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तहसील दिवस से निराश लौटे फरियादी

Tue, 05 Sep 2017 10:24 PM IST
Updated Tue, 05 Sep 2017 10:24 PM IST
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तहसील दिवस से निराश लौटे फरियादी
इटवा। तहसील दिवस से फरियादी फिर मायूस लौटे हैं। वह भी तब, जब जिले के सभी आला अफसर एक ही जगह मौजूद थे। शिकायतों के त्वरित निस्तारण की बजाए उसे जांच के लिए सुपुर्द कर दिया गया। हिदायत दी गई कि संबंधित अधिकारी छानबीन कर गुणवत्तापूर्ण निस्तारण समय सीमा में सुनिश्चित करें। कुल 64 प्रार्थना पत्र प्राप्त हुए।
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स्थानीय तहसील समाधान दिवस में राजस्व, विकास, शिक्षा, पूर्ति व अन्य विभागों के शिकायतों की सुनवाई डीएम कुणाल सिल्कू व सीडीओ अनिल कुमार मिश्र, एसडीएम एम.जुबेर बेग ने किया। पुलिस विभाग से संबंधित शिकायतों की सुनवाई एसपी सत्येंद्र कुमार व सीओ महेंद्र सिंह देव ने किया। डीएम ने सभी अधिकारियों को निर्देशित किया कि शासन की मंशा के अनुरूप गरीबों, असहायों को उचित व त्वरित न्याय दिलाए जाने की कार्रवाई सुनिश्चित करें। तहसील दिवस राजस्व के 20, पुलिस विभाग के 19, विकास के 11, पूर्ति के 9, विद्युत के 4, दिव्यांग कल्याण विभाग से संबंधित 1 मामले आया। इस मौके पर पीडी संत कुमार, डीडीओ सुदामा प्रसाद, एसओसी ओमप्रकाश अंजोर, सीएमओ डॉ. रतन कुमार, उपनिदेशक कृषि डॉ. पीके कन्नौजिया, बीएसए मनीराम सिंह आदि अधिकारी मौजूद रहे। शासन की योजनाओं के कुशल क्रियान्वयन की हकीकत जानने के लिए डीएम ने सभी अधिकारियों से 27 बिंदुओं पर रिपोर्ट मांगी है। उन्हें तय प्रोफार्मा देकर गांवों में जाकर भौतिक सत्यापन करते हुए रिपोर्ट तैयार करने का निर्देश दिया है। उन्होंने कहा कि इसमें किसी तरह की लापरवाही क्षम्य नही होगी। इन 27 बिंदुओं में नहरों में टेल फीडिंग, शौचालय निर्माण, आवास निर्माण सहित विकास से संबंधित अन्य मामले शामिल हैं।
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डुमरियागंज। बस्ती मंडल के अपर आयुक्त राजाराम की अध्यक्षता में मंगलवार को आयोजित तहसील दिवस से भी फरियादी निराश लौटे। यहां कुल 51 मामले पेश हुए, इसमें सिर्फ छह के त्वरित निस्तारण के लिए ही टीम गठित की जा सकी। अन्य मामले संबंधित विभागों को सुपुर्द कर दिए गए। तहसील दिवस में पहुंचे अपर आयुक्त ने कहा कि मामलों का निर्धारित समय के अंदर समाधान करें। कोई भी शिकायत लंबित न रखा जाए। तहसील दिवस मे किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। तहसील दिवस में सबसे ज्यादा चकबंदी, पुलिस, बिजली और राजस्व से संबंधित मामले रहे। मौके पर किसी भी मामले का निस्तारण नहीं हो सका। छह मामलों के समाधान के लिए टीम गठित कर जांच को रवाना किया गया। इस दौरान एासडीएम राजेंद्र प्रसाद, तहसीलदार शिवमूर्ति सिंह, सीओ सुनील सिंह, बीडीओ सुशील कुमार अग्रहरि, ईओ शिवकुमार, बीईओ चंद्रभूषण पांडेय, एसओ राधेश्याम राय, ओमप्रकाश यादव, अधरचंद्र यादव और रमेशचंद्र श्रीवास्तव आदि मौजूद थे।
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लोहिया आवास का नहीं मिला सोलर व मजदूरी
डुमरियागंज। धोबहा मुस्तकहम गांव के दो दर्जन से अधिक लोगों ने शिकायती पत्र देकर लोहिया आवास बनाने की मजदूरी और सोलर लाइट नहीं मिलने की बात कही। गांव की मानती, गीता, सुमन, रामपति, फूलमती, संगीता, निर्मला, केसरादेवी, किसमता, पूनम, सरिता, इन्द्रावती आदि ने बताया कि वर्ष 2016 में उनके गांव में लोहिया आवास योजना के तहत उन्हें आवास दिया गया था, मगर आवास बनने के एक साल बाद भी अभी तक उन्हें सोलर लाइट और मजदूरी नहीं मिली है। लोगों ने कहा कि सोलर लाइट का 35 हजार और मजदूरी 15 हजार नहीं दिया गया है।

साहब, मैं जिंदा हूं...
डुमरियागंज। चौखड़ा गांव निवासी परदेशी ने अपर आयुक्त से कहा कि साहब मैं जिंदा हूं। बावजूद उनके नाम से एक युवक को फर्जी ढंग से वरासत कर दी गई है। उसने कहा कि 9 जून 2015 में एक युवक को फर्जी ढंग से उसका बेटा बनाकर वरासत कर दिया गया। रिकार्ड में उसे मृत दिखाया गया है। परदेशी ने जमीन हड़पने वाले जालसाजों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की। परदेशी के भाई विदेशी के पुत्र लवकुश व अर्जुन ने भी शिकायती पत्र देकर गांव के ही कुछ लोगों पर पिता के जिंदा रहते उसके पिता से फर्जी वरासत कराने का आरोप लगाया है। एसडीएम राजेंद्र प्रसाद ने मामले की जांच कर कार्रवाई का आश्वासन दिया।


लेखपाल पर लगाया मनमानी करने का आरोप
डुमरियागंज। पेड़रियाजीत गांव के बलराम चौरसिया ने शिकायती पत्र में बताया कि गांव का लेखपाल व उनके अन्य सहयोगी बाढ़ राहत सामग्री वितरण करने में घपलेबाजी और फर्जी कागज तैयार कर गांव के बाढ़ पीड़ितों के बजाए दूसरे गांव के लोगों को राहत सामग्री दे रहे थे। इतना ही नहीं राहत सामग्री के पैकेट में रिफाइन, मसाला, बिस्कुट और भूजा, चना व अरहर की दाल नहीं दे रहे थे। गांववालों ने आपत्ति जताई तो महिलाओं के साथ अभद्र व्यवहार करने लगे। लोगों ने सूची में अपात्र व्यक्तियों का नाम दर्ज कर उन्हें राहत सामग्री देने और दुर्व्यवहार करने वाले लेखपाल और उसके सहयोगियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। इस दौरान गांव के रामअनुज, गोविंद, सीता देवी, राहुल, राजमणि, राजमती, झिनका, रीना और सुरेंद्र आदि मौजूद थे।
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