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15 दिन के अंदर दर्ज कराएं आपत्ति, बाद में नहीं होगी कार्रवाई
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‘15 दिन में दर्ज कराएं आपत्ति, बाद में नहीं होगी कार्रवाई’
इटवा। इटवा शाखा नहर क्षेत्र में सेमरी गांव के किसानों की पड़ रही भूमि के लिए चकबंदी अधिकारी ने एसडीएम इटवा की उपस्थिति में शुक्रवार को गांव के प्राथमिक विद्यालय में कोर्ट लगाई। इस दौरान गैप में पड़ने वाले किसानों को 15 दिन का समय दिया गया। यदि किसी किसान को कोई आपत्ति है, तो वह दर्ज करा सकते है। इसके बाद कोई सुनवाई मान्य नहीं होगी।
सरयू नहर खंड तृतीय बलरामपुर के तहत जिले के डुमरियागंज व इटवा में सोहना व इटवा शाखा की खुदाई कराई गई थी। गांव की खतौनी नहीं उपलब्ध होने के कारण इटवा शाखा में सेमरी गांव की खुदाई नहीं हो पाई थी। इसके कारण इटवा शाखा व उससे निकलने वाली मैना, भगौसा व नागचौरी नहरों में पानी नहीं जा पा रहा था। गैप में सेमरी गांव के 19 खातेदारों का कुल 72 किसानों का कुल 4.6666 हेक्टेयर रकबा पड़ रहा था। गांववालों की माने तो गैप में पड़ने वाली जमीनों के 19 खातों में दो खाता चकबंदी न्यायालय में विवादित है। शेष खाता विवाद रहित है। चकबंदी अधिकारी ने इस विवाद रहित खातों के निस्तारण के लिए 15 दिन का समय दिया है। बकौल चकबंदी अधिकारी, यदि किसी किसान को कोई आपत्ति है तो वह चकबंदी न्यायालय प्राथमिक विद्यालय सेमरी में दाखिल करा सकता है। एसडीएम इटवा त्रिभुवन का कहना है कि 15 दिन के बाद किसानों की अविवादित जमीनों का मूल्य उनके खातों में भेज दी जाएगी।
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इटवा। इटवा शाखा नहर क्षेत्र में सेमरी गांव के किसानों की पड़ रही भूमि के लिए चकबंदी अधिकारी ने एसडीएम इटवा की उपस्थिति में शुक्रवार को गांव के प्राथमिक विद्यालय में कोर्ट लगाई। इस दौरान गैप में पड़ने वाले किसानों को 15 दिन का समय दिया गया। यदि किसी किसान को कोई आपत्ति है, तो वह दर्ज करा सकते है। इसके बाद कोई सुनवाई मान्य नहीं होगी।
सरयू नहर खंड तृतीय बलरामपुर के तहत जिले के डुमरियागंज व इटवा में सोहना व इटवा शाखा की खुदाई कराई गई थी। गांव की खतौनी नहीं उपलब्ध होने के कारण इटवा शाखा में सेमरी गांव की खुदाई नहीं हो पाई थी। इसके कारण इटवा शाखा व उससे निकलने वाली मैना, भगौसा व नागचौरी नहरों में पानी नहीं जा पा रहा था। गैप में सेमरी गांव के 19 खातेदारों का कुल 72 किसानों का कुल 4.6666 हेक्टेयर रकबा पड़ रहा था। गांववालों की माने तो गैप में पड़ने वाली जमीनों के 19 खातों में दो खाता चकबंदी न्यायालय में विवादित है। शेष खाता विवाद रहित है। चकबंदी अधिकारी ने इस विवाद रहित खातों के निस्तारण के लिए 15 दिन का समय दिया है। बकौल चकबंदी अधिकारी, यदि किसी किसान को कोई आपत्ति है तो वह चकबंदी न्यायालय प्राथमिक विद्यालय सेमरी में दाखिल करा सकता है। एसडीएम इटवा त्रिभुवन का कहना है कि 15 दिन के बाद किसानों की अविवादित जमीनों का मूल्य उनके खातों में भेज दी जाएगी।
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