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‘त्रिनेत्र’ की नजर में रहेंगे 1842 बदमाश
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‘त्रिनेत्र’ की नजर में रहेंगे 1842 बदमाश
सिद्धार्थनगर। त्रिनेत्र एप की नजर में जिले के 1842 बदमाश रहेंगे। 10 वर्ष में संगीन अपराध करने वाले इन बदमाशों को चिह्नित करके इनका डाटा त्रिनेत्र एप में अपलोड हो गया है। अब इनकी हर गतिविधियों पर नजर रहेगी। सोमवार को एएसपी सुरेशचंद रावत ने डीसीआरबी का निरीक्षण करके रिपोर्ट की जानकारी ली और आवश्यक निर्देश दिए।
एएसपी सुरेशचंद रावत ने पुलिस कार्यालय में बने अपराध शाखा का निरीक्षण करने पहुंचे। यहां जांच में पाया गया कि शाखा में 1842 अपराधियों का संपूर्ण डाटाबेस डोजियर में बना कर त्रिनेत्र ऐप में फीडिंग की जा चुकी है। इनमें बीते 10 वर्षों में 50 ने डकैती, 59 ने लूट, 257 ने नकबजनी, 176 ने वाहन चोरी की घटनाओं को अंजाम दिया है। शेष अभियुक्त अन्य घटनाओं में प्रकाश में आए थे।
इन अभियुक्तों के बारे में संपूर्ण विवरण, जैसे इनके मोबाइल नंबर, आधार नंबर, पारिवारिक विवरण, सह अभियुक्त, मददगार, संरक्षणदाता और जमानत कराए जाने वाले व्यक्तियों का विवरण तैयार किया गया है। इनकी प्रत्येक माह वर्तमान स्थिति पर डीसीआरबी शाखा की ओर से प्रतिमाह जानकारी रखने तथा संदिग्ध पाए जाने पर तत्काल संबंधित थाने को सूचित किए जाने के लिए निर्देशित किया। साथ ही बदमाशों के संबंध में जानकारी अपडेट करते रहने का निर्देश दिया।
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सिद्धार्थनगर। त्रिनेत्र एप की नजर में जिले के 1842 बदमाश रहेंगे। 10 वर्ष में संगीन अपराध करने वाले इन बदमाशों को चिह्नित करके इनका डाटा त्रिनेत्र एप में अपलोड हो गया है। अब इनकी हर गतिविधियों पर नजर रहेगी। सोमवार को एएसपी सुरेशचंद रावत ने डीसीआरबी का निरीक्षण करके रिपोर्ट की जानकारी ली और आवश्यक निर्देश दिए।
एएसपी सुरेशचंद रावत ने पुलिस कार्यालय में बने अपराध शाखा का निरीक्षण करने पहुंचे। यहां जांच में पाया गया कि शाखा में 1842 अपराधियों का संपूर्ण डाटाबेस डोजियर में बना कर त्रिनेत्र ऐप में फीडिंग की जा चुकी है। इनमें बीते 10 वर्षों में 50 ने डकैती, 59 ने लूट, 257 ने नकबजनी, 176 ने वाहन चोरी की घटनाओं को अंजाम दिया है। शेष अभियुक्त अन्य घटनाओं में प्रकाश में आए थे।
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इन अभियुक्तों के बारे में संपूर्ण विवरण, जैसे इनके मोबाइल नंबर, आधार नंबर, पारिवारिक विवरण, सह अभियुक्त, मददगार, संरक्षणदाता और जमानत कराए जाने वाले व्यक्तियों का विवरण तैयार किया गया है। इनकी प्रत्येक माह वर्तमान स्थिति पर डीसीआरबी शाखा की ओर से प्रतिमाह जानकारी रखने तथा संदिग्ध पाए जाने पर तत्काल संबंधित थाने को सूचित किए जाने के लिए निर्देशित किया। साथ ही बदमाशों के संबंध में जानकारी अपडेट करते रहने का निर्देश दिया।
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