{"_id":"59610d0a4f1c1b217c8b4704","slug":"131499532554-siddharthnagar-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"अब ग्राम प्रधान से लेंगे कार्य की रिपोर्ट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अब ग्राम प्रधान से लेंगे कार्य की रिपोर्ट
Updated Sat, 08 Jul 2017 10:19 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सिद्धार्थनगर। एएनएम, आशा व आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के कार्यों की मॉनिटरिंग और ग्राम स्वास्थ्य पोषण दिवस (वीएचएनडी) को प्रभावी बनाने के लिए मेगा कॉल सेंटर की स्थापना होगाी। प्रदेश स्तर पर स्थापित इस कॉल सेंटर से हर माह ग्राम प्रधान को फोन कर गतिविधियों का सत्यापन किया जाएगा। आंगनबाड़ी, एएनएम और आशा कार्यकर्ताओं को भी महीने में दो बार कॉल कर उनकी तैयारियों व गतिविधियों की रिपोर्ट ली जाएगी। इसके लिए जिले में कवायद शुरू हो गई है। जल्द ही प्रधानों व ग्रामीण स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षण देकर कॉल सेंटर के कार्य व्यवहार से अवगत कराया जाएगा।
कुपोषण और मातृ-शिशु मृत्यु दर को कम करना शासन के लिए चुनौती बनी हुई है। पोषाहार, हॉट कुक्ड जैसी तमाम योजनाओं के बावजूद न कुपोषण पर अंकुश पर लग पा रहा है। लिहाजा ग्राम स्वास्थ्य पोषण दिवस को प्रभावी बनाने के लिए शासन ने आंगनबाड़ी, आशा और एएनएम के कार्यों को त्रिस्तरीय मॉनिटरिंग सिस्टम के दायरे में लाने की तैयारी की है। इसके तहत राज्य स्तर पर स्थापित कॉल सेंटर के माध्यम से संवाद स्थापित कर न सिर्फ एक-दूसरे के कार्यों का सत्यापन होगा, बल्कि प्रधान के माध्यम से उसकी क्रॉस चेकिंग भी होगी। हर स्तर पर मिले फीडबैक के आधार पर कॉल सेंटर जिलाधिकारी को रिपोर्ट देगा। उनके स्तर पर इसमें सुधार व सुझाव को अमल में लाया जाएगा। कॉल सेंटर का मकसद स्वास्थ्य, बाल विकास व पंचायती राज विभाग के बीच संवाद स्थापित कर ग्राम स्वास्थ्य पोषण दिवस को प्रभावी ढंग से लागू करना है। जिला कार्यक्रम अधिकारी अजय कुमार त्रिपाठी के मुताबिक शासन के निर्देश के बाद इसके लिए जिला स्तर पर तैयारी तेज कर दी गई है। जल्द ही सभी को प्रशिक्षित किया जाएगा।
पूछे जाएंगे ऐसे सवाल
मेगा कॉल सेंटर से एएनएम, आशा व आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को प्रत्येक पोषण दिवस से पूर्व व बाद में कॉल आएगी, जबकि प्रधान को माह में एक बार कॉल कर उनका फीडबैक लिया जाएगा। सभी से सवाल भी अलग-अलग पूछे जाएंगे। एएनएम से गांव में गर्भवती महिलाओं की संख्या, उनमें वितरण के लिए आयरन की गोली, जांच के लिए किट की उपलब्धता, वजन, टीकाकरण, खून की कमी जैसे सवाल होंगे तो सत्र के बाद उसकी रिपोर्ट ली जाएगी। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को बताना होगा कि उन्होंने सप्ताह में कितने घरों का भ्रमण किया और कितने बच्चे लाल-पीली श्रेणी के पाए गए। किसी एक घर की महिला का मोबाइल नंबर भी बताना होगा।
विज्ञापन
ब्लाक स्तर पर कल होगा प्रशिक्षण
