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दिखा चांद मुबारक, आज मनेगी ईद
Updated Sun, 25 Jun 2017 09:51 PM IST
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सिद्धार्थनगर। रविवार को 29वें रोजा के बाद रोजेदारों ने ईद की तैयारियां चरम पर पहुंच गई। हर तरफ लोग खरीदारी में मशगूल रहे। बैंकों में तीन दिनों की बंदी से लोग कैश की किल्लत से दो-चार भी होते रहे। ईद की खरीदारी केवल रस्मअदायगी तक सिमट कर रह गई। महिलाओं ने नए कपड़ों के साथ जूता-चप्पल की दुकानों पर भी खरीदारी की। सेवईं व सूखा मेवा की दुकानों पर भी खरीदारों की भीड़ दिखी।
29वें रोजा के जोहर की नमाज पढ़ने के बाद लोग ईद की तैयारियों में जुट गए। बाजार के साप्ताहिक बंदी के दिन भी दुकानें खुली रहीं। दोपहर के बाद से खरीदारों की भीड़ सड़कों पर दिखी। नगर के सिद्धार्थ तिराहे, कपड़ा गली, आजाद नगर में कपड़े की दुकानों पर बिक्री हुई। कैश की किल्लत होने के कारण लोग महंगे कपड़े खरीदने से कतराते रहे। तहसील मोड़, सिविल लांइस के जूता-चप्पलों की दुकानों पर ग्राहकों की भीड़ दिखी। सड़क की पटरियों पर लगे कुर्ता-पैजामा की अस्थाई दुकानों ने ग्राहकों को आकर्षित किया। 120 से 300 रुपये तक के कुर्ता की बिक्री हुई। सिद्धार्थ तिराहा व आजाद नगर में सेवईयां की दुकानें सजी रही। 80 से 120 रुपये किलो तक के दाम की सेवई बाजार में उपलब्ध रही। एकाध दुकानों पर 500 रुपये किलों के भाव की बनारसी सेवईं भी बिकी। अभिजात्य वर्ग ने बनारसी सेवईं खरीदने में उत्सुकता दिखाई।
यहां पढ़ी जाएगी नमाज
सिद्धार्थ तिराहा स्थित जामा मस्जिद के शहर इमाम सैय्यद सुहैल अहमद कादरी ने बताया कि सबसे पहले सुबह 7.30 बजे बद्र स्कूल स्थित मस्जिद में ईदुल-फितर की नमाज पढ़ी जाएगी। यहां महिला रोजेदारों को शुक्रराने की नमाज अदा करने की व्यवस्था की जाएगी। 8 बजे खजुरिया व पुरानी नौगढ़ स्थित ईदगाह में नमाज पढ़ी जाएगी। 8.30 बजे से बेलसड़ ईदगाह में नमाज अदा की जाएगी।
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कैश किल्लत से जूझते रहे लोग, कम हुआ उत्साह
जोगिया। बैंक में तीन दिनों की छुट्टी, एटीएम में ताला लटकने से लोगों को ईद की खरीदारी करने में पसीने छूट गए। कैश की किल्लत के कारण बाजार में भी उत्साह नहीं देखा गया। ग्राम करौंदा मसिना निवासी मौलाना रुआब अली ने कहा कि बैंक बंदी होने से लोगों के पास नकदी नहीं रही। कैश किल्लत के कारण केवल रस्मअदायगी किया गया। वाजिद अली ने कहा कि बैंक से नगदी न मिल पाने के कारण किसी प्रकार दूसरों से रुपये की व्यवस्था कर ईद की खरीदारी किया। अतहर अली ने कहा कि साल भर के त्यौहार को किसी प्रकार मनाया गया। बैंक में तीन दिन की बंदी ने कमर तोड़ दिया है। मोहम्मद इकबाल कहते हैं कि पिछले वर्ष की तुलना में इस वर्ष बाजार में सामानों का दाम दोगुना हो गया है। कैश किल्लत के कारण लोगों की परेशानी बढ़ गई है।
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29वें रोजा के जोहर की नमाज पढ़ने के बाद लोग ईद की तैयारियों में जुट गए। बाजार के साप्ताहिक बंदी के दिन भी दुकानें खुली रहीं। दोपहर के बाद से खरीदारों की भीड़ सड़कों पर दिखी। नगर के सिद्धार्थ तिराहे, कपड़ा गली, आजाद नगर में कपड़े की दुकानों पर बिक्री हुई। कैश की किल्लत होने के कारण लोग महंगे कपड़े खरीदने से कतराते रहे। तहसील मोड़, सिविल लांइस के जूता-चप्पलों की दुकानों पर ग्राहकों की भीड़ दिखी। सड़क की पटरियों पर लगे कुर्ता-पैजामा की अस्थाई दुकानों ने ग्राहकों को आकर्षित किया। 120 से 300 रुपये तक के कुर्ता की बिक्री हुई। सिद्धार्थ तिराहा व आजाद नगर में सेवईयां की दुकानें सजी रही। 80 से 120 रुपये किलो तक के दाम की सेवई बाजार में उपलब्ध रही। एकाध दुकानों पर 500 रुपये किलों के भाव की बनारसी सेवईं भी बिकी। अभिजात्य वर्ग ने बनारसी सेवईं खरीदने में उत्सुकता दिखाई।
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यहां पढ़ी जाएगी नमाज
सिद्धार्थ तिराहा स्थित जामा मस्जिद के शहर इमाम सैय्यद सुहैल अहमद कादरी ने बताया कि सबसे पहले सुबह 7.30 बजे बद्र स्कूल स्थित मस्जिद में ईदुल-फितर की नमाज पढ़ी जाएगी। यहां महिला रोजेदारों को शुक्रराने की नमाज अदा करने की व्यवस्था की जाएगी। 8 बजे खजुरिया व पुरानी नौगढ़ स्थित ईदगाह में नमाज पढ़ी जाएगी। 8.30 बजे से बेलसड़ ईदगाह में नमाज अदा की जाएगी।
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कैश किल्लत से जूझते रहे लोग, कम हुआ उत्साह
जोगिया। बैंक में तीन दिनों की छुट्टी, एटीएम में ताला लटकने से लोगों को ईद की खरीदारी करने में पसीने छूट गए। कैश की किल्लत के कारण बाजार में भी उत्साह नहीं देखा गया। ग्राम करौंदा मसिना निवासी मौलाना रुआब अली ने कहा कि बैंक बंदी होने से लोगों के पास नकदी नहीं रही। कैश किल्लत के कारण केवल रस्मअदायगी किया गया। वाजिद अली ने कहा कि बैंक से नगदी न मिल पाने के कारण किसी प्रकार दूसरों से रुपये की व्यवस्था कर ईद की खरीदारी किया। अतहर अली ने कहा कि साल भर के त्यौहार को किसी प्रकार मनाया गया। बैंक में तीन दिन की बंदी ने कमर तोड़ दिया है। मोहम्मद इकबाल कहते हैं कि पिछले वर्ष की तुलना में इस वर्ष बाजार में सामानों का दाम दोगुना हो गया है। कैश किल्लत के कारण लोगों की परेशानी बढ़ गई है।