रहे हैं। मसलन किराएदारों के जरिए आय अर्जित कर रहे हैं। वाणिज्य कर विभाग के डिप्टी कमिश्नर ज्ञान प्रकाश सिंह के मुताबिक अगर किसी भवन स्वामी का कारोबार 10 लाख रुपये का है और इसे 10 लाख रुपये तक प्राप्ति किराए से हो रही है तो उसका कुल कारोबार 20 लाख रुपये मानते हुए जीएसटी के तहत पंजीयन कराते हुए विभाग को विवरण उपलब्ध कराना होगा।
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पहली जुलाई से लागू जीएसटी के अंतर्गत ऐसे सभी कारोबारियों का पंजीयन अनिवार्य किया गया है, जिनका वार्षिक कारोबार 20 लाख रुपये तक है। अभी तक व्यापारी व उद्यमी को इस दायरे में रखा गया था। अब ऐसे भवन स्वामियों को भी शामिल किया गया है, जो भवन का व्यावसायिक इस्तेमाल कर रहे हैं। मसलन किराएदारों के जरिए आय अर्जित कर रहे हैं। वाणिज्य कर विभाग के डिप्टी कमिश्नर ज्ञान प्रकाश सिंह के मुताबिक अगर किसी भवन स्वामी का कारोबार 10 लाख रुपये का है और इसे 10 लाख रुपये तक प्राप्ति किराए से हो रही है तो उसका कुल कारोबार 20 लाख रुपये मानते हुए जीएसटी के तहत पंजीयन कराते हुए विभाग को विवरण उपलब्ध कराना होगा।
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