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‘मनमानी मत करो, नए हो-समझ कर निर्णय लो’
siddharthnagar
Updated Wed, 09 May 2018 11:23 PM IST
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आंबेडकर सभागार में प्रभारी मंत्री चेतन चौहान की अध्यक्षता में जिला योजना समिति की बैठक हुई।
- फोटो : अमर उजाला
सिद्धार्थनगर। विकास भवन के आंबेडकर सभागार में प्रभारी मंत्री चेतन चौहान की अध्यक्षता में जिला योजना समिति की बैठक हुई। इसमें प्रभारी मंत्री और जनप्रतिनिधियों के निशाने पर प्रमुख रूप से जिला पंचायतीराज अधिकारी, परियोजना निदेशक डीआरडीए और कार्यदायी संस्थाओं के अधिशासी अभियंता रहे।
बैठक में इटवा विधायक ने आरोप लगाया कि पंचायतीराज समिति का सदस्य होने के बाद भी उनसे प्रस्ताव नहीं लिए गए। इस पर प्रभारी मंत्री ने डीपीआरओ से कहा कि मनमानी मत करो। अभी नए हो, सोच-समझ कर निर्णय लो। बाढ़ प्रभावित जिला होने के भी बाढ़ नियंत्रण में परिव्यय न रखने पर सांसद जगदंबिका पाल ने आपत्ति जताई। इस पर डीएसटीओ राजेश सिंह ने बताया कि प्रावधान न होने के कारण नहीं रखा गया। प्रभारी मंत्री ने डीएफओ को बाढ़ प्रभावित जिले में बांस की खेती को बढ़ावा देने को कहा। क्षतिग्रस्त सड़कों, पुलों व पुलियों के मामले में जनप्रतिनिधियों ने कार्यदायी संस्थाओं के अधिशासी अभियंताओं की जमकर क्लास ली। मंत्री ने ऐसे कार्यों की सूची जिलाधिकारी के माध्यम से शासन स्तर पर भेजने का निर्देश दिया। कपिलवस्तु में पर्यटन के विकास को लेकर विशेष कार्ययोजना बनाने का भी निर्देश दिया।
जिले में दुग्ध उत्पादन को लेकर तैयार कार्ययोजना के बारे में जानकारी न देने पर मंत्री ने अफसरों को फटकार लगाई और उत्पादन बढ़ाने के लिए निर्देशित किया। स्वयं सहायता समूहों के गठन व उनके लिए ऋण योजना मामले में शिथिलता बरतने पर सांसद, विधायक इटवा डॉ. सतीश द्विवेदी, शोहरतगढ़ विधायक चौधरी अमर सिंह ने पीडी संत कुमार पर खानापूरी का आरोप लगाया। बैंकों में प्रस्तुत पत्रावलियों में अपेक्षाकृत कम ऋण स्वीकृत न करने पर जनप्रतिनिधियों ने एलडीएम को भी घेरा।
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पंचायतीराज विभाग पर चर्चा के दौरान सांसद व विधायकों ने श्मशान घाट के मामले पर डीपीआरओ को घेरा। आरोप लगाया कि वर्ष 2017-18 में जिले में स्वीकृत तीन श्मशान घाटों के निर्माण में मनमाने ढंग से व्यक्तिगत लाभ के लिए गांवों से प्रस्ताव लिए गए। कहा कि ककरही घाट, गौरा घाट, बानगंगा घाट जैसे महत्वपूर्ण स्थलों पर श्मशान बनवाने की पहल नहीं हुई। समिति के सदस्य फतेह बहादुर सिंह ने नपा सिद्धार्थनगर के ईओ के गैरहाजिरी व वित्तीय अनियमितता तो जिला पंचायत सदस्य गंगा मिश्रा ने ससना स्कूल पर हैंडपंप न होने, जिपं सदस्य अजय सिंह ने जनहित के कई मुद्दों को उठाया। सांसद प्रतिनिधि राजमणि पांडेय ने उद्यान विभाग द्वारा मनरेगा में बजट का प्रावधान न किए जाने का आरोप लगाया।
