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आचार संहिता का उल्लंघन करने वालों से निपटेगा प्रशासन
Mon, 11 Mar 2019 10:22 PM IST
brijesh kumar
ब्यूरो/अमर उजाला सिद्धार्थनगर
ब्यूरो/अमर उजाला सिद्धार्थनगर
Published by: brijesh kumar
Updated Mon, 11 Mar 2019 10:22 PM IST
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कलेक्ट्रेट सभागार में मीडिया से मुखातिब होते डीएम।
- फोटो : अमर उजाला
सिद्धार्थनगर। आदर्श आचार संहिता लागू होने के बाद भारत निर्वाचन आयोग से मिले निर्देशों का अनुपालन करने के लिए प्रशासन पूरी तौर से मुुस्तैद है। चुनाव से जुड़े अफसरों को हर गतिविधियों पर पैनी नजर रखने के लिए कड़ी हिदायत दी गई है। विधानसभा क्षेत्रवार वीडियो, स्टेटिक, व्यय लेखा व उड़न दस्ता का गठन करते हुए सक्रिय भी कर दिया गया है।
यह बात जिला निर्वाचन अधिकारी कुणाल सिल्कूू ने कही। वह सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। बताया कि आचार संहिता लगने के बाद किसी भी दल अथवा अभ्यर्थी की ओर से जातियों, धार्मिक और भाषायी समुदायों के बीच विद्यमान मतभेदों को बढ़ाने अथवा घृणा की भावना उत्पन्न करने या तनाव पैदा करने पर विशेष नजर रखी जाएगी। ध्वजदंड बनाने, ध्वज टांगने, सूचनाएं चिपकाने, नारे लिखने आदि के लिए किसी भी व्यक्ति की भूमि, अहाते, दीवार आदि को उनकी बिना उपयोग करने की अनुमति अपने अनुयायियों को नहीं देनी होगी। प्रचार के काफिले में 3 से ज्यादा वाहन एक साथ नहीं चल सकते हैं। शैक्षणिक संस्थाओं व उनके क्रीड़ागंन का उपयोग चुनाव प्रचार के लिए नहीं किया जा सकता है। अस्थायी चुनाव कार्यालय सरकारी अथवा व्यक्तिगत प्रापर्टी पर कब्जा करके किसी धार्मिक स्थल या उसकी परिधि में, किसी शैक्षणिक संस्था, अस्पताल या मतदान केंद्र के 2 सौ मीटर की परिधि में नहीं खोला जा सकता है। ऐसे कार्यालय पार्टी का सिर्फ एक झंडा और बैनर लगा सकते हैं। बताया कि आदर्श आचार संहिता लागू होने के समय सभी अधिकारी, कर्मचारी भारत निर्वाचन तयोग के अधीन कार्य करेंगे। वीडियो निगरानी टीम, स्टेटिक निगरानी टीम, व्यय लेखा टीम व उड़न दस्ता टीम प्रभावी रूप से कार्य करना प्रारंभ कर दिया है।
गठबंधन के बाद भी लगा सकेंगे एक ही झंडे
लोकसभा चुनाव में उम्मीदवारों के प्रचार वाहन में पार्टी अथवा प्रत्याशी का एक ही पोस्टर, बैनर व झंडा ही लगाया जा सकेगा। गठबंधन वाले प्रत्याशी को वाहन एक ही झंडा लगाने का निर्णय लेना होगा कि किस दल के झंडे को प्राथमिकता देनी है।
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एकाधिकार नहीं जमा सकेंगे
चुनाव के दौरान रैली अथवा सभाएं करने के लिए सार्वजनिक स्थलों पर किसी भी दल अथवा उम्मीदवार द्वारा एकाधिकार नहीं जमाया जा सकेगा। निर्वाचन सभाएं करने और चुनासव के संबंध में उड़ानों के लिए हेलीपैडो के इस्तेमाल करने के लिए सत्तापक्ष अथवा विपक्ष के प्रत्याशियों को सामान अवसर दिए जाएंगे।
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यह बात जिला निर्वाचन अधिकारी कुणाल सिल्कूू ने कही। वह सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। बताया कि आचार संहिता लगने के बाद किसी भी दल अथवा अभ्यर्थी की ओर से जातियों, धार्मिक और भाषायी समुदायों के बीच विद्यमान मतभेदों को बढ़ाने अथवा घृणा की भावना उत्पन्न करने या तनाव पैदा करने पर विशेष नजर रखी जाएगी। ध्वजदंड बनाने, ध्वज टांगने, सूचनाएं चिपकाने, नारे लिखने आदि के लिए किसी भी व्यक्ति की भूमि, अहाते, दीवार आदि को उनकी बिना उपयोग करने की अनुमति अपने अनुयायियों को नहीं देनी होगी। प्रचार के काफिले में 3 से ज्यादा वाहन एक साथ नहीं चल सकते हैं। शैक्षणिक संस्थाओं व उनके क्रीड़ागंन का उपयोग चुनाव प्रचार के लिए नहीं किया जा सकता है। अस्थायी चुनाव कार्यालय सरकारी अथवा व्यक्तिगत प्रापर्टी पर कब्जा करके किसी धार्मिक स्थल या उसकी परिधि में, किसी शैक्षणिक संस्था, अस्पताल या मतदान केंद्र के 2 सौ मीटर की परिधि में नहीं खोला जा सकता है। ऐसे कार्यालय पार्टी का सिर्फ एक झंडा और बैनर लगा सकते हैं। बताया कि आदर्श आचार संहिता लागू होने के समय सभी अधिकारी, कर्मचारी भारत निर्वाचन तयोग के अधीन कार्य करेंगे। वीडियो निगरानी टीम, स्टेटिक निगरानी टीम, व्यय लेखा टीम व उड़न दस्ता टीम प्रभावी रूप से कार्य करना प्रारंभ कर दिया है।
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गठबंधन के बाद भी लगा सकेंगे एक ही झंडे
लोकसभा चुनाव में उम्मीदवारों के प्रचार वाहन में पार्टी अथवा प्रत्याशी का एक ही पोस्टर, बैनर व झंडा ही लगाया जा सकेगा। गठबंधन वाले प्रत्याशी को वाहन एक ही झंडा लगाने का निर्णय लेना होगा कि किस दल के झंडे को प्राथमिकता देनी है।
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एकाधिकार नहीं जमा सकेंगे
चुनाव के दौरान रैली अथवा सभाएं करने के लिए सार्वजनिक स्थलों पर किसी भी दल अथवा उम्मीदवार द्वारा एकाधिकार नहीं जमाया जा सकेगा। निर्वाचन सभाएं करने और चुनासव के संबंध में उड़ानों के लिए हेलीपैडो के इस्तेमाल करने के लिए सत्तापक्ष अथवा विपक्ष के प्रत्याशियों को सामान अवसर दिए जाएंगे।