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ट्रक की चपेट में आने से महिला प्रधान के पुत्र की मौत

Sun, 15 Oct 2017 09:59 PM IST
Updated Sun, 15 Oct 2017 09:59 PM IST
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ट्रक की चपेट में आने से महिला प्रधान के पुत्र की मौत
सिद्धार्थनगर। उसका थाना क्षेत्र नौगढ़-गोखरपुर मार्ग पर स्थित बेलसड़ मोड़ पर रविवार की सुबह बीमार को जिला अस्पताल देखने जा रहे महिला ग्राम प्रधान के पुत्र को ट्रक ने चपेट में ले लिया। इससे हादसे में उसकी मौत हो गई। मृतक प्रधान पुत्र खेसरहा क्षेत्र के महुई नानकार गांव का निवासी है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
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खेसरहा क्षेत्र के महुई गांव निवासी चंद्रावती देवी गांव की प्रधान हैं। कामकाज उनके पुत्र राकेश कुमार जायसवाल उर्फ मोल्हू (35) पुत्र मिठाई लाल देखते थे। रविवार सुबह पड़ोस के किसी बच्चे को सांप ने डस लिया था, जिसका उपचार करवाने के लिए राकेश जिला अस्पताल बाइक से जा रहे थे। अभी वह नौगढ़-गोरखपुर मार्ग पर बेलसड़ मोड़ से निकले थे, तभी गोरखपुर की ओर से पीछे से आ रहे ट्रक ने उसे अपनी चपेट में ले लिया। लोगों के मुताबिक ट्रक में वह बाइक सहित फंस गया था। ट्रक लगभग 20 मीटर दूर तक घसीटता ले गया। हादसे में राकेश गंभीर रूप जख्मी हो गए। आसपास के लोगों ने उन्हें जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां हालत गंभीर देख डॉक्टरों ने मेडिकल कॉलेज गोरखपुर रेफर कर दिया। गोरखपुर ले जाते समय रास्ते में ही राकेश की मौत हो गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। इस संबंध में एसओ उसका संतोष कुमार सरोज ने बताया कि मामला बृजमनगंज थाने का है। इस बारे में थानाध्यक्ष बृजमनगंज ज्ञानेंद्र राय से बात की गई तो उन्होंने बताया कि अभी वह टीईटी परीक्षा की ड्यूटी में है। तहरीर मिले के बाद कार्रवाई की जाएगी।
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मौत की खबर से गांव में मचा कोहराम
राकेश कुमार की मौत के बाद पूरे महुई नानकार गांव में कोहराम मच गया है। मौत की खबर सुनने के बाद जिला अस्पताल मेें गांववालों की भारी भीड़ एकत्र हो गई। अस्पताल पहुंचे हर व्यक्ति की आंखें नम थीं और लोग यह कह रहे थे कि राकेश नेक व्यक्ति था। अपनी कार्य कुशलता व भाषा शैली से उसने गांव व क्षेत्र में अपना नाम बना लिया था। पूर्व में वह क्षेत्र पंचायत सदस्य भी रहा और इस बार ग्राम प्रधान के चुनाव में महिला सीट पर अपनी मां को चुनाव लड़ाकर प्रधान बनाया था। खुशदिल राकेश की मौत से हर कोई सदमे में था।
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लाश देखकर बोली बेटी, किसने मेरे पापा को मारा
राकेश कुमार की मौत की खबर लगते ही पत्नी सुशीला का रो-रोकर बुरा हा था। घर से अस्पताल तक पहुंचने के दौरान वह कई बार बेहोश हो गई। वहीं, अस्पताल पर बिलखती हुई पहुंची राकेश की 13 वर्षीय बेटी उजाला लाश देखने के बाद बार-बार यही कह रही थी कि मेरे पापा को किसने मारा। मेरे पापा कभी किसी से झगड़ते नहीं तो उन्हें किसने मार दिया। मुझे जल्द बताओ। यह ककहर वह फफक कर रोने लगती थी। वहीं, 11 वर्षीय पुत्र प्रिंस व आठ वर्षीय प्रियांशु एक कोने में बैठकर रो रहे थे। असहायत मुद्रा में उन्हें बिलखता देखते अस्पताल में आए अन्य मरीज भी भावुक हो उठे।
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