इस मौके पर जिला पंचायत अध्यक्ष गरीब दास, डीएम कुणाल सिल्कू, एसपी डॉ. धर्मवीर सिंह, सीडीओ हर्षिता माथुर, एडीएम प्रमोद शंकर शुक्ला, सीएमओ डा. रविन्द्र कुमार मिश्रा, डीडीओ सुदामा प्रसाद, बीएसए मनिराम सिंह, डीडी कृषि पी.के. कन्नौजिया, ग्रामोद्योग अधिकारी शिवदत्त, समाज कल्याण अधिकारी मीनाक्षी वर्मा, जिला सेवा योजन अधिकारी अवधेन्द्र प्रताप वर्मा, अधीक्षण अभियंता विद्युत ए.के. श्रीवास्तव, पीओ नेडा ए.के. दुबे, सीबीओ डा.फणीश सिंह, प्रतिनिधियों में विजय बहादुर सिंह, शांति देवी, सोनू यादव आदि मौजूद रहे।
अनुपस्थित रहे छह विधायक
जिला योजना समिति की बैठक में जनपद के कई विधायक अनुपस्थित रहे। उनका प्रतिनिधित्व उनके द्वारा नामित प्रतिनिधियों ने किया। बांसी के विधायक व कैबिनेट मंत्री जय प्रताप सिंह, सदर विधायक श्याम धनी राही, डुमरियागंज के विधायक राघवेन्द्र प्रताप सिंह, शिक्षक विधायक ध्रुव कुमार त्रिपाठी, विधान परिषद सदस्य देवेन्द्र प्रताप सिंह व सन्नी यादव उपस्थित नहीं थे।
जिला योजना में 386.22 करोड़ का प्रस्ताव अनुमोदित
जिला विकास योजना के लिए वर्ष 2018-19 में प्रभारी मंत्री की अध्यक्षता में हुई बैठक में 386.22 करोड़ रुपये का परिव्यय अनुमोदित किया गया। यह वर्ष 2017-18 के परिव्यय से 24.79 करोड़ अधिक है। जिन प्रमुख विभागों का परिव्यय अनुमोदित हुआ हैं, उनमें वन विभाग का 204 लाख, पंचायती राज का 15364.44 लाख, 24 पर्यटन स्थल के लिए एक करोड़, प्राथमिक शिक्षा के लिए सर्व शिक्षा अभियान अंतर्गत 2809 शिक्षा मित्रों व 7135 रसोइयों के मानदेय के लिए आवश्यक परिव्यय, ग्रामीण आवास में 2315 प्रधानमंत्री आवास निर्माण के लिए परिव्यय, दो आयुर्वेद अस्पताल के निर्माण के लिए 40 लाख रुपये मुख्य रूप से शामिल हैं।
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बैठक में इटवा विधायक ने आरोप लगाया कि पंचायतीराज समिति का सदस्य होने के बाद भी उनसे प्रस्ताव नहीं लिए गए। इस पर प्रभारी मंत्री ने डीपीआरओ से कहा कि मनमानी मत करो। अभी नए हो, सोच-समझ कर निर्णय लो। बाढ़ प्रभावित जिला होने के भी बाढ़ नियंत्रण में परिव्यय न रखने पर सांसद जगदंबिका पाल ने आपत्ति जताई। इस पर डीएसटीओ राजेश सिंह ने बताया कि प्रावधान न होने के कारण नहीं रखा गया। प्रभारी मंत्री ने डीएफओ को बाढ़ प्रभावित जिले में बांस की खेती को बढ़ावा देने को कहा। क्षतिग्रस्त सड़कों, पुलों व पुलियों के मामले में जनप्रतिनिधियों ने कार्यदायी संस्थाओं के अधिशासी अभियंताओं की जमकर क्लास ली। मंत्री ने ऐसे कार्यों की सूची जिलाधिकारी के माध्यम से शासन स्तर पर भेजने का निर्देश दिया। कपिलवस्तु में पर्यटन के विकास को लेकर विशेष कार्ययोजना बनाने का भी निर्देश दिया।