मेगा कॉल सेंटर की कार्यविधि समझाने के लिए ब्लाक स्तर पर 10 जुलाई को सभी प्रधान, एएनएम, आशा व आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का प्रशिक्षण होगा। तय तिथि पर सुबह 11 बजे से ब्लाक मुख्यालय पर प्रधानों व आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का प्रशिक्षण होगा, जबकि अपराह्न दो बजे बजे से आशा व एएनएम को संबंधित पीएचसी-सीएचसी पर प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण के बाद इसकी फोटो भी 12 जुलाई की शाम 5 बजे तक डीएम कार्यालय को उपलब्ध करानी होगी।
---
विज्ञापन
कुपोषण और मातृ-शिशु मृत्यु दर को कम करना शासन के लिए चुनौती बनी हुई है। पोषाहार, हॉट कुक्ड जैसी तमाम योजनाओं के बावजूद न कुपोषण पर अंकुश पर लग पा रहा है। लिहाजा ग्राम स्वास्थ्य पोषण दिवस को प्रभावी बनाने के लिए शासन ने आंगनबाड़ी, आशा और एएनएम के कार्यों को त्रिस्तरीय मॉनिटरिंग सिस्टम के दायरे में लाने की तैयारी की है। इसके तहत राज्य स्तर पर स्थापित कॉल सेंटर के माध्यम से संवाद स्थापित कर न सिर्फ एक-दूसरे के कार्यों का सत्यापन होगा, बल्कि प्रधान के माध्यम से उसकी क्रॉस चेकिंग भी होगी। हर स्तर पर मिले फीडबैक के आधार पर कॉल सेंटर जिलाधिकारी को रिपोर्ट देगा। उनके स्तर पर इसमें सुधार व सुझाव को अमल में लाया जाएगा। कॉल सेंटर का मकसद स्वास्थ्य, बाल विकास व पंचायती राज विभाग के बीच संवाद स्थापित कर ग्राम स्वास्थ्य पोषण दिवस को प्रभावी ढंग से लागू करना है। जिला कार्यक्रम अधिकारी अजय कुमार त्रिपाठी के मुताबिक शासन के निर्देश के बाद इसके लिए जिला स्तर पर तैयारी तेज कर दी गई है। जल्द ही सभी को प्रशिक्षित किया जाएगा।
विज्ञापन
पूछे जाएंगे ऐसे सवाल
मेगा कॉल सेंटर से एएनएम, आशा व आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को प्रत्येक पोषण दिवस से पूर्व व बाद में कॉल आएगी, जबकि प्रधान को माह में एक बार कॉल कर उनका फीडबैक लिया जाएगा। सभी से सवाल भी अलग-अलग पूछे जाएंगे। एएनएम से गांव में गर्भवती महिलाओं की संख्या, उनमें वितरण के लिए आयरन की गोली, जांच के लिए किट की उपलब्धता, वजन, टीकाकरण, खून की कमी जैसे सवाल होंगे तो सत्र के बाद उसकी रिपोर्ट ली जाएगी। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को बताना होगा कि उन्होंने सप्ताह में कितने घरों का भ्रमण किया और कितने बच्चे लाल-पीली श्रेणी के पाए गए। किसी एक घर की महिला का मोबाइल नंबर भी बताना होगा।
विज्ञापन
ब्लाक स्तर पर कल होगा प्रशिक्षण
मेगा कॉल सेंटर की कार्यविधि समझाने के लिए ब्लाक स्तर पर 10 जुलाई को सभी प्रधान, एएनएम, आशा व आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का प्रशिक्षण होगा। तय तिथि पर सुबह 11 बजे से ब्लाक मुख्यालय पर प्रधानों व आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का प्रशिक्षण होगा, जबकि अपराह्न दो बजे बजे से आशा व एएनएम को संबंधित पीएचसी-सीएचसी पर प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण के बाद इसकी फोटो भी 12 जुलाई की शाम 5 बजे तक डीएम कार्यालय को उपलब्ध करानी होगी।
---