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डीएम के अचानक अस्पताल पहुंचने पर मची अफरा-तफरी
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डीएम के अचानक अस्पताल पहुंचने पर मची अफरा-तफरी
सीएमएस के कक्ष में सीएमओ के साथ बैठक कर की समीक्षा
अमर उजाला ब्यूरो
सिद्धार्थनगर। संयुक्त जिला अस्पताल में दोपहर एक बजे अचानक जिलाधिकारी पहुंच गए। बिना किसी पूर्व सूचना के आने की भनक लगते ही चिकित्सालय में अफरा-तफरी का माहौल हो गया। लगभग एक घंटे तक सीएमएस कक्ष में सीएमओ के साथ बैठक कर स्वास्थ्य योजनाओं व कार्यक्रमों की समीक्षा की। इस मौके पर चिकित्सकों की ओर से बनाए जा रहे मेडिकल सर्टिफिकेट पर सवाल खड़ा करते हुए जिम्मेदारों को कड़ी फटकार लगाई।
जिलाधिकारी कुणाल सिल्कू गुरुवार को दोपहर 12 बजे संयुक्त जिला चिकित्सालय पहुंचे। जहां वह मुख्य चिकित्सा अधीक्षक के कक्ष में बैठ गए। मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. आरके मिश्र के साथ मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. रोचस्मति पांडेय की मौजूदगी में जिला अस्पताल में उपलब्ध साधन व संसाधन के बारे में विस्तार से समीक्षा की। मरीजों को मिलने वाली वाली सुविधाओं के बारे में गहनता से छानबीन की। डीएम के आने की भनक लगते ही इमरजेंसी वार्ड समेत जनरल वार्ड, सर्जिकल वार्ड, एनआरसी वार्ड, पीआईसीयू वार्ड, एसएनसीयू वार्ड, ओपीडी के अलावा प्लास्टर रूम, एक्सरे कक्ष में भी कार्यरत रहे चिकित्सक व स्वास्थ्य कर्मी भी सतर्क हो गए। आनन-फानन में व्यवस्था सुधारने में जुट गए। लगभग एक घंटे के दौरान जिलाधिकारी ने जिला अस्पताल में चिकित्सकों की ओर से बनाए जा रहे मेडिकल सर्टिफिकेट पर सवाल खड़ा किया। मौके पर कई मेडिकल सर्टिफिकेट पर संदेह खड़ा करते हुए जिम्मेदारों को कड़ी फटकार लगाई। भविष्य में पुनरावृत्ति पर कठोर कार्रवाई की चेतावनी भी दी। डीएम के जाने पर सभी ने राहत की सांस ली।
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सीएमएस के कक्ष में सीएमओ के साथ बैठक कर की समीक्षा
अमर उजाला ब्यूरो
सिद्धार्थनगर। संयुक्त जिला अस्पताल में दोपहर एक बजे अचानक जिलाधिकारी पहुंच गए। बिना किसी पूर्व सूचना के आने की भनक लगते ही चिकित्सालय में अफरा-तफरी का माहौल हो गया। लगभग एक घंटे तक सीएमएस कक्ष में सीएमओ के साथ बैठक कर स्वास्थ्य योजनाओं व कार्यक्रमों की समीक्षा की। इस मौके पर चिकित्सकों की ओर से बनाए जा रहे मेडिकल सर्टिफिकेट पर सवाल खड़ा करते हुए जिम्मेदारों को कड़ी फटकार लगाई।
जिलाधिकारी कुणाल सिल्कू गुरुवार को दोपहर 12 बजे संयुक्त जिला चिकित्सालय पहुंचे। जहां वह मुख्य चिकित्सा अधीक्षक के कक्ष में बैठ गए। मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. आरके मिश्र के साथ मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. रोचस्मति पांडेय की मौजूदगी में जिला अस्पताल में उपलब्ध साधन व संसाधन के बारे में विस्तार से समीक्षा की। मरीजों को मिलने वाली वाली सुविधाओं के बारे में गहनता से छानबीन की। डीएम के आने की भनक लगते ही इमरजेंसी वार्ड समेत जनरल वार्ड, सर्जिकल वार्ड, एनआरसी वार्ड, पीआईसीयू वार्ड, एसएनसीयू वार्ड, ओपीडी के अलावा प्लास्टर रूम, एक्सरे कक्ष में भी कार्यरत रहे चिकित्सक व स्वास्थ्य कर्मी भी सतर्क हो गए। आनन-फानन में व्यवस्था सुधारने में जुट गए। लगभग एक घंटे के दौरान जिलाधिकारी ने जिला अस्पताल में चिकित्सकों की ओर से बनाए जा रहे मेडिकल सर्टिफिकेट पर सवाल खड़ा किया। मौके पर कई मेडिकल सर्टिफिकेट पर संदेह खड़ा करते हुए जिम्मेदारों को कड़ी फटकार लगाई। भविष्य में पुनरावृत्ति पर कठोर कार्रवाई की चेतावनी भी दी। डीएम के जाने पर सभी ने राहत की सांस ली।
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