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जिले में दुग्ध उत्पादन को लेकर तैयार कार्ययोजना के बारे में जानकारी न देने पर मंत्री ने अफसरों को फटकार लगाई और उत्पादन बढ़ाने के लिए निर्देशित किया। स्वयं सहायता समूहों के गठन व उनके लिए ऋण योजना मामले में शिथिलता बरतने पर सांसद, विधायक इटवा डॉ. सतीश द्विवेदी, शोहरतगढ़ विधायक चौधरी अमर सिंह ने पीडी संत कुमार पर खानापूरी का आरोप लगाया। बैंकों में प्रस्तुत पत्रावलियों में अपेक्षाकृत कम ऋण स्वीकृत न करने पर जनप्रतिनिधियों ने एलडीएम को भी घेरा।
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पंचायतीराज विभाग पर चर्चा के दौरान सांसद व विधायकों ने श्मशान घाट के मामले पर डीपीआरओ को घेरा। आरोप लगाया कि वर्ष 2017-18 में जिले में स्वीकृत तीन श्मशान घाटों के निर्माण में मनमाने ढंग से व्यक्तिगत लाभ के लिए गांवों से प्रस्ताव लिए गए। कहा कि ककरही घाट, गौरा घाट, बानगंगा घाट जैसे महत्वपूर्ण स्थलों पर श्मशान बनवाने की पहल नहीं हुई। समिति के सदस्य फतेह बहादुर सिंह ने नपा सिद्धार्थनगर के ईओ के गैरहाजिरी व वित्तीय अनियमितता तो जिला पंचायत सदस्य गंगा मिश्रा ने ससना स्कूल पर हैंडपंप न होने, जिपं सदस्य अजय सिंह ने जनहित के कई मुद्दों को उठाया। सांसद प्रतिनिधि राजमणि पांडेय ने उद्यान विभाग द्वारा मनरेगा में बजट का प्रावधान न किए जाने का आरोप लगाया।
इस मौके पर जिला पंचायत अध्यक्ष गरीब दास, डीएम कुणाल सिल्कू, एसपी डॉ. धर्मवीर सिंह, सीडीओ हर्षिता माथुर, एडीएम प्रमोद शंकर शुक्ला, सीएमओ डा. रविन्द्र कुमार मिश्रा, डीडीओ सुदामा प्रसाद, बीएसए मनिराम सिंह, डीडी कृषि पी.के. कन्नौजिया, ग्रामोद्योग अधिकारी शिवदत्त, समाज कल्याण अधिकारी मीनाक्षी वर्मा, जिला सेवा योजन अधिकारी अवधेन्द्र प्रताप वर्मा, अधीक्षण अभियंता विद्युत ए.के. श्रीवास्तव, पीओ नेडा ए.के. दुबे, सीबीओ डा.फणीश सिंह, प्रतिनिधियों में विजय बहादुर सिंह, शांति देवी, सोनू यादव आदि मौजूद रहे।
अनुपस्थित रहे छह विधायक
जिला योजना समिति की बैठक में जनपद के कई विधायक अनुपस्थित रहे। उनका प्रतिनिधित्व उनके द्वारा नामित प्रतिनिधियों ने किया। बांसी के विधायक व कैबिनेट मंत्री जय प्रताप सिंह, सदर विधायक श्याम धनी राही, डुमरियागंज के विधायक राघवेन्द्र प्रताप सिंह, शिक्षक विधायक ध्रुव कुमार त्रिपाठी, विधान परिषद सदस्य देवेन्द्र प्रताप सिंह व सन्नी यादव उपस्थित नहीं थे।
जिला योजना में 386.22 करोड़ का प्रस्ताव अनुमोदित
जिला विकास योजना के लिए वर्ष 2018-19 में प्रभारी मंत्री की अध्यक्षता में हुई बैठक में 386.22 करोड़ रुपये का परिव्यय अनुमोदित किया गया। यह वर्ष 2017-18 के परिव्यय से 24.79 करोड़ अधिक है। जिन प्रमुख विभागों का परिव्यय अनुमोदित हुआ हैं, उनमें वन विभाग का 204 लाख, पंचायती राज का 15364.44 लाख, 24 पर्यटन स्थल के लिए एक करोड़, प्राथमिक शिक्षा के लिए सर्व शिक्षा अभियान अंतर्गत 2809 शिक्षा मित्रों व 7135 रसोइयों के मानदेय के लिए आवश्यक परिव्यय, ग्रामीण आवास में 2315 प्रधानमंत्री आवास निर्माण के लिए परिव्यय, दो आयुर्वेद अस्पताल के निर्माण के लिए 40 लाख रुपये मुख्य रूप से शामिल हैं।