{"_id":"5b33c6ed4f1c1bf76e8ba64d","slug":"191530119917-siddharthnagar-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"दूसरी किस्त मिली कॉलेज के निर्माण में आई तेजी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दूसरी किस्त मिली कॉलेज के निर्माण में आई तेजी
siddharthnagar
Updated Wed, 27 Jun 2018 11:20 PM IST
विज्ञापन
निर्माणाधीन स्कूल
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सिद्धार्थनगर। शोहरतगढ़ ब्लॉक के मुस्लिम बहुल क्षेत्र के अलीदापुर के छात्र-छात्राएं सत्र 2019-2020 से स्थानीय इंटर कॉलेज में शिक्षा ग्रहण कर सकेंगे। एजूकेशन हब योजना के तहत निर्माणाधीन स्कूल के भवन के लिए दूसरी किस्त मिल गई है। करीब एक साल से इसका इंतजार हो रहा था।
मुस्लिम परिवार के बच्चों को समाज की मुख्य धारा से जोड़ने व शिक्षित बनाने के लिए पूर्ववर्ती सपा सरकार ने एजूकेशन हब योजना की शुरुआत की थी। योजना का उद्देश्य था कि मुस्लिम बहुल ऐसे क्षेत्रों को चिह्नित किया जाए जहां शिक्षण संस्थान नहीं हैं। वहां नए विद्यालय की स्थापना करके बच्चों को शिक्षित बनाया जाए। लिहाजा अल्पसंख्यक विभाग की ओर से नौ ब्लॉक क्षेत्रों के मुस्लिम बहुल गांव को चिह्नित करके शासन को रिपोर्ट दी गई थी। इसमें शोहरतगढ़ ब्लॉक के अलीदापुर और डुमरियागंज ब्लॉक के बनगवां पड़ाइन गांव को चिह्नित किया गया था। बनगवां पड़ाइन गांव में भूमि नहीं मिलने के कारण प्रस्ताव अटक गया। वहीं अलीदापुर गांव में भूमि मिला गई थी। इसके बाद बजट की भी शासन से स्वीकृति मिल गई। पूर्ववर्ती सरकार में ही निर्माण कार्य शुरू हो चुुका था। लेकिन प्रदेश में सरकार बनने के बाद बजट पर रुक गया। एक पखवाड़ा पूर्व दूसरी किस्त का भुगतान कर दिया है, जिससे निर्माण कार्य में तेजी आ गई है। ऐसे में यह माना जा रहा है कि जल्द ही विद्यालय का निर्माण कार्य पूरा हो जाएगा। अल्पसंख्यक विभाग के अनुसार विद्यालय निर्माण के लिए शासन ने तीन करोड़ दो लाख रुपये की लागत तय की है। दो किस्त में रकम का भी भुगतान हो चुका है।
50 से अधिक गांवों के बच्चे होंगे लाभांवित
शोहरतगढ़ ब्लॉक के अलीदापुर में इंटरमीडिएट कॉलेज बनाने से 50 से अधिक गांव के बच्चों को अच्छी शिक्षा मिलेगी। कारण कि पूरा क्षेत्र मुस्लिम बहुल है। इस क्षेत्र में शोहरतगढ़ और जनपद मुख्यालय को छोड़कर कोई सरकारी इंटर कॉलेज अभी तक नहीं है। यहां विद्यालय बनने से उन्हें काफी सहूलियत मिलेगी।
विज्ञापन
विद्यालय के निर्माण की जिम्मेदारी अल्पसंख्यक विभाग की है। निर्माण के लिए दूसरी किस्त करीब मिल गई है। इससे कार्य में तेजी आयी है। निर्माण में करीब तीन से चार माह का वक्त लगेगा। भवन हैंडओवर होने के बाद शासन के निर्देशानुसार विद्यालय का संचालन शुरू कराया जाएगा। उम्मीद है सत्र 2019-2020 से कक्षाओं का संचालन शुरू हो जाएगा।
डॉ. राजबहादुर मौर्य जिला विद्यालय निरीक्षक
विज्ञापन
मुस्लिम परिवार के बच्चों को समाज की मुख्य धारा से जोड़ने व शिक्षित बनाने के लिए पूर्ववर्ती सपा सरकार ने एजूकेशन हब योजना की शुरुआत की थी। योजना का उद्देश्य था कि मुस्लिम बहुल ऐसे क्षेत्रों को चिह्नित किया जाए जहां शिक्षण संस्थान नहीं हैं। वहां नए विद्यालय की स्थापना करके बच्चों को शिक्षित बनाया जाए। लिहाजा अल्पसंख्यक विभाग की ओर से नौ ब्लॉक क्षेत्रों के मुस्लिम बहुल गांव को चिह्नित करके शासन को रिपोर्ट दी गई थी। इसमें शोहरतगढ़ ब्लॉक के अलीदापुर और डुमरियागंज ब्लॉक के बनगवां पड़ाइन गांव को चिह्नित किया गया था। बनगवां पड़ाइन गांव में भूमि नहीं मिलने के कारण प्रस्ताव अटक गया। वहीं अलीदापुर गांव में भूमि मिला गई थी। इसके बाद बजट की भी शासन से स्वीकृति मिल गई। पूर्ववर्ती सरकार में ही निर्माण कार्य शुरू हो चुुका था। लेकिन प्रदेश में सरकार बनने के बाद बजट पर रुक गया। एक पखवाड़ा पूर्व दूसरी किस्त का भुगतान कर दिया है, जिससे निर्माण कार्य में तेजी आ गई है। ऐसे में यह माना जा रहा है कि जल्द ही विद्यालय का निर्माण कार्य पूरा हो जाएगा। अल्पसंख्यक विभाग के अनुसार विद्यालय निर्माण के लिए शासन ने तीन करोड़ दो लाख रुपये की लागत तय की है। दो किस्त में रकम का भी भुगतान हो चुका है।
विज्ञापन
50 से अधिक गांवों के बच्चे होंगे लाभांवित
शोहरतगढ़ ब्लॉक के अलीदापुर में इंटरमीडिएट कॉलेज बनाने से 50 से अधिक गांव के बच्चों को अच्छी शिक्षा मिलेगी। कारण कि पूरा क्षेत्र मुस्लिम बहुल है। इस क्षेत्र में शोहरतगढ़ और जनपद मुख्यालय को छोड़कर कोई सरकारी इंटर कॉलेज अभी तक नहीं है। यहां विद्यालय बनने से उन्हें काफी सहूलियत मिलेगी।
विज्ञापन
विद्यालय के निर्माण की जिम्मेदारी अल्पसंख्यक विभाग की है। निर्माण के लिए दूसरी किस्त करीब मिल गई है। इससे कार्य में तेजी आयी है। निर्माण में करीब तीन से चार माह का वक्त लगेगा। भवन हैंडओवर होने के बाद शासन के निर्देशानुसार विद्यालय का संचालन शुरू कराया जाएगा। उम्मीद है सत्र 2019-2020 से कक्षाओं का संचालन शुरू हो जाएगा।
डॉ. राजबहादुर मौर्य जिला विद्यालय निरीक्षक