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पुलिस लाइन में जल संकट गहराया
Updated Sun, 30 Jul 2017 10:10 PM IST
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सिद्धार्थनगर। पुलिस लाइन में पांच दिनों से पानी के लिए हाहाकार मचा है। जलापूर्ति के लिए लगा मोटर खराब हो गया है। पीने से लेकर नहाने और कपड़ा धोने के लिए काफी कठिनाई हो रही है। करीब तीन सौ जवानों व उनके परिवारों को पानी के लिए भटकना पड़ रहा है। यह समस्या पांच दिनों से बनी है, लेकिन जिम्मेदार बेफिक्र हैं।
पुलिस लाइन में पुलिस कर्मियों के लिए बने आवासों तक पानी सप्लाई के लिए ओवरहेड टैंक बना हुआ है। 26 जुलाई को टैंक में पानी भरने के लिए लगा मोटर खराब हो गया था। इसकी वजह से जलापूर्ति ठप हो गई थी। पांच दिन गुजर चुके हैं, अभी तक खराबी दूर नहीं हुई है। नतीजा लाइन में संबद्ध पुलिस कर्मी, उनके परिवार के लोग पानी के लिए भटक रहे हैं। परिसर में लगे चंद हैंडपंपों के भरोसे जैसे-तैसे काम चल रहा है। सुबह से हैंडपंप पर भीड़ लग रही है। सबसे अधिक समस्या महिलाओं को हो रही है। बर्तन धुलने से लेकर कपड़े धोने तक के लिए पानी हैंडपंप से लेकर जाना पड़ रहा है। भूतल के आवास में रह रहे परिवारों के लिए तो कुछ गनीमत है, लेकिन दूसरी, तीसरी मंजिल पर रह रहे लोगों के लिए नीचे से पानी पहुंचाना टेढ़ी खीर साबित हो रहा है। नाम न छापने की शर्त पर कुछ पुलिस कर्मियों ने कहा कि जिस दिन से मोटर खराब हुआ है, उसी दिन से कई बार बनवाने के लिए कहा गया है। मगर जिम्मेदार कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं। पीने के लिए तो बाजार से पानी ले आते हैं, लेकिन नहाने, कपड़ा धुलने सहित अन्य दैनिक कार्यों में अधिक परेशानी हो रही है। इस संबंध आरआई सीबी सिंह ने बताया कि मोटर जल गया है। पानी की आपूर्ति के लिए हैंडपंप सही करवा दिया गया है। मोटर मरम्मत का काम चल रहा है, जल्द ही जलापूर्ति शुरू हो जाएगी।
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पुलिस लाइन में पुलिस कर्मियों के लिए बने आवासों तक पानी सप्लाई के लिए ओवरहेड टैंक बना हुआ है। 26 जुलाई को टैंक में पानी भरने के लिए लगा मोटर खराब हो गया था। इसकी वजह से जलापूर्ति ठप हो गई थी। पांच दिन गुजर चुके हैं, अभी तक खराबी दूर नहीं हुई है। नतीजा लाइन में संबद्ध पुलिस कर्मी, उनके परिवार के लोग पानी के लिए भटक रहे हैं। परिसर में लगे चंद हैंडपंपों के भरोसे जैसे-तैसे काम चल रहा है। सुबह से हैंडपंप पर भीड़ लग रही है। सबसे अधिक समस्या महिलाओं को हो रही है। बर्तन धुलने से लेकर कपड़े धोने तक के लिए पानी हैंडपंप से लेकर जाना पड़ रहा है। भूतल के आवास में रह रहे परिवारों के लिए तो कुछ गनीमत है, लेकिन दूसरी, तीसरी मंजिल पर रह रहे लोगों के लिए नीचे से पानी पहुंचाना टेढ़ी खीर साबित हो रहा है। नाम न छापने की शर्त पर कुछ पुलिस कर्मियों ने कहा कि जिस दिन से मोटर खराब हुआ है, उसी दिन से कई बार बनवाने के लिए कहा गया है। मगर जिम्मेदार कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं। पीने के लिए तो बाजार से पानी ले आते हैं, लेकिन नहाने, कपड़ा धुलने सहित अन्य दैनिक कार्यों में अधिक परेशानी हो रही है। इस संबंध आरआई सीबी सिंह ने बताया कि मोटर जल गया है। पानी की आपूर्ति के लिए हैंडपंप सही करवा दिया गया है। मोटर मरम्मत का काम चल रहा है, जल्द ही जलापूर्ति शुरू हो जाएगी।
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